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मुझे तो वैसे भी कम सुनाई देता है

By Super

फिल्म अभिनेत्री तनुजा की बेटी और बेहतरीन अभिनेत्री काजोल की छोटी बहन के अलावा तनिषा अपनी कोई पहचान नहीं बना पाईं है. वैसे उन्होंने न सिर्फ पांच फिल्में की है बल्कि यश चोपडा के छोटे बेटे उदय चोपडा के साथ भी प्रेम प्रसंगों के कारण चर्चा का विषय बन चुकी है. फिलहाल तनिषा के पास 'वन टू थ्री" और 'सरकार राज़" यह दो फिल्मे हैं. आइए तनिषा से जानते हैं इन फिल्मों के बारे में.

क्या बात है इन दिनों आप काफी खूबसूरत लग रही है ?

मेरी खूबसूरती का असली कारण मेरा परिवार और परिवार के सारे सदस्य हैं. वह न सिर्फ मेरी हर खुशियों का ख्याल रखते हैं बल्कि मेरी परेशानियों में मेरा सहारा बनते हैं.

इस फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताइए ?

इस फिल्म में मैं उपेन पटेल की गर्ल फ्रेंड बनी हू जो बहुत कम समय में बहुत अमीर बनना चाहता है. इसके लिए वह हमेशा कोई न कोई योजनाएं बनाता रहता है जिसमें मैं भी शामिल रहती हूं. दरअसल वह जानती है वह गलत कर रहा है मगर अपने प्यार के लिए वह कुछ भी कर सकती है. यह किरदार काफी मासूम हैं. इस तरह का किरदार निभाना मेरे लिए काफी अच्छा और फायदेमंद रहा क्योंकि कॉमेडी होते हुए भी इसमे मुझे कॉमेडी पर अधिक ध्यान नही देना पडा. इसमें सिच्यूएशनल कॉमेडी मुख्य है.

कॉमेडी करना आपके लिए मुश्किल था या आसान ?

जैसा कि मैंने अभी आपको बताया कि कॉमेडी करते वक़्त मुझे यह एहसास ही नहीं हुआ कि मैं कॉमेडी कर रही हूं. साथ ही मेरे जो को स्टार थे बहुत मददगार साबित हुए. सुनील शेट्टी और परेश रावल कॉमेडी के किंग माने जाते है उनके साथ कॉमेडी फिल्म करना मेरे लिए वरदान साबित हुआ.

क्या कभी ऐसा हुआ कि आपका सीन काफी कॉमिक है मगर आपको कॉमेडी करने में परेशानी हो रही हो ?

जी नहीं मेरे साथ ईश्वर की दया से कभी ऐसा नही हुआ. दरअसल हमारे साथ सेट पर हमारे एक को स्टार संजय मिश्रा थे. वह इतने मज़ेदार थे कि क्या बताऊं. पूरा दिन वह हमें हंसाते रहते थे और हम भी उनके साथ खूब हंसते थे. कभी गंभीर होने का मौका ही नहीं मिला. अब आप खुद सोचिए यदि सेट का माहौल ऐसा हो तो कॉमेडी करने में किसे परेशानी होगी.

पिछली फिल्म 'नील एंड निक्की" में स्लैप स्टिक कॉमेडी करने के बाद इस फिल्म में पूरी तरह से कॉमेडी करना कैसा लग रहा है ?

जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है. मुझे लगता है दोनों फिल्मों में काफी अंतर है. इस फिल्म में भी कहीं कहीं मैंने स्लैप स्टिक कॉमेडी की है. मेरा काम निर्देशक का आदेश मानना है वह मुझे जैसा कहने को कहेंगे हम वैसा ही करेंगे.

इस फिल्म के निर्देशक अश्विनी धीर ने अब तक सीरियल का ही निर्देशन किया है. यह उनकी पहली फिल्म है सो बतौर निर्देशक, उन्होंने इस फिल्म के साथ कितना न्याय किया ?

