उम्मीद है फराह की अगली फिल्म में रहूं
'इकबाल" के बाद 'डोर" में लोगों की सराहना पाने वाले श्रेयस ने 'ओम शांती ओम" में अपने बेहतरीन परफॉरमंस के लिए दर्शकों की वाह वाही बटोरी. फिलहाल इन दिनों श्रेयस नागेश की एक और फिल्म 'बॉम्बे टू बैंकॉक" के लिए काफी चर्चा में हैं. इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म की खासियत यह है कि इसमें श्रेयस का साथ इंडियन नायिका की बजाय थाई नायिका दे रही हैं. तो आइए जानते हैं उनकी फिल्म, नायिका और दूसरी अपेक्षाओं के बारे में.
अपनी आगामी फिल्म 'बॉम्बे टू बैंकॉक" के बारे में बताइए ?
यह एक लाइट हार्टेड रोमांटिक फिल्म है जिसमें एक इंडियन लडका और एक थाई लडकी की प्रेम कहानी है. मैं एक बावर्ची होने के साथ छोटा मोटा चोर भी हूं. एक दिन इत्तिफाक से मैं एक ऐसी चीज़ चुरा लेता हूं जो बाद में पता चलता है कि यह माफिया की है. उनसे बचने के लिए मैं एक डॉक्टर का रूप लेकर बैंकॉक चला जाता है. यहां उसकी मुलाकात एक थाई लडकी से होती है जो मसाज पार्लर में काम करती है. दोस्ती से शुरू हुई पहचान प्यार में बदल जाता है और दोनों मिलकर उस चीज़ के बारे में पता लगाते हैं. इसे आप नागेश की टिपिकल मसाला फिल्म कह सकते है क्योंकि इसमें वह सब कुछ है जो एक बॉलीवुड फिल्म में होने चाहिए.
हमनें सुना है इसमें आपने कुछ गाने भी गाए हैं ?
हां इसे आप नागेश की फिल्म का पहला लिप्सिंग सॉग़ कह सकते हैं. इसमें एक डिस्को नंबर 'सेम सेम बट डिफरेंट" के लिए मैंने और लीना, दोनों ने अपनी थोडी सी आवाज़ दी है. मुझे याद है इस फिल्म के संगीतकार 'सलीम सुलेमान" जब उंगलियों पर बीट देकर हमें गवाने की कोशिश कर रहे थे तब कोई परेशानी नहीं हुई मगर हमारी हालत तब खराब हुई जब स्टूडियो में गाना रिकॉर्ड करवाने की बारी आई. तब मुझे पहली बार यह एहसास हुआ कि जब हम अपने अलावा किसी और के काम में कदम रखते हैं तो पता चलता है कि वह कितना कठिन है. मगर खुशी की बात है कि दोनों ने हमारी काफी मदद की.
अपनी को स्टार लीना के बारे में क्या कहना चाहेंगे ?
लीना के साथ काम करना बहुत अच्छा लगा. शुरूआत में उसे हमारे साथ ट्यूनिंग बिठाने में बहुत मुश्किल हो रही थी मगर हमनें काफी मदद की, जिससे वह हम लोगों के बीच अजनबी महसूस न करे. मैंने सोचा यदि मैं कोई थाई फिल्म करता तो मुझे कैसे लगता. मेरी इस सोच ने उसे काफी मदद की. मेरे अलावा यूनिट के सभी सदस्यों ने भी उसे सहज करने की काफी कोशिश की. हम लोगों के साथ लीना ने भी खुद को हमारे साथ मिक्स करने की बहुत कोशिश की.
नागेश के साथ आपकी यह तीसरी फिल्म है. आप उन्हें दोस्त मानते हैं या गॉडफादर ?
ज़ाहिर सी बात है दोस्त मानता हूं. हम बैक टू बैक तीन फिल्म कर चुके हैं और खुशी की बात यह है कि यह तीन फिल्में सिर्फ अलग अलग विषयों पर नहीं बल्कि तीन अलग अलग किरदारों पर आधारित थी. हमारी यह कोशिश रहती है कि हम दर्शकों को क्या अलग दे सकते है. अब हम एक दूसरे से इतने सहज हो गए हैं कि नागेश जानते हैं कि वह मुझसे क्या करवा सकते हैं और मैं जानता हूं कि उन्हें क्या चाहिए. यह सच है कि हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती है मगर मैं उसकी दोस्ती का फायदा नहीं उठाता. सेट पर आज भी वह डाइरेक्टर हैं और मैं एक्टर हूं. वह जैसा बोलेंगे मैं वैसा ही करता हू.
क्या आपको नहीं लगता कि नागेश आपके साथ हर फिल्म में एक प्रयोग करते हैं ?
