संगीत प्रेमियों के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट

कंप्यूटर उत्पादों और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ी अमरीकी कंपनी एप्पल ने इस सुविधा को 'पिंग' का नाम दिया है. 'पिंग' का मकसद संगीत के शौकीनों को एक दूसरे से जुड़ने में मदद करना है. यह वेबसाइट ट्विटर की तरह काम करेगी.
यह नई सेवा एप्पल के सॉफ्टवेयर 'आई-ट्यून्स" के ज़रिए उपलब्ध होगी. 'आई-ट्यून्स", कंप्यूटर और इंटरनेट पर गानों और संगीत से जुड़ी सामग्री को सहेजने वाला सॉफ्टवेयर है. पिंग का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स न सिर्फ एक दूसरे जुड़ सकेंगे बल्कि एक समय में वो किन गानों को सुन रहे हैं इसकी एक सूची भी वेबसाइट पर तैयार होती रहेगी.
सैन फ्रांसिसको में एक आयोजन के दौरान इस सुविधा को लोगों के सामने पेश करते हुए एप्पल के प्रतिनिधी जॉब्स ने कहा कि यह नई सेवा खास तौर पर संगीत प्रेमियों को एक दूसरे से जुड़ने और सोशल नेटवर्किंग का मौका देने के लिए है.
उन्होंने कहा, ''हमें उम्मीद है कि ये एप्लिकेशन जल्द ही लोकप्रिय हो जाएगा क्योंकि इसकी शुरुआत के साथ ही 16 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.'' 'आई-ट्यून्स" सॉफ्टवेयर के ज़रिए यह सेवा 'आई-फ़ोन्स" और 'आई-पॉड्स" पर भी उपलब्ध होगी.
जानकारों का मानना है कि सोशल नेटवर्किंग की दिशा में यह एक नया कदम है. यह सेवा सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स में एक नई जान फूंकेगी.संगीत के शौकीनों और संगीतकारों के लिए एक दूसरे से जुड़ने की इस तरह की सुविधा 'पिंग' से पहले 'माईस्पेस" नाम की वेबसाइट पर ही उपलब्ध थी.


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