For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    INTERVIEW: 'देओल' होने का भार लूंगा तो करियर शुरु होने से पहले खत्म हो जाएगा- करण देओल

    |

    सनी देओल के बेटे करण देओल फिल्म 'पल पल दिल के पास' के साथ बॉलीवुड में कदम रखने वाले हैं। फिल्म 20 सितंबर को रिलीज होने वाली है। ऐसे में फिल्मीबीट ने अभिनेता से मुलाकात की, जहां उन्होंने देओल परिवार से लेकर डेब्यू फिल्म तक की बातें शेयर कीं। खानदान के नाम का भार होने पर करण ने कहा- मैं इसे सकारात्मक तरीके से देखता हूं। मैं इसे भार नहीं समझता। इस बारे में ज्यादा सोचूंगा तो शायद मेरा करियर शुरु होने से पहले ही खत्म हो जाएगा।

    'पल पल दिल के पास' का निर्देशन खुद सनी देओल कर रहे हैं। इस बारें में करण ने कहा कि, पापा ने कुछ और निर्माता- निर्देशकों से बात की थी, लेकिन बात नहीं बनी। फिर उन्होंने खुद ही निर्देशन करने की सोची क्योंकि वो इस कहानी के साथ पूरी तरह से न्याय करना चाहते थे। सच कहूं तो इस फिल्म के सेट पर पापा के साथ मेरा व्यक्तिगत रिश्ता भी काफी अलग रहा है। इस दौरान मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। मैं उनसे थोड़ा और करीब हो गया।

    यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

    देओल परिवार से होने की वजह से उम्मीदों का भार महसूस करते हैं?

    देओल परिवार से होने की वजह से उम्मीदों का भार महसूस करते हैं?

    मैं इसे बहुत ही सकारात्मक तरीके से देखता हूं। इस बात का भार लेने से मेरा काम प्रभावित होगा। इसीलिए बेहतर है कि मैं खुद को बेहतर बनाने, खुद को प्रूव करने की कोशिश करूं। व्यक्तिगत तौर पर मैं खुद की पहचान बनाऊं। यदि मैं अपने पिता या दादाजी के अभिनय और स्टाइल के बारे में सोचने लगूंगा तो मेरा करियर शुरु होने से पहले ही खत्म हो जाएगा।

    'पल पल दिल के पास' की शुरुआत कैसे हुई?

    'पल पल दिल के पास' की शुरुआत कैसे हुई?

    फिल्म घायल वन्स अगेन के बाद पापा अगली फिल्म को लेकर प्लान कर रहे थे। कई दूसरे निर्देशकों से भी बात की गई थी। लेकिन कुछ सही से बात नहीं बन पाई। तो फिर पापा ने 'पल पल दिल के पास' खुद ही डाइरेक्ट करने का फैसला लिया। मैं फिल्म की स्क्रिप्टिंग प्रक्रिया का भी हिस्सा था। फिर लगभग एक साल तक फिल्म की तैयारी चली। फिल्म में काफी स्टंट भी हैं, लिहाजा, मैंने 6 महीने की ट्रेनिंग भी ली।

    एक्टर बनने का ख्याल कब दिल में आया ?

    एक्टर बनने का ख्याल कब दिल में आया ?

    जब मैं 5- 6 साल का था, तो मैंने स्टारवार्स देखी था। मुझे वो फिल्म इतनी बेहतरीन लगी कि उसके बाद मुझे फिल्में देखने का चस्का लग गया। मैं दिन दिन भर बैठकर फिल्में देखता था। फिर जब मैं लगभग 18-19 साल का था, तो मैंने अपनी मां से कहा कि मैं एक्टर बनना चाहता हूं। उन्होंने मुझे इस क्षेत्र को लेकर कई बातें समझायी क्योंकि वो नहीं चाहती थी कि मैं सिर्फ इस इंडस्ट्री की चमक देखकर एक्टर बनूं। उन्होंने कहा कि यहां काफी आलोचना भी सहनी पड़ती है, वो भी खासकर यदि आप फिल्म परिवार से ताल्ल़ुक रखते हों। पापा ने भी मुझे यही सब बातें समझायी और कहा कि यदि तुम तैयार हो, तो हम इस फैसले में तुम्हारे साथ हैं।

    चूंकि आप भी फिल्मी परिवार से हैं, नेपोटिज़्म के मुद्दे पर आप क्या सोचते हैं?

