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    इंडिया में रहना बहुत मुश्किल है- नर्गिस फाखरी

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    मद्रास कैफे में लीड रोल निभा रही रॉकस्टार फेम नर्गिस फाखरी का कहना है कि इंडिया में रहना बहुत मश्किल है। नर्गिस फाखरी मद्रास कैफे में एक जर्निलिस्ट का किरदार निभा रही हैं इस किरदार के लिए नर्गिस ने काफी रिसर्च की औऱ साथ ही कई जर्निलिस्ट की जिदंगी और उनके काम से प्रेरणा भी ली है। नर्गिस फाखरी से हमने उनके और रणबीर कपूर और उदय चोपड़ा के बीच अफेयर को लेकर भी चर्चा की। आइये जानते हैं कि वनइंडिया के साथ बातचीत के दौरान नर्गिस ने क्या कहा अपने इन अफेयर्स के बारे में।

    मद्रास कैफे में अपने किरदार के बारे में कुछ बताइये?

    मद्रास कैफे एक बहुत ही खूबसूरत और बेहतरीन फिल्म है। ये एक ऐसी फिल्म है जिसका हिस्सा में हमेशा से बनना चाहती थी। मद्रास कैफे फिल्म का जब ऑफर मुझे मिला तो मैं बहुत खुश थी क्योंकि मैं हमेशा से ही कुछ नया और कुछ रियल करना चाहती थी। मैंने फिल्म की कहानी सुनी और फिल्म की कहानी के साथ भी मैंने खुद को काफी जुड़ा हुआ महसूस किया। मैंने फिल्म में एक रिपोर्टर का किरदार निभाया है और मैं हमेशा ये सोचती रहती थी कि एक जर्नलिस्ट बनकर कैसा लगता है और क्या क्या मुश्किलें हर वक्त आपको घेरे रहती हैं लेकिनइन सबके बावजूदआपकोस्टोरी कवर करनी है सच्चाई लोगों तक पहुंचानी है। मुश्किलों से भी घिरे हुए आपको किसी भी चीज से परेशान नहीं होना है औऱ बस अपना कामकरते जाना है।

    जर्नलिस्ट के किरदार कोकरने के लिए क्या किसी एक जर्निलिस्ट को आपने फॉलो किया?

    मैंन किसी एक जर्निलिस्ट को सेलेक्ट करके उसे फॉलो नहीं किया लेकिन कुछ जर्निलिस्ट को चुनकर उनके बारे में उनके काम के बारे में जरुर थोड़ी रिसर्च की है। मैने उनके वीडियो भी देखे कुछ बहुत ही बड़े इवेंट्स कवर करते हुए। मैंने इससे पहले किसी भी इंसान को इतनी मुश्किलों में इतना आराम से और चिंता मुक्त नहीं देखा। उनके चारों ओर गोलियां चल रही हैं। तेज हवाएं चल रही हैं। इसके बावजूद वो सिर्फ अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं।

    शुजीत सरकार ने कुछ दिन पहले कहा कि नर्गिस की ये पहली फिल्म है। आपको क्या लगता है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा?

    मैं आज भी उनसे खुद ये सवाल पूछना चाहती हू्ं लेकिन कहीं ना कहीं मुझे भी ये लगता है कि मैं जानती हूं कि उन्होंने ये क्यों कहा है। मैं बहुत लकी हूं कि मुझे दो बहूत बडे़ निर्देशकों और बड़े स्टार्स के साथ काम करने को मिला है। रॉकस्टार को भी काफी सारे अच्छे कमेंट्स मिले हैं। मद्रास कैफे फिल्म मेरे करियर की बहुत बड़ी फिल्म है और बहुत अलग फिल्म है। फिल्म में मेरा किरदार बहुत अलग है। अब सुजीत मुझे किसी से भी ज्यादा जानते हैं। तो हो सकता है कि वो मुझ पर गर्व करते हों इसलिए ऐसा कहा हो उन्होंने। उन्हें मुझ में टैलेंट नजर आया हो। मद्रास कैफे फिल्म बाकी फिल्मों से काफी अलग है और फिल्म में जॉन का स्टाइल भी बेहतरीन है। उम्मीद है कि लोगों को ये फिल्म पसंद आएगी।

    मद्रास कैफे का कोई ऐसा सीन जिसे करने में आपको मुश्किल हुई हो?

