कभी अवॉर्ड के लिए काम नहीं किया- करीना कपूर
बॉलीवुड में पिछले 15 सालों से राज कर रहीं खूबसूरत अदाकारा करीना कपूर उर्फ बेबो ने अपने अब तक के करियर में एक से बढ़कर एक हिट और यादगार फिल्में दी हैं। कौन भूल सकता है जब वी मेट की गीत को कभी खुशी कभी गम की 'पू' को। एक बार फिर से कुछ ऐसे ही मजेदार और रोमांटिक किरदार के साथ करीना परदे पर नज़र आने वाली हैं फिल्म सिंघम रिटर्न्स में।
रोहित शेट्टी, अजय देवगन और करीना कपूर की तिकड़ी ने इससे पहले गोलमाल रिटर्न्स जैसी हिट सीरीज दी है अब सिंघम रिटर्न्स से ये तिकड़ी दोबारा बॉक्स ऑफिस पर धमाल करने आ रही है। हाल ही में वनइंडिया के साथ हुए अपने इंटरव्यू के दौरान करीना कपूर ने सिंघम रिटर्न्स और अपने अब तक के बॉलीवुड करियर को लेकर काफी बातें कीं प्रस्तुत हैं बॉलीवुड की फैशन आइकन, बेहतरीन अदाकारा करीना कपूर के इंटरव्यू के कुछ अंश।
अजय देवगन और रोहित शेट्टी के साथ एक बार फिर से आप काम कर रही हैं। इस बार ये तिकड़ी कितना धमाल करने वाली है?
रोहित शेट्टी जैसा कि सभी जानते हैं एक्शन और कॉमेडी के लिए मशहूर हैं तो सिंघम रिटर्न्स भी एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म है। मैंने रोहित के साथ एक्शन भी किया है और कॉमेडी भी। सिंघम रिटर्न्स में अजय एक्शन कर रहे हैं और मैं कॉमेडी। मैं आपको फिल्म में रिक्शा भी चलाती नज़र आऊंगी और खूब बोलती दिखूंगी। मुझे अभी तक लोगों ने कॉमेडी में मजाक-मस्ती भरे किरदारों में काफी सराहा है तो सिंघम रिटर्न्स में भी मैं उन्हें कुछ ऐसे ही किरदार में दिखूंगी। हिरोइन जैसी सीरियस फिल्म के बाद सिंघम रिटर्न्स दर्शकों को काफी पसंद आने वाली है।
अजय देवगन और आपने ओमकारा जैसी बेहतरीन रोमांटिक फिल्म की है। आप दोनों की कैमिस्ट्री आज भी लोगों के जहन में समाई हुई है। सिंघम रिटर्न्स में भी वही कैमिस्ट्री देखने को मिलेगी?
मेरी और अजय देवगन की पिछले 20 सालों से दोस्ती है। सिंघम रिटर्न्स में भी मेरे और अजय देवगन के बीच रोमांस दिखाया गया है लेकिन ये रोहित शेट्टी के स्टाइल में रोमांटिक सीन है। (हंसते हुए) मैंने फिल्म में रोमांटिक सीन के दौरान ही रिक्शा चलाया है। बाजीराव सिंघम एक गंभीर पुलिस इंस्पेक्टर है और मेरा किरदार बहुत बोलने वाला मजा करने वाला है। तो उसी हिसाब से रोमांटिक सीन्स हैं। मेरे लिए सिंघम रिटर्न्स एक तरह से ये घर लौटने जैसा है।
सिर्फ बड़े बजट की, बड़े स्टार्स के साथ फिल्में करने के पीछे क्या वजह है। शाहरुख, सलमान, आमिर, अक्षय से इतर काम करने की इच्छा नहीं है या करना नहीं चाहतीं?
मैं अगर कभी कुछ अलग करुंगी तो उसके लिए फिल्म की कहानी काफी अलग और बेहतरीन होनी चाहिए। नहीं तो मैं इन बड़ी बजट और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्मों में ही खुश हूं। मैं सिर्फ इसलिए अलग फिल्में नहीं करुंगी क्योंकि मुझे कुछ साबित करना है या फिर खुद को बाकियों से अलग दिखाना है। मैं वास्तविकता से भी पूरी तरह से वाकिफ हूं कि मैं वरुण धवन के साथ रोमांस नहीं कर सकती। मैं उन्हे पसंद करती हूं, उनके साथ डिनर पर जा सकती हूं लेकिन परदे पर रोमांस नहीं कर सकती। इस हिसाब से मैं आमिर, अक्षय, सलमान, शाहरुख के साथ काम करने में ही सहज हूं।
हालांकि आपको इंडस्ट्री मे 15 साल से ज्यादा हो गये हैं तो आज फिल्में साइन करने से पहले किन बातों को ध्यान में रखती हैं?
सच कहूं तो पिछले कुछ समय से मैंने फिल्मों को साइन करने से पहले फिल्म की कहानी पर ध्यान देना शुरु कर दिया है। पहले मैं अक्सर फिल्में दोस्ती की खातिर, रिश्तों की खातिर कर लिया करती थी। लेकिन अब नहीं, लोगों ने मुझे ये बात समझाई कि फिल्म का चलना या ना चलना मेरी जिम्मेदारी है तो मेरी जिम्मेदारी बनती है कि फिल्म करने से पहले मैं फिल्म की कहानी को अच्छी तरह से समझ लूं। कोई भी फिल्म इसलिए महिला प्रधान नहीं बन सकती क्योंकि उसके हर एक सीन में हिरोइन ही नज़र आती है। मैंने हिरोइन में ऐसा ही किरदार निभाया है, फिल्म को लोगों ने पसंद नहीं किया, हालांकि मेरी परफॉर्मेंस लोगों को पसंद आई। लेकिन अब मैं दोबारा इस तरह की फिल्म नहीं कर सकती। फिल्म की कहानी बेहतरीन होनी चाहिए भले ही मेरा किरदार छोटा हो और मैं हर सीन में नज़र ना आऊं।
सलमान खान के साथ बजरंगी बजरंगी भी कर रही हैं आप। क्या खास है इस फिल्म में?
सलमान खान के साथ मैंने फिल्म इसलिए की क्योंकि मैंने कबीर खान के साथ कभी काम नहीं किया था। वो बहुत ही बेहतरीन निर्देशक हैं और हमें पूरा यकीन है कि कबीर जो फिल्म बनाएंगे उसमें कुछ ना कुछ अलग होगा। कबीर ने पिछले चार सालों में किसी और अभिनेत्री के साथ काम नहीं किया और ये पहली बार है कि मैं उनकी फिल्म में हूं। उनके लिए भी नया है और मेरे लिे भी नया है। ये सलमान खान के करियर की भी बहुत ही बेहतरीन और अलग किस्म की फिल्म होने वाली है क्योंकि फिल्म में एक्शन से ज्यादा ह्यूमन एंगल है।
हाल ही में कोई बॉलीवुड फिल्म देखी आपने जो आपको बेहद पसंद आई हो?
मुझे नयी फिल्मों से ज्यादा पुरानी फिल्में देखना पसंद है। जब भी टीवी पर पुरानी फिल्में आती है मैं उसी से बंध जाती हूं। अंगूर, आराधना, गोलमाल (ओल्ड), कागज के फूल, अभिमान आदि फिल्मों को मैं बार बार देख सकती हूं। आखिरी बॉलीवुड फिल्म जो मैंने देखी थी वो थी दबंग। सैफ अपनी हॉलीवुड फिल्मों से घिरे रहते हैं और मैं पुरानी फिल्मों से।


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