    चूंकि आप भी फिल्मी परिवार से हैं, नेपोटिज़्म के मुद्दे पर आप क्या सोचते हैं?

    मेरा मानना है कि बिना काम देखे आप किसी को जज मत कीजिए। हां, फिल्म परिवार का होने की वजह से हमें एक प्लैटफॉर्म मिल जाता है। यह बहुत बड़ी बात है। लेकिन यदि लोगों को हमारा काम पसंद नहीं आएगा तो हमें भी फिल्में मिलना बंद हो जाएगी। कई स्टार किड्स के साथ ऐसा हो भी चुका है, कि उनकी पहली फिल्म ही सफल नहीं हुई और वो इंडस्ट्री में सरवाइव नहीं कर पाए। लेकिन एक मौका तो मिलना चाहिए। पहले से ही किसी को लेकर नकारात्मक होना गलत है।

    सनी देओल हों या धर्मेंद्र के डांसिंग की बात करें तो उनकी अलग ही स्टाइल है, आम तौर पर वो डासिंग से दूर ही रहे हैं। आपको डांसिंग में दिलचस्पी है?

    सनी देओल हों या धर्मेंद्र के डांसिंग की बात करें तो उनकी अलग ही स्टाइल है, आम तौर पर वो डासिंग से दूर ही रहे हैं। आपको डांसिंग में दिलचस्पी है?

    (हंसते हुए) मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि मैं डांसिंग में पापा से बेहतर हूं।

    जिमिंग या 6 पैक एब्स पर कितना फोकस है?

    जिमिंग या 6 पैक एब्स पर कितना फोकस है?

    मुझे लगता है कि सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। फिट होना चाहिए, लेकिन हर वक्त 6 पैक या 8 पैक एब्स की जरूरत नहीं है। यदि किसी फिल्म की डिमांड होगी कि मैं जरूर करूंगा लेकिन बतौर एक्टर हमें अभिनय को प्राथमिकता देनी चाहिए। या तो आप एक्टर ही बन सकते हैं या मॉडल। आज के समय में इसे अनिवार्य समझा जाने लगा है, यही बिकता है, जो कि गलत है। एक एक्टर की परिभाषा यह नहीं होती। सिर्फ आपके लुक्स आपको ज्यादा आगे नहीं ले जा सकते। बल्कि खुद की पर्सानालिटी पर, फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए।

    फिल्म डेब्यू को लेकर धर्मेंद्र सर से आपको क्या क्या टिप्स मिली?

    फिल्म डेब्यू को लेकर धर्मेंद्र सर से आपको क्या क्या टिप्स मिली?

    उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि अभिनय एक प्रतिक्रिया है। सामने वाले की बात सुनो, समझो और रिएक्शन दो। फिल्म इंडस्ट्री में एक sponge की तरह काम करो और अपने आसपास हो रही घटनाओं को आत्मसात करो। बतौर एक्टर आपको हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए।

    सनी देओल, धर्मेंद्र, बॉबी देओल.. सभी एक्शन फिल्मों से जुड़े रहे हैं। आपने रोमांटिक फिल्म से डेब्यू करने का क्यों सोचा?

    सनी देओल, धर्मेंद्र, बॉबी देओल.. सभी एक्शन फिल्मों से जुड़े रहे हैं। आपने रोमांटिक फिल्म से डेब्यू करने का क्यों सोचा?

