मैं खुद को बॉलीवुड का हिस्सा मानने लगा हूँ

तुषार कपूर भले ही एक अच्छे कलाकार न साबित हुए हों मगर स्वयं को उन्होंने बहुत अच्छा कॉमिक कलाकार ज़रूर साबित किया है. 'क्या कूल है हम" से शुरू हुई उनकी कॉमेडी यात्रा अब 'गोलमाल रिर्टंस" तक पहुंच गई है. अपने करियर में आए उछाल से तुषार स्वयं काफी खुश है. फिलहाल बहुत जल्द उनकी एक और कॉमेडी फिल्म 'वन टू थ्री" आने वाली है जिसके लिए वह काफी उत्साहित हैं.
फिल्म 'वन टू थ्री" में अपने किरदार के बारे में बताइए ?
जिस तरह से एक़्टर सन यानी कि कलाकार का बेटा होता है उसी तरह मैं भाई सन हूं. मेरे पिता अपने ज़माने के एक बहुत बडे भाई होते हैं सो मेरी मां की यह तमन्ना होती है कि मैं उनकी तरह एक बहुत बडा मर्डरर और डॉन बनूं. मुझे किसी को मारने की सुपारी मिले उसके लिए वह प्रसाद चढाने सिद्धिविनायक मंदिर जाती हैं. मुझे सुपारी के लिए विदा करने से पहले वह बहुत रोती हैं. मैं भी उनके सपने को सच करने के लिए काफी प्रयत्नशील हूं. हालांकि मैं काफी अच्छा इंसान हूं. मेरे किरदार का नाम लक्ष्मीनारायण है जिसके रोमांटिक और मज़ेदार अंग भी हैं. इस फिल्म में मैं मीना खुजली से संबंधित हूं. मीना खुजली, खुजली गैंग के भाई की बेटी है जिससे शादी करने के लिए मेरी मां मुझसे कहती है मगर इत्तिफाक से मेरी मुलाकात ऐषा देओल से हो जाती है.इस फिल्म में आपने काफी अलग तरह का किरदार निभाया है. इस किरदार के लिए किस तरह की तैयारी की थी ?
जी हां बिल्कुल इस फिल्म में मैं दोहरा किरदार निभा रहा हूं, जो अंदर से अच्छा है मगर बाहर से सख्त बनने की कोशिश करता रहता है. इसके लिए मैंने अश्विनी के साथ दो तीन बार कहानी पढी और अपने किरदार के बारे में जानने की कोशिश की. कहीं वह मासूम है तो कहीं डॉन. जहां जिसकी ज़रूरत थी वहां अश्विनी ने मुझे बताया कि यहां इस तरह का किरदार चाहिए. इसके लिए उनके नज़रिए को समझने की कोशिश की. मगर हां इसके लिए ना मैंने लुक्स पर काम किया और ना ही किसी तरह का कोई वर्क शॉप किया. वैसे लुक के लिए कुछ खास करने की ज़रूरत नहीं पडी क्योंकि वह मंझा हुआ भाई नहीं हूं बल्कि नया नया भाई बना हूं.
पिछली फिल्म 'शूट आउट एट लोखंडवाला" में गंभीर डॉन की भूमिका निभाने के बाद इस फिल्म में कॉमिक शूटर की भूमिका निभाना कैसा अनुभव रहा ?
दोनों काफी अलग फिल्में हैं. 'शूट आउट" का किरदार वाकई था उसकी आंखों में दहशत दिखाना था मगर यहां पर मासूमियत है और वह ज़बर्दस्ती दहशत दिखाने की कोशिश कर रहा है.
फिल्म में तीनों का नाम 'लक्ष्मीनारायण" होने से सेट पर कभी किसी प्रकार का कंफ्यूज़न नहीं हुआ ?
जी नहीं अश्विनी जी ने इतनी खूबसूरती से तीनों किरदारों की रचना की है कि किसी प्रकार के कंफ्यूज़न की गुंजाइश ही नहीं रही. साथ ही सभी को कहानी पहले ही सुनाई गई थी क्योंकि फिल्म के क्लाइमैक्स में सभी को साथ रहना था और इसलिए ज़रूरी था कि क्या होने वाला है यह सभी को पता हो.
ऐषा के साथ आपकी यह चौथी फिल्म है. कैसा अनुभव रहा ?
सेट पर हम एक दूसरे को करीब चार साल बाद मिलें मगर ऐसा लगा ही नही कि हम इतने दिनों बाद मिल रहे हैं. पहले दिन से ही हममें काफी अच्छी तरह से बात हुई. हम आज भी बहुत अच्छे दोस्त हैं और बच्चों की तरह नादानियां करते हैं. दूसरों के साथ काम करने का भी काफी अच्छा अनुभव रहा क्योंकि मैं समझता हूं हम सब काफी प्रोफेशनल और समझदार थे.
अश्विनी ने अब तक मात्र टेलीविजन ही की हैं फिल्मों में उनके निर्देशन से आप कितने प्रभावित हुए ?
वह काफी आत्मविश्वास से भरे हुए थे. उनकी जो सबसे अच्छी बात मुझे लगी वह यह कि वह हमेशा सकारात्मक विचारों से भरे हुए रहते थे. हम कहीं से भी फ्रस्ट्रेट होकर आएं हों मगर हमें ठंडा करना उन्हें बहुत अच्छी तरह आता था. उनमें कुछ ऐसा है जिससे हम सारी परेशानियां और सारे टेंशन भूल जाते हैं. जहां तक निर्देशन की बात है तो मैं यही कहूंगा कि उन्होंने एक सफल कैप्टन की तरह इस पूरे जहाज को थामे रखा जो उनकी सबसे बडी काबिलियत रही.
