मधुर ने अभिनय करना सिखाया: मुग्धा

प्रश्न - आपकी पहली फिल्म 'फैशन" रिलीज़ होनेवाली है नर्वस हैं या उत्साहित हैं ?
उत्तर - सच कहूं तो दोनों। साथ ही दुसरी फिलींग्स भी है। किस तरह की वह कुछ पता नहीं चल रहा। हां नर्वसनेस के साथ थोडा उत्साह, थोडा डर और थोडी खुशी भी है। मज़ा भी आ रहा है लेकिन सबसे ज़्यादा बेचैनी है। पहली बार बडे पर्दे पर नज़र आनेवाली हूं, पता नहीं लोगों को मैं पसंद आउंगी या नहीं। अभी तक तो रिपोर्ट्स अच्छे ही हैं मगर अभिनय तो देखना बाकि है ना।
प्रश्न - आपका मानना है कि आपके ज़रिए मधुर भंडारकर ने एक मॉडल में से एक बेहतरीन नायिका को तराशकर बाहर निकाला है ?
उत्तर - जी हां और यह एक उम्दा निर्देशक की पहचान है। वाकई उन्होंने मुझमें से वह चीज़ बाहर निकाली जिनका मुझे ज्ञान ही नहीं था। फिलहाल यही आशा करती हूं कि इसी तरह अच्छे अच्छे निर्देशकों के साथ मैं काम करती रहूं जिससे मेरे अंदर की और ढेर सारी प्रतिभाओं का मुझे पता चल सके।
प्रश्न - मधुर की पिछली कितनी फिल्में देखी हैं ?
उत्तर - तकरीबन सभी।
प्रश्न - क्या कभी सोचा था कि आप मधुर के साथ काम करेंगी ?
उत्तर - सच मैंने कभी नहीं सोचा था। इसे मै अपने सपनों का साकार होना भी नहीं कह सकती। मेरे लिए यह बहुत बडा चमत्कार है।
प्रश्न - आम तौर पर बहुत कम लोगों के साथ ऐसा होता है कि उन्हें उनके प्रोफेशन के अनुसार फिल्में मिले। कभी सोचा था कि शुरूआत करेंगी तो फैशन पर आधारित किसी फिल्म से ?
उत्तर - सच कहूं तो मैंने एक्टिंग की तरह, कभी मॉडलिंग के बारे में भी नहीं सोचा था। यह दोनों चीज़ें इत्तिफाक से हुई। जहां तक फैशन पर आधारित फिल्म की बात है तो किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि इस विषय पर भी कोई फिल्म बन सकती है। मगर यह सभी बातें हो गई सो इसे मैं किस्मत ही कहूंगी।
प्रश्न - आप खुद फैशन की दुनिया से हैं तो क्या ऐसा हुआ कि इस फिल्म के ज़रिए फैशन की दुनिया से जुडी कुछ नई बातें जानने का मौका मिला हो ?
उत्तर - नई बातें तो कुछ नहीं जानी क्योंकि फैशन की दुनिया को काफी बारीकि से समझकर मधुर जी ने एक अच्छी फिल्म बनाई है। यह बातें मैंने जानी कि किस तरह एक निर्देशक अपनी सोच समझ के साथ किसी विषय को खूबसूरती से लोगों के सामने पेश करता है। साथ ही फिल्म कैसे बनती है तथा फिल्म निर्माण के लिए किन बातों का खास ख्याल रखा जाता है यह मैंने ज़रूर जाना।
प्रश्न - क्या कभी ऐसा हुआ कि किसी सीन को लेकर आपके मन में संशय रहा हो कि यह तो फैशन की दुनिया का हिस्सा नहीं है ?
उत्तर - जी नहीं कभी ऐसा नहीं हुआ। बल्कि हर सीन को देखकर मुझे ऐसा लग रहा था कि यह सारी घटनाएं मेरे साथ घटित हो चुकी हैं। फैशन की दुनिया में रहते हुए मैं उन सबको जी चुकी हूं। मुझे सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि गॉसिप दिखाने या कैट फाइट दिखाने की बजाय उन्होंने भावनाओं को दर्शाया है। अपनी खुशी या दुख के क्षणों में एक मॉडल कैसा अनुभव करता है या करती है यह चीज़ उन्होंने बहुत खूबसूरती से दिखाई है। मेरे ख्याल से यह इस फिल्म की खासियत है।
प्रश्न - आपके अनुसार आपका किरदार जैनेट, मुग्धा से काफी अलग है। मगर कोई ऐसी चीज़ जिनमें दोनों में समानता हो ?
उत्तर - (हंसते हुए) समानता यही है कि दोनों मॉडल है और खूबसूरत मॉडल हैं। इसके अलावा जैनेट, मुग्धा की तरह बेबाक होने के साथ साथ अच्छे दिल की है।
प्रश्न - आम तौर पर फिल्में समाज का आईना होती हैं। आपको लगता है दर्शक स्वयं को इससे जोडकर देखेंगे ?
उत्तर - दर्शकों का तो पता नहीं मगर हां फैशन इंडस्ट्री इससे खुद को ज़रूर जोडकर देखेगी। जिस तरह उनके भावनाओं के तूफान को फिल्म में काल्पनिक किरदारों के माध्यम से दर्शाया गया है उसे देखकर हर मॉडल को यही लगेगा कि हां यह मेरे साथ हो चुका है। जहां तक दर्शकों की बात है तो उन्हें फैशन की दुनिया की सच्चाई पता चलेगी।
प्रश्न - आम तौर पर दर्शक यह समझते हैं कि फैशन की दुनिया चकाचौंध की दुनिया है, जहां तक उनकी पहुंच नही है। आपके अनुसार उनके सामने इसका मानवीय पहलू भी आएगा ?