    फिल्म में एक सीन है जिसमें मैं कार में हूं जिसमें लोग बंदूक चला रहे हैं और कुछ शीशे के टुकडे तेजी से मेरे चहरे पर आते हैं। अगर कोई एक भी टुकड़ा मेरी आंखों में चला जाता तो मैं अंधी भी हो सकती थी। बहुद ही डरावना सीन था और बहुत ही मुश्किल से इस सीन को हमने शूट किया। मैं बहुत डरी हुई थी इस सीन के दौरान।

    जॉन बतौर को-स्टार कैसे लगे आपको?

    मद्रास कैफे में जॉन ने एक रियल रोल प्ले किया है। मैंने तो ये भी सुना है कि जॉन ने इस किरदार के लिए जॉनने अपना वजन भी काफी कम किया है। मुझे हमेशा से ऐेसलोग पसंद है जो कि अपने किरदार को बहुत ही रियल तरीके से जीते हैं और परदे पर उतारते हैं। जॉन को पहले से मैं नहीं जानती थी। मैंने उनसे कुछ भी एक्सपेक्ट नहीं किया था। मैं उन्हें मिलकर काफी इंप्रेस हुई। वो बहुत प्यार से बात करते हैं, बहुत बेहतरीन इंसान हैं। वो ना सिर्फ टैलेंटेड हैं लेकिन वो बहुत बेहतरीन इंसान भी हैं।

    क्या कभी जॉन आपको बाइक राइड पर ले गये?

    आज तक तो वो नहीं ले गये लेकिन मैं जरुर उनसे कहूंगी कि मुझे वो एक बार बाइक पर ले जाएं।

    इंडिया में कोई ऐसी जगह जो आपको बहुत पंसद आई हो और जहां आप दोबारा जाना चाहती हों?

    शूटिंग के दौरान हम कोचीन गये थे वहां पर मैं आंत्रपाली फॉल्स के पास बहुत घूमी हूं। मुझे उसके आसपास घूमना बहुत पसंद था। हमने वहां नाइट सफारी की और साथ ही बहुत मजे किये। लेकिन वहां पर बहुत से हाथी थे जिन्हें देखकर मैं डर गयी थी। उनकी पूरी फैमिली थी वहां पर। मैं तो उनके करीब भी नहीं गयी। वो जगह मुझे बहुत पसंद है। मैं वहां जरुर फिर से जाना चाहूंगी।

    नर्गिस फाखरी के इंटरव्यू के कुछ अंश

    कभी रणबीर कपूर के साथ तो कभी उदय चोपड़ा के साथ आपके अफेयर की खबरें आती रहती हैं। क्या कहेंगी आप इन सब खबरों के बारे में क्या इनमें कुछ सच्चाई है?

    कभी रणबीर कपूर के साथ तो कभी उदय चोपड़ा के साथ आपके अफेयर की खबरें आती रहती हैं। क्या कहेंगी आप इन सब खबरों के बारे में क्या इनमें कुछ सच्चाई है?

    मुझे बार बार ये कहने में बहुत बोरिंग लगता है कि क्या हम सिर्फ दोस्त नहीं हो सकते? लोग हर बार मुझसे एकही सवाल करते हैंलेकिन मैं क्या जवाब दूं ये समझ नहीं आता। मैं यहां से नहीं हूं तो लोगों को ये समझना चाहिए कि मेरे लड़के ज्यादा दोस्त हैं नाकि लड़कियां। दूसरी बातयेहै किलड़कों के साथ दोस्ती करना ज्यादा मजेदार और बेहतर है क्योंकि उनके अंदर लड़कियों की तरह बुरी भावना या जलन की भावना नहीं है। साथ की लड़कियों से दोस्ती करने में एक मुश्किल होती है कि हमारे बीच प्रतिस्पर्धा होती है लेकिन लड़कों के साथ ऐसा नहीं होता। शुरुआत मुझे ये सब बातें बहुत इफेक्ट करती थीं लेकिन मुझे फिर समझ आया कि लोगों को यही चाहिए वो हमारी पर्सनल लाइफ के बारे में जानना चाहते हैं। उन्हें पसंद है ये सब पढ़ना। ये मेरा अभी लर्निग प्रोसेस है तो ये सब चीजे थोड़ा बुरी लगती हैं लेकिन अब मैं धीरे धीरे इन सब चीजों को समझ रही हूं।

