कृष 3 में कृष नहीं बल्कि रोहित है हीरो- रितिक रौशन
रितिक रौशन की फ्रेंचाइजी कोई मिल गया की तीसरी फिल्म कृष 3 इस दीवाली सिनेमाघरों पर दस्तक देगी। रितिक के फैन्स और बच्चे तो खासतौर पर इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। खुद रितिक रौशन को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि इस बार सिर्फ कृष और ऐक विलेन नहीं है फिल्म में बल्कि न्यूट्र्न्स की पूरी आर्मी है और एक तरफ खुद कृष है। कृष 3 में एक बार फिर से आपको रोहित भी नजर आएगा। रितिक का ट्रिपल रोल है। वो ही पिता बने हैं तो वो ही बेटा भी। वनइंडिया की रिपोर्टर सोनिका मिश्रा के साथ रितिक रौशन ने बातचीत की और अपनी फिल्म के बारे में काफी सारी बातें शेयर कीं। आइये जानते हैं इस इंटरव्यू की कुछ खास बातें!
कृष 3 बहुत ही बेहतरीन फिल्म लग रही है और जैसा कि आपने बताया आपने बहुत मेहनत की है इस फिल्म के लिए। तो क्या आपको लगता है कि ये फिल्म आपकी अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है?
मैं जो भी फिल्में करता हूं उस वक्त मुझे यही लगता है कि ये मेरी अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है। कृष 3 करने के लिए मुझे अपने अंदर सुपर हीरो की तलाश करनी थी और उसके लिए मैंने बहुत मेहनत की। डॉक्टरों ने मुझे बोला था कि मैं ये फिल्म नहीं कर सकता। मेरे पिता ने मुझे कहा कि हम ये फिल्म तीन साल बाद कर लेंगे। अभी तुम आराम करो 6-7 महीनों में तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे। लेकिन मुझे पता था कि अगर मैंने अभी ये फिल्म नहीं की तो मैं कभी ये नहीं कर पाउँगा। तो मैंने अपने अंदर कृष की तलाश की, अपनी सोच को इतना बढ़ाया। और तब जाकर मैं ये फिल्म कर पाया। मैं उस समय काफी हताश था क्योंकि रेस्ट करते करते मेरा पेट निकल आया था, मेरे घुटने दर्द होने लगे थे। मुझे लगा कि ऐसे मैं किस तरह से सुपर हीरो बना पाउँगा। तो वहां से मैंने शुरु किया और धीरे धीरे अपने अंदर कृष को ढूंढना शुरु किया और आज मेरे दिमाग में कृष बिल्कुल बैठ गया।
कृष 3 ने आपकी जिंदगी पर क्या प्रभाव डाला?
कृष ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी। कृष ने मुझे ये भी बताया कि हमें अपनी जिंदगी की मुश्किलों को पार करना चाहिए। हालांकि ये पर्सनल है लेकिन अब ये एक मर्चेंडाइस बन गयी है। लेकिन मैं ये लॉकेट हमेशा अपने गले में पहने रहता हूं लोग मुझे ये पहने देखते थे और फराह खान ने ये देखा और उन्होंने आइडिया दिया कि हमें ये मर्चेडाइस बनाना चाहिए। और मुझे खुशी है कि ये सिंबल मैं हमेशा अपने गले में पहन सकता हूं।
कोई मिल गया से लेकर कृष 3 तक लगभग एक डीकेड पार कर चुके हैं आप। कैसा लग रहा है कृष 3 करके क्या काफी तकलीफ भरा रहा ये सफर?
अगर आप कंपेयर करोगे तो स्पाइडर मैन, सुपर मैन 3- 4 बार दोबारा बन चुकी हैं। लेकिन अब कृष ने एक सदी पूरी कर ली है। अगर आपकी लाइफ में कोई खुशी भरी चीज हो तो वो हमेशा ही आपकी कोशिशों के साथ ही आती है। अगर आप हमेशा यही सोचें कि आपका दिन आराम भरा होगा और कोई मुश्किले नहीं होंगी तो आप के पास खुशी भी नहीं होगी। आप बोर हो जाएंगे। अगर आप एक खुशीभरी जिंदगी जीना चाहते हैं तो आपको दर्द को दूर नहीं करना चाहिए। आपके अंदर हिम्मत होनी चाहिए कि आप दर्द को भी सह सकें। तभी सही मायने में आप खुश रह सकेंगे। आप किसी और को कंट्रोल नहीं कर सकते, आप सिचुएशन्स को कंट्रोल नहीं कर सकते लेकिन आप अपने एटीट्यूड को कंट्रोल कर सकते हैं।
कृष 3 में न्यूट्रिन्स को इंट्रोड्यूस किया जा रहा है। क्या कहेंगे इस बारे में?
बहुत खुशी की बात है कि हम पहली पार न्यूट्रिन्स यानी मानवरों को बॉलीवुड में इंट्रोड्यूस कर रहे हैं। एक चीता गर्ल है, फिर कंगना है जो कि कमेलियन के डीएनए से बनाई गयी है। काल ने इस डीएन ए को मिला कर अपनी आर्मी बनाई है। ये पहली सुपर हीरो फिल्म है बॉलीवुड की जो कि काफी सारे इफेक्ट्स के साथ आई है।
पूरे सात साल बात रोहित का किरदार फिर से करना और साथ ही कृष का भी कितना मुश्किल था?
ये बहुत मुश्किल था। क्योंकि मुझे लग रहा था कि क्या सात साल बाद भी मैं रोहित का किरदार निभा पाउँगा। सिर्फ बेटे का ही नहीं बल्कि मुझे उसके बाप का किरदार भी प्ले करना था। तो ये बहुत ही मुश्किल था। एक तरफ बेटे की मासूमियत और दूसरी तरफ पिता का साहस। दोनों ही एक साथ निभा पाना बहुत चैलेंजिग था। असल में रोहित ही फिल्म का हीरो है। कृष या कृष्णा इस फिल्म का हीरो नहीं है। बल्कि ये पूरी कहानी ही रोहित पर बेस्ड है। 2002 के बाद अब मैं फिर से रोहित का किरदार निभा रहा हूं। ये मेरे बचपन से बहुत जुडा़ हुआ है।
रितिक रौशन के इंटरव्यू के कुछ अंश:


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