इश्क विश्क से अपनी रोमांटिक व चॉकलेटी हीरो की इमेज को लेकर शाहिद कपूर का फिल्मी करियर आगे बढ़ा। कमीने फिल्म ने इस करियर को एक तेजी दी और शाहिद बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर के रुप में स्टैबलिश हुए। कुछ समय के लिए शाहिद इंडस्ट्री से गायब से हो गये लेकिन आर राजकुमार ने दोबारा से शाहिद की इस रोमांटिक इमेज को तोड़कर उन्हें एक एक्शन हीरो के रुप में परदे पर दिखाया। अब शाहिद अपने करियर की सबसे मुश्किल फिल्म हैदर में नज़र आने वाले हैं। फिल्म शेक्सपीयर के नॉवेल हेमलेट पर आधारित है और लोगों को पूरी उम्मीद है कि हैदर शाहिद के करियर को काफी ऊंचाई तक ले जाने वाली है। हाल ही में वनइंडिया के साथ शाहिद कपूर के इंटरव्यू के दौरान शाहिद ने अपने करियर को लेकर काफी इंटरेस्टिंग बातें की। तो आइये जानते हैं हैदर के बारे में कुछ बातें शाहिद की जबानी-
आर राजकुमार, अब हैदर फिर शा़नदार आपके पास इस वक्त एक के बाद एक अलग व बड़ी फिल्मे हैं। कितने खुश हैं आप और क्या इस वक्त को आपके करियर का सबसे खूबसूरत पड़ाव कहा जा सकता है?
मुझे लगता है कि मैं अपने खुशीभरे वक्त में वापस आ गया हूं। मेरी आखिरी फिल्म को जिस तरह का रिस्पॉंस मिला उसस मैं बेहद खुश हूं। हैदर, शानदार जैसी बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा हूं। सबसे खास बात ये है कि मुझे हैदर जैसी फिल्म मिलेगी, ऐसा किरादर करने को मिलेगा ये मैंने कभी सोचा ही नहीं था एक ऐक्टर के लिए सबसे खास बात ये है कि निर्देशक उन्हें किस तरह देखते हैं। अलग तरह के किरदार के लिए फिट पाते हैं। पहले मैं किसी भी फिल्म की शूटिंग पर जाने से पहले सोचता था कि ऐसा करुंगा वैसा करुंगा लेकिन अब मैं निर्देशक की सोच के मुताबिक ही काम करता हूं। और बिल्कुल खाली सोच व दिमाग के साथ शूट पर जाता हूं।
क्या हैदर आर राजकुमार से ज्यादा मुश्किल फिल्म थी?
मेरे हिसाब से हैदर के लिए मैंने आर राजकुमार से ज्यादा मेहनत की है। किसी फिल्म के 4 घंटे के शूट के लिए अपने सिर मुंडवा देना बहुत ही अलग है, बहुत मुश्किल है। हालांकि एक जोनर से दूसरे जोनर में जाना आपको एहसास दिलाता है कि आप एक स्पेक्ट्रम से निकलकर दूसरे स्पेक्ट्रम में आ गये हैं। प्रभु देवा के बाद विशाल भारद्वाज के साथ काम करना बहुत ही डिफरेंट था। ये थोड़ा सा मुश्किल था, थकान भरा था लेकिन बहुत ही मजेदार भी था। मैं अब कुछ भी किसी तरह का किरदार निभा सकता हूं।
आर राजकुमार से आपने अपनी रोमांटिक हीरो की इमेज तोड़ी। क्या आगे भी कुछ एक्शन फिल्में करते रहना चाहेंगे?
मुझे लगता है कि आर राजकुमार में अगर मेरी जगह कोई और स्टैबलिश एक्शन हीरो होता तो शायद फिल्म ज्यादा कमाती। अब मैं इसके बाद अगर आर राजकुमार जैसी दूसरी फिल्म करुंगा तो वो ज्यादा कमाएगी। आर राजकुमार ने मेरे सामने एक अलग जोनर का रास्ता खोल दिया है। अब मैं इस जोनर की फिल्में करुंगा तो लोगों को पसंद आएगी।
हैदर शेक्सपीयर की नॉवेल हेमलेट पर आधारित है। क्या आपको भरोसा था कि हैदर को आप परदे पर निभा पाएंगे, जबकि लोगों को फिल्म की कहानी काफी हद तक पता है और इस किरदार के बारे में उनके दिमाग में पहले से कुछ धारणाएं बनी हुई है?