उत्तर - जी हां बिल्कुल। मुझे लगता है इस फिल्म को देखने के बाद ना सिर्फ दर्शक फैशन की दुनिया की हकिकत से रुबरु होंगे बल्कि उनके मन में हम लोगों के प्रति सहानुभूति भी पैदा होगी।
प्रश्न - प्रियंका और कंगना के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
उत्तर - दोनों के साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा। जब मुझे पता चला कि मैं दो खूबसूरत नायिकाओं के साथ काम करनेवाली हूं तो मैं काफी डर गई। मगर जब मैं सेट पर गई तो दोनों ने मुझे खुले दिल से अपनाया। मेरे अनुसार एक्टिंग कुछ नहीं रिएक्ट करने का माध्यम है। जब तक आप सहज नहीं होंगे तब तक रिएक्ट नहीं कर सकते। सो उन्होंने ना सिर्फ मुझे सहज किया बल्कि काफी मदद भी की।
प्रश्न - आपने ऐसा क्यों कहा कि दो खूबसूरत नायिका ? क्या आपको अपनी खूबसूरती का एहसास नहीं था ?
उत्तर - (हंसते हुए) जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। मुझे मैं तो खूबसूरत लगती ही हूं मगर दुसरों की खूबसूरती को भी सराहती हूं। और दोनों वाकई बहुत खूबसूरत हैं। मुझे लगता है दुसरों की खूबसूरती के प्रति उदार रवैया अपनाना अच्छी बात है और सभी को ऐसा करना चाहिए।
प्रश्न - आपके साथ दो ऐसी नायिकाएं थी जिनमें एक को फैशन की दुनिया का कुछ नहीं पता और दुसरी उसी का हिस्सा हैं। तो क्या कभी ऐसा हुआ कि कंगना ने आपसे कोई टिप्स ली हो या प्रियंका ने आपको कोई टिप्स दी हो ?
उत्तर - मैंने प्रियंका जी से शूटिंग के दौरान फिल्म टिप्स ली थी जैसे किस तरह कैमरे का सामना किया जाता है और थोडी इधर उधर की बातें। कंगना एक बहुत अच्छी कलाकार हैं सो उन्हें मुझसे कुछ टिप्स लेने की ज़रूरत नहीं पडी। उन्होंने अपनी तैयारी पहले से की थी। वह एक ऐसी अदाकारा हैं जो खुद को किसी भी सांचे में ढाल लेती हैं।
प्रश्न - शूटिंग के दौरान कपडों को लेकर प्रियंका और कंगना में काफी विवाद हुए थे। क्या कभी आपके साथ ऐसा कुछ हुआ ?
उत्तर - जी नहीं ना मेरे साथ और ना उनके साथ ऐसा कुछ हुआ था। यह सभी बातें महज़ अफवाह हैं। सभी चीज़ें इतनी सुनियिजित थी कि पहले मैं थोडी चौंक गई कि आखिर फिल्म सेट पर लोग कैसे इतने योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। मैं अक्सर सुना करती थी कि फिल्म बनते वक़्त कई दिक्कते आती हैं मगर यहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
प्रश्न - इस फिल्म से बॉलीवुड में आपका प्रवेश हो रहा है तो क्या इसे अपनाएंगी या अपने पहले प्यार मॉडलिंग से जुडी रहेंगी ?
उत्तर - बॉलीवुड का थोडा हिस्सा मैं बन चुकी हूं और इस फिल्म के कलाकारों ने मुझे अपना साथी भी मान लिया है मगर अब देखना यह है कि दर्शक मुझे कितना अपनाते हैं। फिल्मों के काफी ऑफर्स आ रहे हैं और मैं उन पर गंभीरता से सोच रही हूं। बॉलीवुड का हिस्सा बनने में मुझे भी खुशी होगी मगर मॉडलिंग को मैं अलविदा नही कह सकती क्योंकि आज मेरी पहचान मॉडलिंग से ही है। हां उतना समय मैं नहीं दे पाऊंगी जितना पहले देती थी मगर हां कभी कभी रैंप पर ज़रूर उतरूंगी।
प्रश्न - भविष्य में किस तरह के किरदार निभाना पसंद करेंगी ?
उत्तर - इसका जवाब तो मै आपको पांच छ: फिल्में करने के बाद ही दूंगी।
प्रश्न - आपने पर्सेप्ट के साथ एक फिल्म साइन की है। उसके बारे में बताइए ?
उत्तर - अभी उस पर बातचीत चल रही है। जैसे ही कुछ फाइनल हो जाएगा मैं आपको बता दूंगी।
प्रश्न - एक जगह पर पुरूष मॉडल दोस्तों में आपने महज़ मिलिंद सोमन और अर्जुन रामपाल का नाम ही लिया था बाकि लोगों के बारे में आपका कहना था, “बाकि सबमें कुछ मज़ा नहीं आया"। ऐसा क्यों ?
उत्तर - क्योंकि मेरे पुरूष मॉडल की संकल्पना काफी माचो मैन किस्म की है जिसमें सिर्फ यह दो नाम फिट होते हैं। आज के पुरूष मॉडल काफी पतले, लंबे बाल और मेट्रो सेक्सुअल होते हैं। वह रैंप पर चलते हुए आकर्षक लगते हैं मगर मुझे वह बिल्कुल पसंद नहीं है।
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