जल्द ही 100 करोड़ क्लब में शामिल होगा दक्षिण सिनेमा : नागार्जुन
रजनीकांत की फिल्म 'एंथीरन' को 200 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली पहली भारतीय फिल्म कहा जाता है। इसके बाद बॉलीवुड की कई फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये की आय का आंकड़ा पार किया लेकिन दक्षिण भारत की कोई भी फिल्म इस सफलता को दोहरा नहीं पाई। लोकप्रिय अभिनेता अक्कीनेनी नागार्जुन ने कहा कि 'अक्रामक विपणन' और 'व्यापक बाजार' से इसे संभव बनाया जा सकता है।

नागार्जुन ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "हम अगले दो या तीन वर्ष में 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो जाएंगे। जिस तरह से तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री प्रगति कर रही है उससे सबसे पहले उसके ही इस क्लब में पहुंचने की आशा है। इसके बाद तेलुगू और अन्य भाषाओं की फिल्में उसका अनुकरण करेंगी। मेरे विचार से यह बस समय का मामला है।"
हाल के समय में विजय की फिल्म 'थुपक्की' ने 80 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। बहरहाल उसकी लागत 70 करोड़ रुपये थी।
नागार्जुन ने कहा, "हमें समझने की जरूरत है कि बॉलीवुड के पास बड़ा बाजार है। एक हिंदी फिल्म पूरे देश में रिलीज होती है। लेकिन एक दक्षिण भारतीय फिल्म केवल अपने ही प्रांत में चलती है। यदि वह अन्य राज्यों में भी रिलीज होती है तो उसका दायरा सीमित होता है।"
शाहरुख खान की चेन्नई एक्सप्रेस ने केवल तमिलनाडु में ही पहले तीन हफ्तों में आठ करोड़ रुपये की कमाई की।
नागार्जुन ने कहा कि हिंदी फिल्म 2,000 से अधिक मल्टीप्लेक्स में रिलीज होती है जबकि एक तेलुगू फिल्म 200 मल्टीप्लेक्स में ही रिलीज होती है। इसके साथ ही हिंदी फिल्मों का विदेशों में भी बाजार है। वास्तव में अब हिंदी फिल्म एक साथ वैश्विक स्तर पर जारी होती है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षो में बॉलीवुड की फिल्मों की डबिंग विदेशी भाषाओं में भी हुई है, जबकि दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों की डबिंग विदेशी भाषाओं में नहीं होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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