मैं यह कहना चाहूंगी कि जिस निर्देशक के साथ सुनील शेट्टी, परेश रावल, तुषार कपूर और एषा देओल जैसे इतने बेहतरीन स्टार कास्ट हो वह निर्देशक कभी गलत हो ही नही सकता. उन्होंने अपने काम के साथ कितना न्याय किया है उसका फैसला दर्शक करेंगे. सो मैं आप सबसे यही कहना चाहूंगी कि आप यह फिल्म ज़रूर देखें.

बहुत बडी स्टार कास्ट है आपको लगता है इतने लोगों में आप अपनी जगह बना पाईं है ?

मुझे लगता है भले ही कितनी बडी स्टार कास्ट क्यों न हो हर किसी की फिल्म में एक खास जगह होती है. अपनी फिल्म को सफल बनाने के लिए हर निर्देशक का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने सारे कलाकारों के साथ न्याय करें. अश्विनी जी ने सभी को एक किरदार दिया है और फिल्म के लिए हर किरदार समान रूप से महत्वपूर्ण है. मेरे इस फिल्म को करने की असली वजह मेरा किरदार है जो मुझे काफी अच्छा लगा। हम सबने बहुत अच्छी तरह से अपने किरदार निभाए है. इससे ज़्यादा और मैं कुछ नहीं कहना चाहती.

इस फिल्म के दौरान कोई मज़ेदार वाकया जिसका आप ज़िक्र करना चाहें ?

जैसा कि मैंने पहले ही बताया उपेन पटेल मेरे बॉय फ्रेंड की भूमिका में हैं शूटिंग की शुरूआत में ही मैंने उन्हें काफी अपसेट कर दिया था. दरअसल हुआ यूं कि पॉडिचेरी में जिस जगह हमारी शूटिंग होने वाली थी वहां जाने के लिए हमें नाव से एक छोटी सी नदी पार करनी पडती थी. मैं और उपेन वहां जब पहुंचे तो मैं पहले उतरकर आगे बढ गई और उपेन मेरे पीछे उतरे मगर बद्किस्मती से बोट से उतरते वक़्त उनका पैर मुड गया और वह मुझे बुलाने लगे. मुझे तो वैसे भी कम सुनाई देता है सो मैं उनकी चींख बिना सुने आगे बढ गई. बाद में मैंने सुना कि उपेन मुझे बहुत बुरा भला कह रहे हैं. मगर मज़ा भी बहुत आया.

इस फिल्म में आपको लेकर चार हीरोइन हैं. क्या कभी आप चारों के बीच किसी बात को लेकर कोई मनमुटाव हुआ ?

ईमानदारी से कहूं तो हम चारों ने कभी साथ में काम नहीं किया. हम सबके सीन और किरदार इतने अलग अलग थे कि कभी मिलने का मौका ही नहीं मिला.

इस फिल्म के प्रोमो में आपको एक खास लुक में हम देख रहे हैं उसके बारे में बताइए ?

यह पूरी फिल्म एक दिन की कहानी है और इस फिल्म में मुझे एक शो रूम के लिए खास तरह की ड्रेस पहननी थी. (हंसते हुए) मुझे दुख है कि मुझे पूरे दिन सिर्फ एक ड्रेस ही पहनने को मिले.

आपको लगता है जिस तरह इस फिल्म में हीरो महत्वपूर्ण है हीरोइन भी उतनी ही महत्वपूर्ण है ?

देखिए मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगी कि इस फिल्म में कोई हीरो या हीरोइन नहीं है सारे किरदार है. और सभी समान रूप से महत्वपूर्ण है. जिस तरह लक्ष्मी नारायण एक किरदार है उसी तरह चांदनी भी एक किरदार है.

अपनी आने वाली फिल्म 'सरकार राज़" के बारे में बताइए ?

'सरकार राज़" की शूटिंग खत्म हो चुकी है और मई में यह फिल्म रिलीज़ होगी. इससे ज़्यादा अभी बताने की मुझे अनुमति नहीं है.

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