इस फिल्म को साइन करने की सबसे बडी वजह क्या थी ?
अब तक मैंने जितनी भी फिल्में की हैं, जैसे 'गोलमाल", 'क्या कूल है हम", 'ढोल", उन सबमें सिर्फ एक लडकी, दो लडकी के साथ चार लडके तथा साथ ही उनके एडवेंचर या मिसएडवेंचर, जो भी कहिए रही हैं. मगर इस फिल्म में तीनों किरदार, जो न सिर्फ अलग उम्र के हैं बल्कि अलग शहर और अलग पृष्ठभूमि के भी हैं, एक दूसरे को जानते नहीं है. वह एक दूसरे को तब जानते हैं जब हमें पता चलता है कि हम सबका नाम 'लक्ष्मीनारायण" है.
इतनी बडी स्टारकास्ट थी तो क्या आप बता सकते हैं कि सेट पर कभी किसी ने कुछ ऐसा किया हो जिससे सभी लोगों को परेशानी हुई हो ?
जहां तक मुझे याद है किसी एक्टर ने कभी किसी के लिए कोई परेशानी खडी नहीं की. उपेन को लेकर ज़रूर कुछ अखबारों में कुछ खबरें आई थी जिसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि उस गीत के दौरान हम वहां नहीं थे. जहां तक नायिकाओं की बात है यह तो सभी जानते हैं कि जब एक से अधिक लडकियां हो तो परेशानियां होती ही हैं.
इतनी बडी स्टारकास्ट में खुद को लेकर किसी प्रकार की असुरक्षा की भावना नहीं थी ?
देखिए कहानी सुनने के दौरान ही हमें पता चल जाता है कि हमारा किरदार कैसा है और कैसा होगा. साथ ही निर्देशक की तरफ से भी हमें पता चल जाता है कि हमारे किरदार के साथ वह कितना न्याय करने वाले हैं. मुझे लगता है यदि निर्देशक पर भरोसा हो तो डरने की कोई ज़रूरत नहीं है. आखिरकार कुछ रिस्क तो उठाने ही पडते हैं.
आप काफी प्रैंकस्टर हैं तो इस बार किसे अपना शिकार बनाया ?
यह आपसे किसने कहा कि मैं बहुत प्रैंक करता हूं. जहां तक इस फिल्म की बात है मैं तो लोगों पर नज़र रखे हुए था कि वह तो किसी के साथ प्रैंक नहीं कर रहे हैं.
रोहित शेट्टी की फिल्म 'गोलमाल रिर्टंस" में आप हेयर स्टाइलिश बने हैं उसके बारे में कुछ बताइए ?
जी हां. इस फिल्म में मैं हेयर स्टाइलिश की भूमिका निभाने वाला हूं और इसके लिए मैं अलग अलग हेयर स्टाइल भी रख रहा हूं. अलग अलग हेयर स्टाइल रखने के अलावा उनकी आदत होती है कि किसी से बात करते वक़्त भी उनकी नज़र सामने वाले के बालों पर होती है और वह उसे ठीक करने की कोशिश में लगे रहते हैं. मैंने अक्सर आलिम को देखा है. वह हमेशा कुछ न कुछ नए हेयर स्टाइल रखता रहता है. इस फिल्म में मैं गूंगा ही हूं मगर इस फिल्म की कहानी 'गोलमाल" से काफी अलग है.
आपके अनुसार कॉमेडी में आपकी केमिस्ट्री किसके साथ जमती है ?
सच कहूं तो मैं हर किसी के साथ काम करना पसंद करता हूं. मगर सबसे ज़्यादा मज़ा मुझे शरमन के साथ कॉमेडी करने में आया था. हालाकि रितेश के साथ कॉमेडी के लिए भी मुझे काफी सराहा गया था मगर शरमन एक ऐसा कलाकार है जो मुझे कॉमेडी के बारे में काफी कुछ बताता था. आज भी 'गोलमाल" में हमारी कॉमेडी लोगों के लिए यादगार है.
'गोलमाल" रिर्टंस" में शरमन को कितना मिस कर रहे हैं ?
देखिए शरमन मेरा दोस्त है सो ज़ाहिर सी बात है मैं उसे काफी मिस कर रहा हूं क्योंकि सेट पर हम बहुत मज़ा करते थे. इसका मतलब यह नहीं है कि मैं श्रेयस के साथ खुश नहीं हूं उसके साथ भी उतना ही मज़ा आ रहा है. प्रोफेशनली मैं किसी को मिस नहीं कर रहा हूं मगर व्यक्तिगत तौर पर शरमन को मैं बहुत मिस कर रहा हूं.
तरह तरह के किरदार निभाने के बाद एक एक्टर के तौर पर खुद में कितना बदलाव पाते हैं ?
मुझे लगता है अब मुझे कैमरे से डर नहीं लगता. अब मैं अपने काम को लेकर परेशान होने की बजाय इंजॉय कर रहा हूं. साथ ही अब मैं अपने निर्देशकों के साथ भी काफी फ्रेंडली हो गया हूं. पहले मेरे मन में सिनियर जुनियर की भावना रहती थी. अब मैं स्वयं को बॉलीवुड का हिस्सा मानने लगा हूं.
अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बता दीजिए ?
मेरी यह फिल्म मार्च में आएगी. जून में हमारे प्रोडक्शन की फिल्म 'सी कंपनी" आएगी. 'गोलमाल रिर्टंस" अगस्त महीने में आएगी और 'रन बोला रन" साल के अंत में आएगी.


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