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Exclusive Interview.बॅालीवुड में अच्छी कहानियां नहीं है..हॉलीवुड बेस्ट है..

By: PRACHI DIXIT
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बॅालीवुड के जरिए हिंदी सिनेमा के कई एक्टर हॅालीवुड में जाने का रास्ता तलाशते हैं। वहीं चुनिंदा ऐसे एक्टर होते हैं जो हॅालीवुड से अपनी दमदार शुरुआत कर बॅालीवुड में दस्तक देते हैं। इस फेहरिस्त में लाइफ आॅफ पाई फेम एक्टर सूरज शर्मा का नाम सबसे पहले आता है। 

Phillauri

अनुष्का शर्मा की फिल्लौरी केवल चंद दिनों में सिनेमाघर में दस्तक देने वाली है। इस फिल्म में अनुष्का शर्मा के साथ सूरज शर्मा प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हॅालीवुड में नई पहचान बनाने के बाद सूरज ने फिल्लौरी से बॅालीवुड फिल्मों में कदम रखने का मन बनाया। 

अपने नाम की तरह ही सूरज के सोच और विचार में एक तेज झलकता है। फिर चाहे वह करियर को लिहाज से हो या हॅालीवुड में अपने आगे के सफर पर। फिल्मीबीट से हुई इस खास बातचीत में सूरज ने हॅालीवुड के बॅालीवुड बिजनेस पर बढ़ते हुए प्रभाव,स्टारडम और फिल्लौरी पर बेबाकी से अपनी राय पेश की। 

यहां पढ़ें इस खास बातचीत के प्रमुख अंश..

हॅालीवुड सबकुछ नहीं है

हॅालीवुड सबकुछ नहीं है

कई बार ऐसा कहा जाता है कि हॅालीवुड में सबसे अच्छी फिल्में बनती हैं। लेकिन ऐसा है नहीं। बॅालीवुड यानी कि हमारे यहां भी बेहतरीन फिल्में बनती हैं। मुझे हॅालीवुड और बॅालीवुड में साथ काम करना है। वहां पर अगर काम करने का मौका मिल रहा है तो मैं कैसे छोड़ सकता हूं। दोनों जगहों के अनुभव का इस्तेमाल मैं अपने काम में कर सकता हूं। मेरे लिए हॅालीवुड में काम करना फायदेमंद है। उसका फायदा मुझे बॅालीवुड में मिल रहा है। यह सब टैलेंट पर निर्भर करता है। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे हॅालीवुड में काम करने का मौका मिलाा।

मैं चलता जा रहा हूं

मैं चलता जा रहा हूं

बचपन से मुझे कहानी से प्यार है। तीन साल की उम्र में हम अपने परिवार के बीच प्ले करते थे। हमें गाना गाने के लिए कहा जाता था। वो करना नहीं था। हम भाई-बहन मिलकर प्ले कर लेते थे। सच कहूं तो मेरे पास कोई सोच नहीं है। जैसे सिनेमा मुझे लेकर चला जा रहा है,मैं चलता जा रहा हूं। मुझे शुरुआत में भी बेहतरीन मौके मिल गए। मैं अपने अब तक के सफर से बेहद खुश हूं।

फिल्लौरी का अनोखा अहसास

फिल्लौरी का अनोखा अहसास

इस फिल्म के लिए पहले मुझे पूछा गया कि बॅालीवुड में काम करने का सोचा है या नहीं। मैंने हां कह दी। खैर, जैसे ही मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी और इस फिल्म की टीम से मुलाकात की। मुझे अहसास हुआ कि ये लोग किसी का फायदा नहीं उठा सकते हैं। यह फिल्म इस मायने में खास है कि कहानी में एक संदेश हैं। बहुत ऐसी फिल्म है जिसमें सबकुछ होता है।लेकिन दर्शक सिनेमाघर से साथ में कुछ लेकर नहीं जाते हैं।इसके साथ ऐसी बहुत कम फिल्में होती हैं जहां पर मुख्य भूमिका में एक मजबूत एक्ट्रेस हो। इस फिल्म में अनुष्का एक दमदार भूमिका में हैं। मेरा किरदार आज की युवा सोच को पेश करेगा। मेरा किरदार को एक भूत प्यार करना सीखा रहा है।

