मधुबाला को सोचकर शम्मी कपूर लिखते थे गाने- श्रृद्धांजलि

शम्मी कपूर से उनके निधन के कुछ समय पहले हुई बातचीत के दौरान उनकी जिंदगी से जुड़े कई अनछुए पहलू सामने आए। शम्मी कपूर ने जब उनके मशहूर सांग याहू के बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा कि याहू शब्द नहीं बल्कि एक एहसास है जो हीरो को उसकी हिरोइन के अचानक मिल जाने पर होता है। इस गाने के दौरान शम्मी कपूर का उछलना कूदना और उनका अनोखा अंदाज काफी हिट हुआ था
शम्मी कपूर जब बॉलीवुड में आए थे तो वो बहुत पतले थे। उन्होने जब बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन मधुबाला के साथ रेल का डिब्बा फिल्म की तब मधुबाला ने उनसे कहा कि "आप बहुत पतले हैं। आप मेरे हीरो नहीं कुछ और ही लगते हैं। तो अपना वजन थोड़ा बढा़इये।" शम्मी कपूर ने तभी से बीयर पीनी शुरु की और अपना वजन काफी बढ़ा लिया। उसके बाद फिल्म तुम सा नहीं देखा फिल्म से शम्मी कपूर ने अपने फिल्मी करियर की एक नयी शुरुआत की और इस फिल्म के लिए उन्होने अपना लुक और अपना अंदाज सबकुछ काफी बदल लिया। इसी फिल्म की अभूतपूर्व सफलता ने शम्मी कपूर को सफलता की उन ऊंचाईयों तक पहुचा दिया जहां पहुचने के ख्वाब हर एक्टर देखता है।
शम्मी कपूर को संगीत का बहुत शौक था। उन्हें आसमांन मं चांद को देखते हुए गाने गाना बेहद पसंद था। उन्होने बताया कि जब वो गाने लिखते थे तो उन्हें मधुबाला का चेहरा याद आता था क्योंकि उन्होने अपनी जिंदगी में मधुबाला से ज्यादा हसीन लड़की कभी नहीं देखी।
इतनी जल्दी फिल्म इंडस्ट्री छोड़ देने की वजह पूछने पर शम्मी कपूर ने कहा "मैनें बहुत वजन बढ़ा लिया था। इस बढ़े हुए वजन के चलते मुझे उछलने कूदने में बहुत परेशानी होती थी कई बार मैने खुद को घायल भी कर लिया था। इसीलिये जब मुझे लगा कि अब मैं वो सब नहीं कर सकता जो करने के लिए मैं मशहूर हूं तो मैने फिल्में करनी छोड़ दीं।"
आज भी बॉलीवुड में शम्मी कपूर का अंदाज और उनकी उछलती कूदती तस्वीर हमेशा बॉलीवुड के आज के सितारों के लिए एक मिसाल है। उन्होने हिन्दी सिनेमा के शांत और गंभीर एक्टरों के बीच में अपनी एक अलग और हिट पहचान बनाई है जो हमेशा उन्हें बॉलीवुड में जिंदा रखेगी।


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