    फटा पोस्टर निकला हीरो में आप एक आइटम सॉंग कर रही हैं इस बारे में कुछ बताइये।

    फटा पोस्टर निकला हीरो में आप एक आइटम सॉंग कर रही हैं इस बारे में कुछ बताइये।

    ये फिल्म का एक अहम हिस्सा है इस आइटम सॉंग को लेकर मैं बहुत एक्साइटेड हूं। मुझे आइटम सॉंग करने में बहुत मजा आया। मुझे लगता है कि डांस करना बहुत ही मजेदार है। मैं इन सब चीजों को लेकर इतना नहीं सोचती। बस जो करती हूं दिल से करती हूं और मजे लेकर करती हूं।

    आपकी फैमिली आपको कितना सपोर्ट करती है आपके करियर को लेकर?

    आपकी फैमिली आपको कितना सपोर्ट करती है आपके करियर को लेकर?

    मेरी मां मुझे बहुत सपोर्ट करती हैं। मेरी फैमिली में और कोई नहीं है। मै सोचती हूं कि काश मेरी भी फैमिली में कोई होता। मुझे यहां बहुत अकेलापन होता है। मुझे उन लोगों से जलन होती है जिनके पास फैमिली है मम्मी पापा हैं, भाई बहन हैं। मैं अपनी मम्मी को बहुत मिस करती हूं। तो अपना अकेलापन पूरा करने के लिए मैं हमेशा कुछ ना कुछ करती रहती हूं।

    रॉकस्टरा के बाद आप काफी समय तकगायब रहीं और अब लगभग दोसाल बादआपकी फिल्म आरही है। तोइतनावक्तआपने क्यों लिया?

    रॉकस्टरा के बाद आप काफी समय तकगायब रहीं और अब लगभग दोसाल बादआपकी फिल्म आरही है। तोइतनावक्तआपने क्यों लिया?

    मैं बहुत से एड कैंपेन, इवेंट्स में बिजी थी, साथ ही इंडिया में नयी थी तो थोड़ा होमसिक भी फील करती थी। उसके अलावा मैं हर रोज 4 घंटे हिंदी की क्लासेस भी लेती हूं। तो मेरे पास वैसे भी वक्त नहीं रहता है। लेकिन मैं कभी भी खाली नहीं बैठी हूं। हमेशा कुछ ना कुछ करती रही हूं। मैं बहुत सी फिल्में देखती रहती हूीं। इंडिया में रहना बहुत मुश्किल है। जब मैं ग्रुप में होती हूं तो सब कुछ अच्छा रहता है लेकिन जब मैं अकेली होती हूं तो मुझे लगता है कि आखिर इंडिया में रहना इतना मुश्किल क्यों है।

    अगर साउथ की कोई फिल्म का ऑफर आपको मिले तो क्या आप करना चाहेंगी?

    अगर साउथ की कोई फिल्म का ऑफर आपको मिले तो क्या आप करना चाहेंगी?

    मैं जरुर करना चाहूंगी। मेरे पास जब बॉलीवुड फिल्में आईं तो मुझे हिंदी ही सीखने में इतना वक्त लग गया कि अब किसी और भाषा को सीखने में तो बहुत मुश्किल होगी। फिल्हाल तो नहीं कर रही हूं लेकिन मैं जरुर करना चाहूंगी भविष्य में। फिल्हाल तो मैं इसी में खुश हूं कि अब मेरे सामने कोई हिंदी में मेरे बारे में बात करता है तो मुझे पता चल जाता है। मैं थोड़ा स्लो चलना चाहती हूं अभी हिंदी पर कमांड कर लूं फिर साउथ की फिल्में भी कर लूंगी।

    English summary
    Nargis Fakhri says its really very hard to live in India. Nargis Fakhri also is playing lead role in John Abraham's Madras Cafe. Nargis Fakhri's first movie was Rockstar. Nargis is in news for her relationship with Ranbir and Uday Chopra but she denies all these rumors.
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