परफेक्ट की तलाश

परफेक्ट की तलाश

बतौर एक्टर हमारे लिए कई तरह के पर्याय खुले हैं। वेब सीरीज,टीवी,शॉर्ट फिल्म के जरिए नए टैलेंट को दर्शकों के बीच पहुंचने का रास्ता मिलता है। यह सब हमारे करियर के लिए अहम है। इसके अलावा हमारी इंडस्ट्री काम नहीं कर पायेंगी। कमर्शियल और आर्ट सिनेमा भी हमारे लिए हैं। हर किसी की अपनी यूएसपी है। लेकिन मेरा फोकस हमेशा से उसी की तरफ होगा जहां पर किरदार,कहानी और टीम परफेक्ट होगी।

स्टारडम के पीछे नहीं भागना

स्टारडम के पीछे नहीं भागना

बॅालीवुड इस समय दो हिस्सों में बंट गया है। एक तरफ स्टार हैं। दूसरी तरफ एक्टर हैं। स्टारडम की लालच में अगर एक्टर एक्टिंग करना भूल जाए तो ये सही नहीं होगा। कई ऐसे एक्टर भी हैं जो स्टारडम की तरफ बढ़ रहे हैं। मसलननवाजुद्दीन सिद्दीकी। मेरा मानना है कि स्टारडम की लालसा में भागने पर रिस्क है। एक एक्टर का पूरा जीवन केवल किरदार है। एक्टर बनना बहुत मुश्किल है। मगर ऐसे कई स्टार एक्टर भी हैं जो स्टारडम और एक्टिंग को संतुलित कर देते हैं। जैसे अनुष्का शर्मा। रहा सवाल मेरा तो मैं एक्टर बनना चाहूंगा। मुझे स्टार नहीं बनना है।

पैसा जरूरी नहीं

पैसा जरूरी नहीं

100 करोड़ क्लब का शोर इन दिनों बढ़ा है। बतौर एक्टर मैं इसे दो तरीके से देखता हूं।अगर मेरी फिल्म 100 करोड़ की कमाई करती है तो ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी। एक फिल्म के सुपरहिट होने के बाद मैं फिर तीन ऐसी फिल्में करूंगा जिसकी कहानी मेरे दिल में बस जाए। कमर्शियल फिल्में बॅालीवुड में निर्वाह करने के लिए करनी पड़ती है। वहीं रियल सिनेमा की बात कुछ और है। दोनों ही मेरे लिए जरूरी है। दोनों की अपनी अहमियत है। कई बार रियल स्टोरी भी कमर्शियल सिनेमा में बनती हैं।लेकिन मैं फिल्मों को कभी पैसे के आधार पर नहीं देखना चाहता हूं।

बॅालीवुड vs हॅालीवुड

बॅालीवुड vs हॅालीवुड

हॅालीवुड फिल्में बॅालीवुड मार्केट पर अपनी पकड़ जमा रही हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है। लेकिन मेरे मुताबिक हॅालीवुड और बॅालीवुड को मिलकर बीच का रास्ता निकालना चाहिए। कई बार लोग सोचते हैं कि बॅालीवुड के पास बेहतरीन कहानी नहीं है। ये सुनकर मुझे तकलीफ होती है। यह सही नहीं है। हमारे सिनेमा में सभ्यता है। डांस है। संगीत है। दोनों ही जगह के सिनेमा की सोच अलग है। रही बात मार्केट की तो हमें मिक्स होकर काम करना चाहिए। हमें एक दूसरे के प्रोडक्ट को अपनाना होगा।

English summary
In an Exclusive Interview Phillauri Fame Suraj Sharma talk about Hollywood vs Bollywood Box office..Here read full Interview..
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