इसे मैंने नाक से नहीं गाया है हिमेश

प्रश्न - अपनी आनेवाली फिल्म 'कर्ज़" के बारे में बताइए ?
उत्तर - मेरी 'कर्ज़", सुभाष घई साहब के 'कर्ज़" की रिमेक है। उस फिल्म में ऋषी कपूर साहब ने मॉंन्टी का किरदार निभाया था और इस फिल्म में वह किरदार मै निभा रहा हूं। हम दोनों में यही फर्क है कि वह एक लिजेंड कलाकार और खूबसूरत दिखनेवाले मॉन्टी थे और मैं सबसे बुरा दिखनेवाला मॉंन्टी हूं। मगर फिर भी मैंने कोशिश की है। यह कोशिश कितनी सफल हुई है और मैंने कितनी सफल कोशिश की है यह तो फिल्म की रिलीज़ के दिन ही पता चलेगा।
प्रश्न - फिल्म के म्यूज़िक के बारे में क्या कहना चाहेंगे ?
उत्तर - म्यूज़िक काफी सराहा जा रहा है। विशेष रूप से 'तंदुरी नाइट्स", 'एक हसीना थी", 'हरि ओम" और 'लुट जावा" लोगों को काफी पसंद आ रहा है। ओरिजिनल 'कर्ज़" में 'लुट जावा" गाना नहीं था मगर मैंने 'कर्ज़" के टाइटल ट्रैक पर यह रोमांटिक गाना बनाने की कोशिश की है। पार्टी और नाइट क्लबों में विशेष रूप से यही गाने सुनने को मिल रहे हैं। ऋषी कपूर और सुभाष घई समेत सभी को इसका संगीत बहुत पसंद आ रहा है यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है।
प्रश्न - अपने किरदार के बारे में बताइए ?
उत्तर - इस किरदार का नाम 'मॉंटी" है जो काफी गंभीर है और कामिनी से बदला लेने आया है। इस फिल्म में मॉन्टी के कई शेड्स है वह सारे शेड्स अपनी एक्टिंग के ज़रिए मैंने कितने अच्छे तरीके से निभाए हैं यह तो दर्शक ही बताएंगे। साथ ही देखना यह है कि एक आम आदमी एक्टर बनता है या नहीं।
प्रश्न - 'मॉंटी" बनने के लिए आपने कितनी कोशिश की ?
उत्तर - पिज़्ज़ा छोड दिया, आइस्क्रिम छोड दिया, खाना पीना छोड दिया। जब भूख लगती थी तो नाचनी की रोटी या फिर खाखरा खाकर अपनी भूख मिटा लेता था। इस तरह मुझे पतला होना पडा। म्यूज़िक डाइरेक्टर से जब गायक बना तो लुक्स की कोई ज़रूरत नहीं थी मगर अब जब मैं एक्टर बन रहा हूं तो मुझे अपने लुक्स पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। मेरी लुक्स को लेकर मेरी बहन ने भी काफी मेहनत की है। बालों की स्टायलिंग से लेकर कपडों की स्टायलिंग तक सभी उसने की है। जितना अलग हो सकता था, उतना अलग करने की कोशिश हमनें की है। एक बद्सूरत आदमी, खूबसूरत बनकर मॉंटी का किरदार निभाने जा रहा है इससे बडी कोशिश और क्या हो सकती है।
प्रश्न - आपके अनुसार ऋषी जी के किरदार को आप कितनी संजीदगी से जी पाए हैं ?
उत्तर - मुझे नहीं लगता कि मैं उनके किरदार को संजीदगी से जी पाया हूं क्योंकि वह एक प्रोफेशनल एक्टर थे, जो मैं नहीं हूं। मैंने सिर्फ उनका अनुसरण करते हुए दिल से परफॉर्म करने की कोशिश की है। यह उसी तरह है जिस तरह से मैं दिल से संगीत देने की कोशिश करता हूं और गाता हूं। मैंने एक आम आदमी की तरह, एक दर्शक की तरह अपनी पूरी कोशिश की है।
प्रश्न - आपको लगता है आप ऋषी जी की छाप हटाकर दर्शकों के दिल में एक नए मॉंटी की छाप छोड पाएंगे ?