    हां, यह रोमांटिक फिल्म है। थोड़ी बहुत एक्शन सीन है क्योंकि वो कहानी की मांग है, जबरदस्ती ढूंसे गए एक्शन सीन नहीं हैं। दरअसल, पापा का मानना है कि कॉलेज रोमांस या इस तरह की रोमांटिक फिल्में करने का भी एक समय होता है। एक उम्र के बाद यह नहीं कर सकते। इसीलिए डेब्यू के लिए रोमांटिक फिल्म का चुनाव किया। हालांकि, मैं आगे चलकर एक्शन फिल्में जरूर करना चाहूंगा।

    पापा के साथ कैसा रिश्ता है, एक दोस्त जैसा?

    पापा के साथ कैसा रिश्ता है, एक दोस्त जैसा?

    (हंसते हुए) हमारी फैमिली में ऐसा ट्रेंड ही नहीं है। पापा दोस्त नहीं है, पापा ही हैं। एक डर और इज्ज़त हमेशा उनके लिए मेरे मन में रहती है। हां, बॉबी चाचा और अभय चाचा के साथ दोस्त जैसा रिश्ता है। उनके साथ अलग ही बॉण्ड है। उनके साथ मस्ती चलती रहती थी।

    तो फिर पापा के सामने फिल्म के रोमांटिक सीन्स करना भी आसान नहीं रहा होगा?

    तो फिर पापा के सामने फिल्म के रोमांटिक सीन्स करना भी आसान नहीं रहा होगा?

    बिल्कुल नहीं। पापा ने तो आकर बोल दिया था कि तुम दोनों यंग हो, तुम्हें पता है कि क्या करना है। मैं सिर्फ मॉनिटर के पीछे से सीन देखूंगा। तो ये उनके लिए ज्यादा awkward था कि मैं इन्हें सीन कैसे समझाउं।

    स्टार्स और सोशल मीडिया का भी आजकल काफी गहरा नाता है। सोशल मीडिया कमेंट्स से प्रभावित होते हैं?

    स्टार्स और सोशल मीडिया का भी आजकल काफी गहरा नाता है। सोशल मीडिया कमेंट्स से प्रभावित होते हैं?

    नहीं, मुझे लगता है कि सोशल मीडिया अकाउंट की आड़ में लोग कुछ भी बोलते हैं वो भी उनके बारे में जिन्हें आप जानते तक नहीं। यदि मैं उनके कमेंट्स पर सोचने लगूंगा तो इससे मेरा ही काम प्रभावित होता। इसीलिए मैं उस पर ज्यादा ध्यान ही नहीं देता।

    अपने परिवार के अलावा फिल्म इंडस्ट्री में किससे ज्यादा करीब हैं? आगे चलकर किनके साथ काम करना चाहेंगे?

    कपूर फैमिली हो या सलमान खान हों, ये सभी हमारे परिवार को बहुत प्यार और इज्ज़त देते हैं। जो प्यार इस इंडस्ट्री ने पापा को और दादाजी को दिया है, उस वजह से मैं इस इंडस्ट्री के लोगों की बहुत इज्ज़त करता हूं। मैं यहां किसी के साथ भी काम करने को तैयार हूं। किसी एक चुनाव मैं नहीं कर सकता।

    बचपन में फिल्म के सेट्स पर गए होंगे। उसकी कुछ यादें हैं?

    बचपन में फिल्म के सेट्स पर गए होंगे। उसकी कुछ यादें हैं?

    हां, गदर के सेट पर गया था। लेकिन उस वक्त तो कुछ ज्यादा समझ में नहीं आता था। शूट देखकर मैं सिर्फ यही सोचता कि ये लोग एक ही सीन इतनी बार क्यों कर रहे हैं। मैं इधर उधर खेलता रहता था।

    दूसरे प्रोजेक्ट्स को लेकर बात हो रही है?

    हां, एक फिल्म पर बात हो रही है। ज्यादातर लोग शायद ''पल पल दिल के पास'' की रिलीज का ही इंतजार कर रहे हैं। ये रिलीज़ हो जाए तो फिर प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी।

    English summary
    In an interview with Filmibeat, debut actor Karan Deol says, I don't take pressure of my legacy. I look positive side of this.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X