For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    "मेरे मुंबई आने के सपने पर माता- पिता ने हाथ खड़े कर दिये थे, लेकिन मैंने हार नहीं मानी"- एक्ट्रेस नयन शुक्ला

    |

    नयन शुक्ला, वो नाम जो अभी इंडस्ट्री में खुद को संवारने की तैयारी में लगी हुई हैं। फैंस ने नयन को पहली बार मसाबा गुप्ता के वेब शो 'मसाबा मसाबा' में देखा। जहां नयन मसाबा गुप्ता की असिस्टेंट गहना के रोल में नजर आईं। लेकिन आज नयन शुक्ला को संजय लीला भंसाली के साथ काम करने को लेकर जाना जा रहा है। जी हां, हाल में ही भंसाली के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'ट्यूजडे एंड फ्राइडे' (Tuesday & Friday) में नयन शुक्ला नजर आई हैं।

    'ट्यूजडे एंड फ्राइडे' वही फिल्म है जिससे पूनम ढिल्लन के बेटे अनमोल और 2014 मिस इंडिया रनरअप रह चुकी झटलेका मल्होत्रा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है। इसी फिल्म का हिस्सा नयन शुक्ला भी हैं। जिन्होंने अपने परिवार से लेकर करियर तक की कई बातें फिल्मीबीट से शेयर कीं। पढ़िए नयन शुक्ला का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू ।

     अनमोल और झटलेका के साथ काम करने का शानदार अनुभव रहा

    अनमोल और झटलेका के साथ काम करने का शानदार अनुभव रहा

    मेरा इस फिल्म में बहुत स्वतंत्र किरदार है। जिसका नाम पायल त्रिपाठी यानी पेट्स है। पेट्स बहुत खुशमिजाज लड़की है, पेशे से स्टाइलिस्ट है जो सिया मल्होत्रा ( झटलेका मल्होत्रा) की बेस्ट फ्रेंड है। जैसा कि फैंस को इस फिल्म में एक प्यारी लव स्टोरी देखने को मिल रही है, तो मेरा किरदार अपनी दोस्त को उसकी प्रेम कहानी में गाइड करने का काम करता है। इन दोनों कलाकारों (अनमोल और झटलेका) के साथ काम करना बहुत शानदार रहा। दोनों बहुत ही हार्डवर्किंग हैं।

    ऐसे मिला संजय लीला भंसाली का प्रोजेक्ट

    ऐसे मिला संजय लीला भंसाली का प्रोजेक्ट

    मैंने जैसा कि सभी को बताया कि मैं आउटसाइडर हूं। मैं ज्यादा यहां किसी को जानती नहीं हूं। मैंने सभी से मदद मांगी। एक दिन मैं जिम में थी और एक कास्टिंग डायरेक्टर ने देखा, जो कि संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन हाउस से जुड़ी हैं। उन्होंने मुझे कहा कि मैं ऑडिशन देने के लिए आऊं। उसके बाद मैंने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया। लेकिन डेढ़ महीने तक कोई कॉल कोई जवाब नहीं मिला। फिर अचानक एक दिन मुझे भंसाली जी के ऑफिस से कॉल आता है। जिसके बाद मुझे ये प्रोजेक्ट मिला।

    वेब सीरीज और फिल्मों में काम करने का अनुभव

    वेब सीरीज और फिल्मों में काम करने का अनुभव

    फिल्म का प्रोसेज बहुत लंबा होता है,लेकिन जब वो काम और मेहनत निकल कर आती है तो बहुत दमदार रिजल्ट देखने को मिलता है। ठीक ऐसा ही वेब शो में भी होता है। लेकिन अपने किरदार पर ज्यादा काम करने का समय वेब सीरीज में मिलता है। वहीं मेरा काम बतौर कलाकार एक्टिंग है। फिर वो काम आपका किस प्लेटफॉर्म पर जाए ये ज्यादा मायने नहीं रखता।