2 स्टेट्स फिल्म जब आई थी तो लोगों ने नॉवेल पढ़ी थी लेकिन फिर भी वो फिल्म देखने गये और फिल्म सफल भी हुई। जब आप एक नॉवेल पढ़ते हैं और उसपर आधारित फिल्म देखते हैं तो दोनों अलग अनुभव होते हैं। यही नहीं बल्कि जब हम रीमेक बनाते हैं तो भी हम फिल्म का एक अलग वर्जन देखते हैं। हम देखे तो बहुत सारी फिल्मों की कहानी लगभग एक जैसी ही होती है। जब मैं भी हेमलेट पढ़ रहा था तो मुझे भी कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा था। लेकिन जब मैंने फिल्म की कहानी सुनी तो मुझे लगा कि ये बहुत अलग है। हैदर हैमलेट का बहुत ही अलग वर्जन है। मुझे नहीं पता कि इंडियन ऑडियंस इस कहाने से खुद को जोड़ पाएगी या नहीं। विशाल सर ने इससे पहले ओमकारा और मकबूल से भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की और उनके काम को काफी पसंद भी किया गया। फिल्म में काफी कुछ ऐसा होगा जो कि आपके लिए भी नया होगा।
क्या हैदर को आप अपने करियर का अब तक का सबसे मुश्किल किरदार मानते हैं?
ये मेरे अब तक के करियर का सबसे मुश्किल किरदार था। जब मैंने कमीने की थी तो मुझे लगा था कि ये मेरे करियर की सबसे मुश्किल फिल्म है। जुड़वा भाई का किरदार निभाना मुश्किल था। लेकिन जब मैंने हैदर की स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे महसूस हुआ कि ये ज्यादा मुश्किल है।
आपने अभी तक के करियर में कई सारी अलग अलग तरह की फिल्में की हैं। क्या बदलाव महसूस करते हैं आप अपने अंदर आज?
मेरे ख्याल से मेरे अंदर जो बदलाव आया है वो ये है कि अब मैं रिजल्ट की उतनी चिंता नहीं करता, जितनी पहले करता था। असल में सच तो ये है कि अगर आप हर वक्त रिजल्ट की चिंता करते रहते हैं तो आप जो कर रहे हैं उसे इंज्वॉय नहीं कर पाते। मैंने कुछ दिन पहले हैदर देखी और जो पहली फीलिंग मेरे दिल में आई वो कि मैं किसी की परवाह नहीं, इस बात का गर्व है कि मैंने हैदर जैसी फिल्म की है। मैं इसका हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। लेकिन फिर हैदर के प्रमोशन को लेकर सोचने लगा।
विशाल भारद्वाज ने आपका आपके करियर के दो सबसे महत्वपूर्ण व हटकर फिल्में दी हैं। कमीने और हैदर, तो आखिर ऐसा क्या है जो विशाल आपमें देख लेते हैं लेकिन बाकी निर्देशक नहीं?
वो एक ऐसे निर्देशक हैं जो कि बहुत ही अलग तरह के किरदार लेकर आते हैं। जिस भी एक्टर के साथ विशाल भारद्वाज काम करते हैं उसे कुछ नया, अलग करने का मौका देते हैं, चाहे वो मकबूल हो या ओंमकारा। साथ ही विशाल एक ऐसे निर्देशक हैं जिनकी फिल्मों में महिला किरदारों को बहुत अलग और हटकर किरदार मिलते हैं। मकबूल में तब्बू का किरदार ले लीजिये या ओमकारा में करीना कपूर और कोंकड़ा सेन का किरदार। वो महिला किरदारों को काफी स्पेस देते हैं। कमीने में प्रियंका के सिर्फ 8 सीन थे लेकिन उसके लिए भी प्रियंका को कई अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया। हैदर में भी तब्बू का और श्रृद्धा का किरदार बहुत ही जानदार है। मैं बहुत गौरवानंवित हूं कि उन्होंने मुझे मेरे करियर के दो सबसे बेहतरीन किरदार निभाने के लिए दिये।
तब्बू और श्रृद्धा दोनों अलग अलग एरा की एक्ट्रेस हैं। कैसा एक्सपीरियंस रहा सेट पर?
तब्बू मैम तो बेहतरीन है हीं, वो एक खूबसूरत अदाकारा हैं। मेरे ख्याल से ये श्रृद्दा के लिए बहुत चैलेंजिंग था। शूटिंग के दौरान श्रृद्धा हर वक्त कुछ ना कुछ सीखती रहती थीं। श्रृद्धा को सीखने का बहुत शौक है।


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