बॉलीवुड में अब नहीं गाना चाहते जगजीत

जगजीत कहते उन्हें लगता है कि हिंदी फिल्मकार पैसे के पीछे भागने लगे हैं। संगीत अब बचा नहीं है। इन दिनों ज्यादातर युवा सुरीले गीत पसंद कर रहे हैं लेकिन बॉलीवुड की गजलों में रुचि नहीं है। फिल्मोद्योग केवल पैसा बनाने में लगा हुआ है। जगजीत सिंह ने 'तुमको देखा तो ये ख्याल आया', 'बड़ी नाजुक है ये मंजिल', 'होशवालों को खबर क्या', और 'तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो' जैसी गजलें बॉलीवुड को दी हैं।
उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहता कि समय के साथ बॉलीवुड को बदलना नहीं चाहिए लेकिन यह हमेशा पैसा बनानेवाले व्यवसाय के रूप में ही काम करे ऐसा नहीं होना चाहिए था। जगजीत सिंह पिछले चार दशकों से गजल गायकी में सक्रिय रहे हैं। उनके अब तक 50 एलबम निकल चुके हैं। वे पंजाबी, हिंदी, उर्दू, बांग्ला, गुजराती और सिंधि नेपाली में गाते है।


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