मेरे पसंदीदा गीत: सेलिना जेटली
इन दिनों आपके आइ पॉड में क्या बज रहा है ?
फिलहाल मैं दो दिन पहले ही मॉरिशस से लौटी हूं तो इन दिनों मेरे आइ पॉड में टॉप फ्रेंच गीत बज रहे हैं. साथ ही बहुत दिनों बाद राहत फतेह अली खां साहब के गीतों तथा गज़लों का खूबसूरत संग्रह मेरे हाथ लगा है. यह मेरे एक दोस्त ने मुझे तोहफे के रूप में दिया है. वह भी इन दिनों मेरे आइ पॉड में बज रहा है. दरअसल मुझे संगीत इतना पसंद है कि हर वक़्त मेरा आइ पॉड ऑन रहता है.
किस तरह का संगीत आप पसंद करती हैं और किस तरह का संगीत आपको इरिटेट करता है ?
मुझे सूफी रॉक, गज़ल तथा नज़्म बहुत पसंद है. साथ ही हिंदुस्तानी संगीत भी मुझे बहुत पसंद है. गायकी की यदि आप बात करें तो मैं राहत फतेह अली खां साहब की बहुत बडी फैन हूं. उनके गाए हुए हर गीत, गज़ल तथा नज़्म मुझे पसंद है. साथ ही बडे गुलाम अली खां साहब की गायकी भी मुझे बहुत पसंद है. सच कहूं तो नए गीतों से अधिक मुझे साठ सत्तर के दशक के गीत बहुत पसंद है. हिंदी ही नहीं मुझे पूराने इंग्लिश क्लासिक भी बहुत पसंद है. जिस संगीत में मेलोडी से अधिक हल्ला गुल्ला हो वह संगीत मुझे बहुत इरिटेट करता है. साथ ही जिन गीतों में कोई अर्थ न हो वह गीत मुझे बिल्कुल पसंद नहीं.
आपके अनुसार हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्में 'ओम शांती ओम", 'सांवरिया", 'आजा नचले", 'खोया खोया चांद" तथा 'दस कहानियां" में से किसका संगीत सबसे अधिक अच्छा है ?
सर्वश्रेष्ठ तो मैं किसी को नहीं कहूंगी क्योंकि हर फिल्म में मेरा एक फेवरिट गाना है. मगर हां व्यावसायिक तौर पर देखा जाए तो 'ओम शांती ओम" का संगीत बहुत अच्छा है. साथ ही दस कहानियां का म्यूज़िक भी मुझे अच्छा लग रहा है इसमें कुछ नई बात मुझे लग रही है. यूं भी संजय गुप्ता की सभी फिल्मों के संगीत अच्छे ही होते हैं. 'खोया खोया चांद" का संगीत मैंने अभी सुना नहीं है सो मैं उस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगी.
आपके पांच ऑल टाइम फेवरिट गाने ?
पांच गानों में तो मेरे फेवरिट समाएंगे नहीं मगर मैं कोशिश ज़रूर करूंगी. मुझे 'पाकिज़ा" का 'चलते चलते", बडे गुलाम अली खां साहब का 'चुपके चुपके", 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे" का 'तुझे देखा तो ये जाना सनम", 'लम्हें" का 'मोरनी बागा मा" तथा 'सागर" का 'सागर किनारे दिल ये पुकारे" गीत बहुत पसंद है.
ऐसा संगीत जिसे सुनकर आप नाचने लगती हैं ?
ऐसा संगीत हमारी फिल्मों में बहुत है जिसे सुनकर नाचने का दिल करता है. मैं श्रीदेवी जी कि बहुत बडी फैन हूं. उनके कुछ ऐसे गीत हैं जिसे सुनकर मुझे कुछ होने लगता है. जैसे 'चांदनी" का 'मेरे हाथों में नौ नौ चुडियां है" और 'लम्हे" का 'मोरनी बागा मा बोले" प्रमुख है. साथ ही मुझे क्लासिकल गीत भी बहुत अच्छे लगते हैं उन्हें सुनकर मेरा तो क्या, किसी का भी दिल करेगा नाचने को.
आपको रिमिक्स पसंद है या ओरिजिनल ?
देखिए ओरिजिनल की बात ही कुछ और है. रिमिक्स के बारे में यह कहना चाहूंगी कि एक तरफ से यह अच्छी बात है कि पूराने गीत रिमिक्स के ज़रिए फिर एक बार दोहराए जा रहे हैं. यह वह गीत हैं जो हमारे बुज़ुर्गों के ज़माने का हिस्सा रह चुके हैं. दरअसल बात यह है कि हम भारतीय स्वभाव से बहुत संगीतमय है. साथ ही रिमिक्स के ज़रिए यह भी पता चलता है कि यह गीत कितना पॉप्यूलर था जो आज भी लोगों के दिलों को सुकून दे रहा है.
आपका सबसे पसंदीदा रोमांटिक गीत कौन सा है ?
(हंसते हुए) हे भगवान. बहुत हैं मेरे तो, पता नहीं किसका नाम लूं. मुझे फिल्म 'द ग्रेट गैम्बलर" का 'दो लफ्ज़ों की है दिल की कहानी" बहुत पसंद है.
आपके अनुसार आज का संगीत, पूराने संगीत से अच्छा है, उसके बराबर है या उससे काफी नीचे है ?
सबसे पहले तो यह कहना चाहूंगी कि संगीत की तुलना नहीं की जा सकती. संगीत हमेशा रुह को सुकून देता है. मेरे अनुसार संगीत का माहौल ही नहीं बल्कि उसके राग भी बदल चुके हैं. मैं यह नहीं कहती कि आज का संगीत खराब है जिस तरह से नए नए संगीतकार आ रहे हैं उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि संगीत के क्षेत्र में काफी विकास हो रहा है. जहां तक पूराने गीतों की बात है वह दशक ही काफी रोमांटिक था सो ज़ाहिर सी बात है उसके गीत यादगार होंगे ही. मगर कुछ फिल्म जैसे 'खोया खोया चांद" 'देवदास" के माध्यम से वह दौर एक बार फिर लौट रहा है. यह मेरे लिए सबसे अधिक खुशी की बात है क्योंकि मैं इस तरह के गीतों की शौकीन हूं.


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