    खुद को सेलिब्रेटी नहीं समझती

    खुद को सेलिब्रेटी नहीं समझती

    मैं अभी खुद को सेलिब्रेटी नहीं समझ रही हूं। जो इंसान बहुत काम कर लें और बहुत मेहनत करता है, वह सेलिब्रिटी कहलताा है। मैं अभी फ्रैश हूं और मुझे बहुत काम करना है, लंबा सफर तय करना है। इसीलिए मैं फिलहाल ऐसा कुछ नहीं समझ रही।

     दिल्ली से मुंबई का सफ़र

    दिल्ली से मुंबई का सफ़र

    मैं दिल्ली से आती हूं। स्कूल और कॉलेज सब दिल्ली से किया। मास कम्युनिकेशन में पढ़ाई की। एक दिन मैंने अपने माता पिता से कहा कि मुझे मुंबई जाना है लेकिन मेरे पैरेंट्स ने बिल्कुल हाथ खड़े कर दिए।

    लेकिन आजकल के बच्चे भी बहुत समझदार होते हैं। वो जानते हैं कि कैसे अपने सपनों को पूरा करना है। तो मैंने भी नौकरी की और साथ साथ में काम किया। मैंने कई साल थिएटर भी किया। फिर मैंने ऑडिशन देना शुरू किए। रोजाना सिर्फ ऑडिशन दिए। लेकिन निश्चय होना बहुत जरूरी है जो आपको सक्सेस दिलवाता है।

    एक्टिंग में सबसे बड़ी चुनौती

    एक्टिंग में सबसे बड़ी चुनौती

    जब भी आप नए सफर की शुरुआत करते हैं तो सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि आप सही इंसान तक कैसे पहुंचे। कोई भी काम हो लेकिन उस मंजिल तक कैसे पहुंचना है और किस रास्ते से जाना है, यही सबसे बड़ा चैलेंज होता है। इस रास्ते में आपके लिए सही इंसान कौन हैं? ये जानना सबसे जरूरी होता है। क्योंकि सब अपने आपको सही इंसान बताते हैं। मतलब कि आपको वो इंसान चुनना है जो आपके लिए सही हो। यही आपका स्ट्रगल भी होता है।

    विद्या और प्रियंका हैं रोल मॉडल

    विद्या और प्रियंका हैं रोल मॉडल

    रोल मॉडल तो सभी हैं, हर कोई अपने अपने करियर में अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन दो नाम हैं जो मुझे इंस्पायर करती हैं और उम्मीद देती हैं। वो हैं प्रियंका चोपड़ा जोनास और विद्या बालन। ये दोनों नाम मुझे आशा देते हैं, दोनों ही अलग अलग क्षेत्र से आती हैं और आज इनके काम को पूरी दुनिया देख रही हैं। दोनों ही बहुत इंडिपेंडेंट हैं। यही मुझे बहुत पसंद है।

    रिजेक्शन फेस करना आना चाहिए

    रिजेक्शन फेस करना आना चाहिए

    रिजेक्शन, इस ऐसा फेज है किसी भी एक्टर के लिए जो कि बहुत तकलीफ देह है। जब किसी भी कलाकार को रिजेक्शन फेस करना आ गया तो वह संभल जाता है। कलाकार को हमेशा समय समय पर खुद को पॉलिश करते रहना चाहिए, यही एक इंसान को सफर में आगे लेकर जाता है।

    अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

    अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

    मेरी तलाश जारी है। लेकिन सच कहूं तो इस फिल्म के बाद कई बड़े बड़े बैनर ने मुझसे संपर्क किया। लेकिन अभी मेरी कमिटमेंट कुछ ओर हैं तो इसीलिए उन प्रोजेक्ट्स के साथ जुड़ नहीं पाईं।फिलहाल में खुद पर काम कर रही हूं और अपने आप को अच्छा एक्टर बनाने के लिए तैयारी कर रही हूं।

    Interview:Interview:"2 साल तक ऑडिशन देती रही, पिता को लगा थककर एक्टिंग छोड़ दूंगी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी" अमृता पुरी

    English summary
    sanjay leela bhansali tuesday & friday film actress nayan shukla exclusive interview
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X