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INTERVIEW: मुझमें और अक्षय कुमार में कुछ नहीं बदला, सिर्फ हमारी उम्र घट गई है- विद्या बालन

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विद्या बालन 'फुल ऑफ लाइफ' हैं और उनसे बातचीत करना भी पत्रकारों के लिए उतना ही दिलचस्प रहता है। उनका आत्म विश्वास और बेबाकी से दिये गए जवाब दमदार होते हैं। फिल्म 'मिशन मंगल' अगले गुरुवार रिलीज होने वाली है। ऐसे में फिल्मीबीट ने एक्ट्रेस विद्या बालन से मुलाकात की, जहां उन्होंने बताया कि मिशन मंगल की स्क्रिप्ट पर उन्होंने तुरंत हामी भर दी थी। विद्या बालन ने कहा कि मिशन मंगल साइंस से संबंधित फिल्म होने पर भी पूरी तरह से मनोरंजक है। यह आपको ज्ञान नहीं देगी।

मिशन मंगल के साथ अक्षय कुमार और विद्या बालन 12 सालों के बाद साथ आए हैं। इन्होंने हे बेबी और भूल भूलैया जैसी बेहतरीन फिल्में दी हैं। विद्या ने कहा कि उनके बीच आज भी कुछ नहीं बदला, वो दोनों सेट पर उतनी ही मस्ती करते हैं और साथ काम करना उत्साहवर्धक होता है। 2017 में आई दमदार फिल्म 'तुम्हारी सुलु' के बाद विद्या मिशन मंगल में नजर आएंगी। जाहिर है बेसब्री से उनका इंतजार किया जा रहा है।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

लंबे समय के बाद अक्षय कुमार के साथ काम कर रही हैं। कुछ बदलाव पाया आपने?

लंबे समय के बाद अक्षय कुमार के साथ काम कर रही हैं। कुछ बदलाव पाया आपने?

कोई बदलाव नहीं आया है। बस दोनों की उम्र घट गई है। हम दोनों आज 12 सालों के बाद भी उतनी ही मस्ती करते हैं। अक्षय के साथ मैंने हे बेबी और भूल भूलैया की है और उन्हीं के साथ मैंने लोगों पर प्रैंक करना सीखा है। अब मैं उनका फॉरम्यूला उन्हीं पर इस्तेमाल करती हूं।

अक्षय काफी बड़े प्रैंकस्टर माने जाते हैं। इस फिल्म में आपके साथ उन्होंने कोई प्रैंक खेला?

अक्षय काफी बड़े प्रैंकस्टर माने जाते हैं। इस फिल्म में आपके साथ उन्होंने कोई प्रैंक खेला?

एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन वो कुछ ना कुछ ऐसा करते ही थे। सभी के साथ। हमारी साड़ी के पल्लू में कभी चम्मच बांध देते थे, कभी एक दूसरी की साड़ियों के पल्लू को साथ बांध देते थे। कई बार उन्होंने ऐसा किया.. और इतने शातिर तरीके से वो करते हैं कि किसी को पता भी नहीं चलता।

22 जुलाई को 'चंद्रयान 2' का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। क्या महसूस करती हैं?

22 जुलाई को 'चंद्रयान 2' का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। क्या महसूस करती हैं?

(हंसते हुए) इसके बारे में तो मैं यही कहना चाहूंगी कि हमें इससे बड़ी पब्लिसिटी नहीं मिल सकती थी। खैर, एक भारतीय नागरिक के तौर पर मैं गर्व महसूस करती हूं। चंद्रयान मिशन में भी महिलाओं का काफी योगदान रहा है इसीलिए मुझे और खुशी होती है।

हाल ही में तीन तलाक और आर्टिकल 370 को लेकर बड़ा फैसला किया गया। आप इस पर क्या विचार रखती हैं?

हाल ही में तीन तलाक और आर्टिकल 370 को लेकर बड़ा फैसला किया गया। आप इस पर क्या विचार रखती हैं?

तीन तलाक

मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं। लेकिन तीन तलाक को हटाने के फैसले पर मैं सरकार से सहमत हूं। मुझे यह अन्याय लगता है कि आप अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोल दें और सब खत्म। यदि अपने पति से भी पलट कर आप यही कह सकते तो फिर उचित था। लेकिन सिर्फ महिला पर यह लागू होना मुझे अनुचित लगता है। यदि मैं इससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हूं तो माफी चाहती हूं।

आर्टिकल 370

थोड़ा बहुत तो इस बारे में जानते थे, लेकिन मुझे लगता है इतनी जानकारी नहीं है कि मैं कुछ कमेंट कर सकूं। हां, व्यक्तिगत तौर पर एक भारतीय होने के नाते मैं खुश हूं। यह एक ठोस कदम है.. लेकिन मेरा सोचना है कि यह सिर्फ भूगोलिक एकीकरण नहीं है, बल्कि दिल से कश्मीर के लोग भी इसे अपनाएं, दिल से पूरा भारत साथ हो.. यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।

आपकी सह कलाकार रहीं अभिनेत्रियों ने कहा कि वह आपको आइडल मानती हैं, क्योंकि आपके साथ महिला प्रधान फिल्में एक बार फिर ट्रेंड में आईं?

आपकी सह कलाकार रहीं अभिनेत्रियों ने कहा कि वह आपको आइडल मानती हैं, क्योंकि आपके साथ महिला प्रधान फिल्में एक बार फिर ट्रेंड में आईं?

