रहमान ने मनाया 43वां जन्मदिन

रहमान को मोजार्ट आफ मद्रास के टाइटल से भी नवाजा गया है। वे ए एस दिलीप कुमार के नाम से 6 जनवरी 1966 में चेन्नई में पैदा हुए थे। उनका नाम ए एस दिलीप कुमार से अल्ला रख्खा रहमान उस समय हुआ जब उनके परिवार ने 1970 में इस्लाम धर्म कबूला।
बालीवुड में अपनी धाक जमा चुके ए आर रहमान हॉलीवुड तक अपनी पहुंच बना चुके है। हाल ही में उन्होंने डैनी बायल की फिल्म स्लमडॉग मिलिनयर में अपना संगीत दिया। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ संगीत की श्रेणी में नामांकित किया गया है।
छोटी सी उम्र में ही रहमान दिग्गजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। यकीन नहीं आता तो बिल्कुल अलग आवाज और गायकी के सबसे जुदा अंदाज के मालिक मशहूर गायक सुखविंदर सिंह को ही लीजिए, जो अपनी सफलता का श्रेय रहमान को देते हैं।
अपनी झोली में 11 फिल्मफेयर पुरस्कार डाल चुके रहमान आज इतनी बड़ी शख्सियत बन चुके हैं कि बॉलीवुड के नए और पुराने
गायक उनके साथ काम करने का सपना पालते हैं।
टेलीविजन रिएलिटी शो 'इंडियन ऑयडल' के पहले संस्करण के विजेता अभिजीत सावंत कहते हैं, "रहमान को बॉलीवुड का 'लिविंग लिजेंड' कहना गलत नहीं होगा। भारतीय फिल्म संगीत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने का श्रेय रहमान को ही जाता है। मेरे लिए उनके साथ काम करना किसी सपने के सच होने जैसा है।"
रामगोपाल वर्मा की फिल्म 'रंगीला' से बॉलीवुड का सफर शुरू करने वाले रहमान ने मणिरत्नम की यागदार फिल्म 'रोजा' से फिल्म संगीत की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म का एक गीत 'दिल है छोटा सा.' ने जबरदस्त धूम मचाई और इसी ने बॉलीवुड में रहमान के लिए रास्ता बनाया।
अपनी पहली फिल्म 'रंगीला' के गानों-'तन्हा-तन्हा, हए रामा और यारो सुनलो जरा' के जरिए रहमान हिंदी संगीत प्रेमियों के चहेते बन गए। इसके बाद तो उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इसके बाद रहमान ने 'दिल से', '1947 अर्थ', 'ताल', 'लगान', 'गुरु', 'रंग दे बसंती', 'जोधा अकबर' और हाल ही प्रदर्शित आमिर खान की महत्वाकांक्षी फिल्म 'गजनी' के गीत-संगीत के माध्यम से लोगों का लगातार मनोरंजन किया।
बॉलीवुड के बाद रहमान लंदन फिल्म जगत और हॉलीवुड में भी अपनी पैठ बनाते दिख रहे हैं। 2001 में रहमान ने ब्रॉडवे म्यूजिकल की 'बांबे ड्रीम्स' में संगीत दिया, जिसने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाई।
इसके अलावा रहमान ने जे.आर.आर. टोल्कीन की फिल्म 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' पर आधारित नाटक के लिए भी संगीत दिया। वर्ष 2006 में इसका प्रीमियर कनाडा और 2007 में लंदन में हुआ।


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