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Exclusive Interview मुझे बिग बॅास और खतरों के खिलाड़ी दोनों का ऑफर मिला..लेकिन

By PRACHI DIXIT
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कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। एक एक्टर की जिंदगी में ऐसा मौका कई बार आता है। जब उसका समय बलवान होता है लेकिन निर्णय लेना आसान नहीं होता है।

साथ निभाना साथिया के अहम यानी कि मोहम्मद नजीम भी जिंदगी की इस सच्चाई से मुलाकात कर चुके हैं।हाल ही में  गोरेगांव स्थित फिल्मसिटी में टीवी शो उड़ान के सेट पर नजीम से हमारी मुलाकात हुई।

Mohammad Nazim

शूटिंग के बीच रफ्तार से हुई बातचीत में नजीम ने बतौर एक्टर अपने 8 साल के सफर का बखान बेबाकी से किया। बहरहाल,वह बहुत ही जल्द टीवी शो 'उड़ान सपनों की' में गुमान सिंह की निगेटिव भूमिका निभाने जा रहे हैं।

फिल्मीबीट से खास बातचीत में उन्होंने बिग बॅास,खतरों के खिलाड़ी और सलमान खान के शो गामा पहलवान से भी पर्दा उठाया है। यहां पढ़ें दिलचस्प बातचीत...

अलाउद्दीन खिलजी जैसा

अलाउद्दीन खिलजी जैसा

फैंस के लिए उड़ान में मुझे निगेटिव भूमिका में देखना सरप्राइज होगा। लोगों ने मुझे जिस तरह अहम फिर जग्गी की भूमिका में पसंद किया ठीक इसी तरह वह मुझे गुमान सिंह के किरदार में पसंद करेंगे। जब रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी जैसी फियरलेस भूमिका निभाई थी। लोगों ने उस किरदार की काफी चर्चा की। मैं चाहता हूं गुमान का किरदार भी लोगों को याद रहे। यह कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं है कि टीवी के लिहाज से मुझे हटकर काम किया है।टीवी को 90 प्रतिशत दर्शक महिलाओं से मिलते हैं। पहली बार मेल एक्टर के लिहाज से गुमान सिंह मजबूत किरदार है। मुझे पूरी उम्मीद है कि गुमान लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।

खुद की कीमत

खुद की कीमत

मैं बीते 9 साल से लगातार काम कर रहा हूं। एक एक्टर के लिए इससे बढ़िया क्या हो सकता है कि वह बिना ब्रेक के काम कर रहा है। हालांकि साथ निभाना साथिया के आॅफ एयर होने के बाद मुझे बतौर एक्टर अलग तरह का अनुभव हुआ है। जून 2017 से जुलाई 2018 तक। यह बीच के 8 से 10 महीने ने मुझे जिंदगी की बहुत बड़ी सीख सिखा दी। वह यह कि हर इंसान को अपनी कीमत समझनी चाहिए।जब आपके पास काम होता है तब आपको कैसे रहना चाहिए,और जब आपके पास काम नहीं होता,तब आपको कैसे रहना चाहिए।

बिग बॅास के साथ खतरों के खिलाड़ी भी

बिग बॅास के साथ खतरों के खिलाड़ी भी

साथ निभाना साथिया के आॅफ एयर होने के बाद मुझे सलमान खान के बैनर तले बने शो द गामा द ग्रेट में काम मिला। अगस्त में मैंने यह शो साइन किया। इस शो के इंतजार में 6 महीने का समय लग गया।इस बीच मुझे कई शो के प्रस्ताव मिले। बिग बॅास के साथ खतरों के खिलाड़ी का आॅफर मिला।लेकिन डेट क्लैश होने के कारण मैं दोनों शो नहीं कर पाया।बीते 10 महीने ने मुझे मेरी पूरी लाइफ दिखा दी। कई सारे अच्छे आॅफर के बीच मैं तय नहीं कर पा रहा था कि क्या करना है और क्या नहीं। खैर,एक्टिंग में कोई तय काम नहीं होता है। प्लानिंग के हिसाब से काम करना होता है। मुझे हमेशा से राउडी किरदार निभाना था। जैसा मैं दिखता हूं ठीक वैसा।

मुझे बिग बॅास और खतरों के खिलाड़ी करना था..लेकिन

मुझे बिग बॅास और खतरों के खिलाड़ी करना था..लेकिन

मैंने काफी जोर लगाया था कि इस साल मुझे खतरों के खिलाड़ी करना ही है। लेकिन दूसरे काम के कारण तारीख मिल नहीं पायी।बिग बॅास के साथ भी ठीक वैसा ही हुआ। मेरे लिए गामा पहलवान भी काफी खास है। इस शो के पॅायलेट की शूटिंग हुई है। मैं सोहेल सर के छोटे भाई की भूमिका निभा रहा हूं। वह गामा पहलवान बने हैं और मैं इमाम की भूमिका में हूं। मैं काफी तगड़ी भूमिका में रहूंगा। फिलहाल इस शो के शुरू होने में अभी समय है।

अपनी शर्तों पर काम

अपनी शर्तों पर काम

मैंने हमेशा अपनी शर्तों पर काम किया है। साथ निभाना साथिया मैंने दादा की भूमिका ना करने के कारण शो छोड़ने का फैसला लिया था। बाद में मुझे अहसास हुआ कि टीवी शो में एक परिवार होता है उसकी कहानी आगे बढ़ती है।कई बार टीआरपी के कारण शो में लीप लाया जाता है। साथ निभाना साथिया में मुझे दादा के किरदार दिया गया। लेकिन फिर अहम के किरदार को मार दिया गया। इसके बाद उसके जुड़वा भाई की शो में एंट्री हुई। मैं अपने इस कमबैक को लेकर काफी खुश था।

पैसा नहीं काम जरूरी

पैसा नहीं काम जरूरी

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री मैं अब तक 8 साल का समय गुजार चुका हूं। लेकिन आज तक मैंने अपनी कमाई नहीं गिनी है।जो मिल जाता है मेरे लिए वह सही होता है। अगर कई बार देरी भी हुई तो मुझे इससे कोई ऐतराज नहीं रहा है। मेरे लिए पैसे से ज्यादा काम महत्व रखता है और आगे भी रहेगा।

टीवी में कोई स्टार नहीं होता..यहां तो केवल

टीवी में कोई स्टार नहीं होता..यहां तो केवल

टीवी में कोई स्टार या स्टारडम नहीं होता है। टीवी में अच्छा काम होता है तो लोग आपको पहचानते हैं। टीवी में केवल पहचान मिलती है। जैसे ही आपका काम बंद लोग 6 या 7 महीने में आपको भूल जाते हैं। अगर आप घर पर बैठ गए फिर तो आप किसी को याद रहें ऐसा हो ही नहीं सकता। फिल्म में ऐसा नहीं होता। मेरे लिए सही स्टारडम सिर्फ फिल्म से जुड़ा है। फिल्म ही स्टार बनाता है। हालांकि टीवी के जरिए फिल्म में जाने का रास्ता मिल जाता है।

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    English summary
    In an Interview Mohammad Nazim talk about the great Gama Pehelwan,Bigg Boss 12 and More

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