मुझे लगता है कि मैं सही वक्त पर, सही जगह में थी और मुझे द डर्टी पिक्चर, कहानी, इश्किया, नो वन किल्ड जेसिका जैसी फिल्में मिलीं। उस वक्त धीरे धीरे बदलाव आ रहा था। डर्टी पिक्चर से एकदम ही बॉम्ब फूट गया। लेकिन हम सब उस बदलाव के हिस्सेदार हैं। मुझे यह देखकर बेहद खुशी होती है कि आज इतनी सारी महिला केंद्रित फिल्में बन रही हैं और सफल भी हो रही हैं।

मिशन मंगल में आप सबके किरदारों को जैसा दिखाया गया है, मानती हैं कि उन लोगों की मानसिकता में बदलाव लाएगा जो महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में कमज़ोर सोचते हैं?

मिशन मंगल में आप सबके किरदारों को जैसा दिखाया गया है, मानती हैं कि उन लोगों की मानसिकता में बदलाव लाएगा जो महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में कमज़ोर सोचते हैं?

हम सब देखकर ही राय बनाते हैं। ये हमारी फिदरत है। हम किसी को जानने का मौका नहीं देते और उनकी काबिलियत आंक लेते हैं। लेकिन परेशानी ये आती है कि हमने ये मान लिया है कि पॉवरफुल महिलाएं ऐसी ही दिखती हैं। सूट मे हो, बाल छोटे हों, अंग्रेजी बोलती हो.. वैगरह वैगरह। और साड़ी में जो महिलाएं हैं वो घर संभाल सकती हैं। लेकिन मिशन मंगल में ये सब बहुत सशक्त महिलाएं हैं, इन्होंने मंगलयान को अंतरिक्ष में भेजा। फिलहाल धारणा बदल रही है। वक्त लगेगा, लेकिन लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है।

आपको लेकर भी इंडस्ट्री में राय बनाई गई थी?

आपको लेकर भी इंडस्ट्री में राय बनाई गई थी?

हां, इंडस्ट्री में जब मैं आई थी तो शुरुआती सालों में ही एक बार मैंने अपना वजन बहुत कम लिया था। तो लोगों ने मुझे कहना शुरु किया कि बहुत दुबली हो गई हो, चार्म चला गया है। मैंने सोचा, जब मोटी थी तो कहते थे कि वजन घटाओ, अब जब मैं दुबली हो गई तो कह रहे हैं कि चार्म चला गया। मैं नाम नहीं लूंगी, लेकिन एक प्रोड्यूसर ने मुझे सच में फिर से वजन बढ़ाने की सलाह दी थी। उसी वक्त मैंने सोच लिया था कि अपने व्यकित्व से आप खुद को खुश रखें, वह जरूरी है। बाकी पूरी दुनिया कभी संतुष्ट नहीं होगी। अब मुझे किसी और की सोच का फर्क नहीं पड़ता।

एक समय था, जब लोग कहते थे कि विद्या जो भी फिल्म करेगी, वो हिट होगी। लेकिन फिर बीच में कुछ वक्त रहा जब फिल्में उतना कमाल नहीं दिखा पाईं। इस उतार चढ़ाव को किस तरह देखती हैं?

एक समय था, जब लोग कहते थे कि विद्या जो भी फिल्म करेगी, वो हिट होगी। लेकिन फिर बीच में कुछ वक्त रहा जब फिल्में उतना कमाल नहीं दिखा पाईं। इस उतार चढ़ाव को किस तरह देखती हैं?

ये उतार चढ़ाव जिंदगी का हिस्सा है.. तो करियर का भी हिस्सा है। हां, जब आप नीचे जाने लगते हैं तो कभी कभी ऐसा लगता है कि क्या गलत हो रहा है, मैं गलत कर रही हूं जो फिल्में नहीं चल रही है। और मैं पहले क्या सही कर रही थी। लेकिन फिर मैंने समझ लिया कि ना एक इंसान से फिल्म बनती है, ना बिगड़ती है। यहां सफलता या असफलता पूरी टीम की होती है।

आप साल- दो साल में एक फिल्म करती हैं। रेस में पीछे रह जाने का डर नहीं लगता?

आप साल- दो साल में एक फिल्म करती हैं। रेस में पीछे रह जाने का डर नहीं लगता?

मैं रेस के बारे में सोचती ही नहीं हूं। अभी नहीं, बल्कि कभी नहीं सोचा है। मैं फिल्में करती हूं क्योंकि मुझे ये काम पसंद है। मुझे इससे खुशी मिलती है। शायद इसीलिए मैं ज्यादा फिल्में करने के होड़ में भी नहीं हूं। साल में एक फिल्म करती हूं, लेकिन वह मुझे संतुष्टि दे। मैं वैसी ही फिल्म करना चाहती हूं जिसके प्रति मैं पूरी तरह से समर्पित हो सकूं।

किस तरह की स्क्रिप्ट या कहानी आपको आकर्षित करती है?

किस तरह की स्क्रिप्ट या कहानी आपको आकर्षित करती है?

किसी स्क्रिप्ट को पढ़कर यदि मुझे लगे ना इस किरदार को मैं जीना चाहती हूं। इसमें कुछ दिलचस्प है, जिससे मैं जुड़ सकती हूं। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि फिल्म की स्क्रिप्ट उम्दा होती है, लेकिन उस किरदार से आप नहीं जुड़ पाते.. तो फिर मैं वो फिल्म नहीं करती। मिशन मंगल की स्क्रिप्ट जब आई तो मुझे लगा कि इसमें सब कुछ है। साइंस भी इस तरह से है कि सबकी समझ में आए। फिल्म में इंटरटेनमेंट है।

English summary
In an interview with Filmibeat, brilliant actress Vidya Balan says, Mission Mangal is a complete entertainer and I said Yes to this film in a go.
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