उत्तर - यह असंभव है। अगर मैंने उनका एक प्रतिशत भी किया हो तो अपना जन्म सफल समझूंगा। वह तो लिजेंड एक्टर है। मगर मैं चाहता था कि एक अलग रूप में अगर मॉंटी ठीक से परफॉर्म किया जाए तो शायद लोगों को पसंद आए।
प्रश्न - फिल्म की शूटिंग केन्या और साऊथ अफ्रीका में हुई है वह अनुभव कैसा रहा ?
उत्तर - काफी अच्छा अनुभव रहा। मैं वहां जुआ खेलने गया था मगर जब मैं सारे पैसे हार गया तभी मैंने तय कर लिया कि अब मैं अपने जीवन में कभी दुबारा जुआ नहीं खेलूंगा। साथ ही सनस्ट्रोक आ गया था।
प्रश्न - 'तंदुरी नाइट्स" काफी अलग तरह का गाना है क्या कहना चाहेंगे ?
उत्तर - हां क्योंकि इसे मैंने नाक से नहीं गाया है। दरअसल जब मैं डाइटिंग कर रहा था तभी मुझे तंदुरी, ग्रिल फुड और ग्रिल पनीर की बजाय खाने में उबले हुए आलू और उबली हुई सब्ज़ियां मिलती थी। रात को जब सोने जाता था तब भी यह सारे खाने याद आते थे। तनाव इतना बढ गया था कि मैंने 'तंदुरी नाइट्स" गाना ही बना दिया। खुशी की बात है यह गाना लोगों को इतना पसंद आ रहा है। खैर मुझे लगता है एक साल बाद हिमेश रेशमिया आया है तो गाने तो चलने ही चाहिए मगर एक्टिंग की बात असली है और मुझे खुद को साबित करना है वर्ना अपनी दुकान तो वैसे ही चल रही है।
प्रश्न - संगीतकार के साथ आप गायक भी हैं और अब आप एक्टिंग कर रहे हैं। मगर सबसे ज़्यादा कम्फर्टेबल आप खुद को किसमें मानते हैं ?
उत्तर - मुझे लगता है मुझमें एक्टिंग का क़िडा है और वह मुझे लग गया है सो अब मैं कुछ नहीं कर सकता। सच कहूं तो अभी मैं खुद थोडा सा बौखलाया हुआ हूं। हर इंसान में एक कलाकार होता है मुझमें भी था सो लोगों की दुआओं से मैंने उसे बाहर निकालने की कोशिश की है। समंदर में कूद तो गया हूं मगर अब देखना यह है कि 17 अक्टूबर को किनारा मिलता है या नहीं।
प्रश्न - पहली फिल्म 'आपका सुरूर" काफी हिट रही थी सो इस फिल्म से कितनी उम्मीदें हैं ?
उत्तर - ऐसी कोई बात नहीं है। उसकी अपनी किस्मत थी, इसकी अपनी किस्मत है। मैं आज भी खुद को एक आम आदमी और 'ढोकला बॉय" ही मानता हूं। यही सच्चाई है और मैं अपनी सच्चाई से भाग नहीं सकता।
प्रश्न - इसके अलावा और कौन सी आनेवाली फिल्में हैं ?
उत्तर - इसके अलावा 'कज़रारे", 'अन यू लव स्टोरी", 'हे गुज्जु" और 'मुड मुड के ना देख मुड मुड के" कर रहा हूं। 'कजरारे" में एक गंभीर किरदार है। 'अन यू लव स्टोरी" में एक टपोरी का किरदार है। 'हे गुज्जु" में मैं डॅबल रोल में नज़र आऊंगा। एक किरदार गुजराती कर्सनलाल तिकडमलाल गांधी का है और दुसरा कसिनो बॉय आकाश का है। 'मुड मुड के ना देख मुड मुड के" रोमांटिक प्रेम त्रिकोण पर आधारित फिल्म है। यह यश चोपडा किस्म की फिल्म है।


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