Interview सोहा अली खान: मां बनने के बाद 2 साल तक मैं खुद को भूल गई, यह मेरी बड़ी गलती थी
बचपन में जासूस बनने का शौक जवानी में सोहा अली खान को फिल्म इंडस्ट्री की तरफ लेकर आया है। मां बनने के बाद बहुत कम लेकिन जब भी सोहा अली खान स्क्रीन पर आती हैं तो अपनी छाप छोड़ जाती हैं। जल्द ही वह अमेजन प्राइम वीडियो की सीरीज 'हश हश' में दिखाई देंगी।

सोहा अली खान ने Filmibeat Hindi फिल्मीबीट हिंदी से बातचीत में बताया कि क्या अभी भी वह मां बनने की जिम्मेदारी संभालते हुए लिखने-पढ़ने में खुद को शामिल रखना पसंद करती हैं? साथ ही उन्होंने कामकाजी मां होने के दौरान आने वाली चुनौती पर भी अपने विचार जाहिर किए हैं। इन दिनों सोहा, वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की बायोपिक के निर्माण में भी जुटी हुई हैं। यहां पढ़ें एक दिलचस्प बातचीत।

बचपन में लिखना और पढ़ने का शौक, जासूस बनना था
जब मैं छोटी थी, तो मुझे जासूस बनना था या फिर खोजी पत्रकार बनना था। हम दिल्ली में रहते थे, वहां पर तब गेट नहीं होता था। एक चौकीदार था, जो रात में सो जाता और हम बाहर आते-जाते रहते थे। हमारा परिवार बड़ा था। परिवार में सबके पास जाकर मैं देखती और नोट बुक में नोट्स बनाती थी। मेरे पिता ने मुझे एक बार राय दी थी कि कुछ भी नहीं लिखना चाहिए। मेरे ख्याल से एक इंसान के तौर पर वह भी हश हश थे। मैं काफी डायरी लिखा करती थी। अब जब उन्हें पढ़ती हूं तो सोचती हूं , मैं कितनी नासमझ थी। मैं अपनी बेटी को भी लिखने के साथ काफी कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।

हश-हश चार दोस्तों की कहानी
हम सब चार दोस्त हैं, जो एक ही काॅमप्लेक्स में रहते हैं और शुरुआत में ही ऐसा कुछ होता है फिर सभी के बीच और रिश्ता गहरा होता जाता है। मैं सीरीज में शादीशुदा महिला की भूमिका में हूं जिसके दो बच्चे हैं। जो कि एक खोजी पत्रकार है,अपने परिवार को लेकर हिफाजती हूं । जो कि अपने दिमाग से बात करती है। मैंने इससे पहले अच्छे किरदार निभाए हैं जहां दयालुपन है, लेकिन इस बार मेरे लिए करने के लिए नयापन था।

निर्देशक तनुजा का जादुई काम
निर्देशक तनुजा चंद्रा गलती करने में यकीन रखती हैं। हश हश की शूटिंग के दौरान उनके साथ काम करने का अनुभव यादगार रहा है। कई बार ऐसा होता है जब डायरेक्टर डायलॉग में अगर कोई गलती हो या फिर साड़ी का पल्लू गिर गया तो फिर से शॅाट शूट किया जाता है।
मेरे ख्याल से वह अपूर्णता के जादू में यकीन रखती हैं। जो आप दोबारा नहीं कर सकते हैं। मैं उनसे कहती थी कि क्या फिर से शॅाट करना है तो वो कहती थीं , नहीं गलती करना आम है। बस ये होना चाहिए कि आप जो संदेश देना चाहते हैं वो दर्शकों तक पहुंचना जरूरी है।

मां होना मेरे लिए सबसे पहली प्राथमिकता
मैं काफी समय बाद स्क्रीन पर आ रही हूं,। मैंने बच्चे को अपनी जिंदगी मेें लाने के बाद में सोचा है ताकि मैं उसके साथ समय बिता सकूं। मां होना मेरे लिए सबसे पहली प्राथमिकता है। कई बार लोग बोलते हैं कि महिला महान मल्टी टास्कर होती हैं, लेकिन मैं एक समय पर एक ही चीज कर सकती हूं मुझे एक साथ दो काम में संतुलन करना नहीं आत।

मैं खुश हूं यही बहुत है
मैंने महसूस किया कि जब मैं मां बनीं तो 2 साल मैं खुद को भूल गईं। मुझे अहसास है कि यह बड़ी गलती थी। लेकिन इसे समझने में 2 साल लग गए। फिर मैं कौन बनेगा शेखावटी और हश हश प्रोजेक्ट किए। इसके साथ भी कई सारे काम जैसे राइटिंग, ट्रेवल, वर्किंग आऊट, दोस्तों से मिलना। मुझे यह लगता है कि हम यहां पर बहुत थोड़े समय के लिए हैं और हम लोगों को पता ही नहीं है वो समय कब खत्म होगा। मेरे लिए सबसे प्रमुख है अपने प्रिय लोगों के साथ समय बिताना। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरे साथ चुनने का अवसर है, कई लोगों के पास यह मौका नहीं होता। मैं महसूस करती हूं कि मैं खुश हूं और यह बहुत है।

कामकाजी मां होना आसान नहीं
मां होने के साथ काम करना आसान नही है, एक गिल्ट भीतर रहता हैजैसे मैं अपनी बेटी को जैसे खाना खिलाती हूं वैसे कोई और नहीं खिला सकता। उसका पेट नहीं भरेगा। या वो काम अच्छे से नहीं करेगी।सबकुछ करना नामुमकिन है। बच्चे के लिए कम्युनिटी चाहिए। बेड टाइम के लिए मेरा होना जरूरी है। हमें थोड़ा सा रिलेक्स रहना चाहिए। मैं खुश हूं कि मैं यहां हूं और गर्व महसूस करती हूं कि यह सीरीज मैंने की, इसका प्रमोशन किया। यह मेरी टीम है और मेरा यहां पर रहना जरूरी है।


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