नागेश अपनी हर फिल्म से प्रयोग करते आए हैं. जो विषय उसे पसंद आते हैं उस विषय पर वह काम करता है और फिल्म बनाता है. अपने विषयों को लेकर वह किसी से ज़बर्दस्ती नहीं करता. आज भी कोई फिल्म शुरू करने से पहले वह मुझसे पूछता है कि मैं करूंगा या नहीं. हालांकि उसे कोई ज़रुरत नहीं है मुझसे पूछने की क्योंकि हम आपस में बहुत अच्छे दोस्त हैं. मगर यह एक प्रोफेशनलिज़्म की पहचान है जिसे मेंटेन रखना ज़रूरी है. मुझे खुशी है उनके दो प्रयोगों में मैं सफल रहा और इस फिल्म में भी मैं सफल होने की कोशिश कर रहा हूं.
आपकी एवार्ड विनिंग फिल्म 'द हैंगमैन" आज भी दर्शकों की पहुच से दूर है. उसके रिलीज़ न होने का कितना दुख है ?
इस बात का दुख तो है कि जिस फिल्म में मेहनत और पैसा दोनों लगा हो और दर्शक उसे देख न पाए तो बहुत बुरा लगता है. विशेष रूप से 'हैंगमैन" जैसी फिल्म जब रिलीज़ नहीं होती तो बहुत बुरा लगता है. जिन्होंने भी यह फिल्म देखी है उन सबका कहना है कि यह सही मायनों में एवार्ड विनिंग फिल्म है. यह फिल्म एक जल्लाद और उसके बेटे को केन्द्र में रखकर बनाई गई है. इसमें दिखाया गया है कि एक जल्लाद का यह सपना है कि उसका बेटा उसकी तरह इस प्रोफेशन में न आकर कोई अच्छा काम करे. वह उसे पढा लिखाकर एक पुलिस ऑफिसर बनाता है और किस तरह उसके साथ एक ऐसी घटना घटती है जिससे सब कुछ बदल जाता है.
'ओम शांती ओम" में आपके परफॉर्मंस को काफी सराहा गया है. उस फिल्म का कितना फायदा हो रहा है ?
देखिए फायदा तो काफी हो रहा है. मैं खुद को काफी खुशनसीब मानता हूं कि मुझे इस फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिला. मेरे करियर की यह सबसे बडी फिल्म है जिसमें मुझे शाहरुख खान और फराह खान के साथ काम करने का मौका मिला. उन्हें मेरा परफॉरमंस पसंद आया यह मेरे लिए खुशी की बात है. इसका क्रेडिट मैं उन्हें ही देता हूं जिन्होंने मेरे अभिनय को और तराशा. इसके लिए मैं उनका धन्यवाद देता हूं कि दर्शकों ने न सिर्फ मेरे अभिनय बल्कि किरदार को भी सराहा.
तो क्या दर्शक यह उम्मीद कर सकते हैं कि उनकी अगली फिल्म में भी आप रहेंगे ?
(हंसते हुए) ऐसा मैं भी उम्मीद कर रहा हूं. दरअसल अच्छे लोगों के साथ काम करना हर किसी को अच्छा लगता है. एक अच्छे प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर रोल की चिंता नहीं रहती. वह सिनेमा के प्रति काफी पैशनेट हैं और मैं फिलहाल यह उम्मीद करता हूं कि उनकी अगली फिल्म काफी एंटरटेनर होगी और मैं उनके साथ एक बार फिर रहूंगा.
हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों में क्या कर रहे है ?
अभी हाल ही में मैंने मुक्ता आर्ट्स के साथ मिलकर एक मराठी फिल्म 'कांदे पोहे" का निर्माण किया है. आगामी अप्रैल माह में वह फिल्म रिलीज़ हो जाएगी. सो इस फिल्म के बाद मैं उसके प्रोमोशन में जुट जाउंगा. इस फिल्म में मैंने एक गीत में एक छोटा सा कैमियो किया है. हिंदी सिनेमा में काफी व्यस्त होने के कारण मैं सिर्फ हिंदी फिल्में ही कर रहा हूं.
'कांदे पोहे" के अलावा और कोई फिल्म बना रहे हैं ?
(हंसते हुए) यह फिल्म सफल हो जाए तो आगे भी डेरिंग करेंगे.
अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बताइए ?
मेरी आने वाली फिल्मों में रोहित शेट्टी की 'गोलमाल रिटर्नस", संगीत सिवान की 'क्लिक" तथा श्याम बेनेगल की 'महादेव" है. फिलहाल यह तीन फिल्में हैं जिनकी शूटिंग में मैं इन दिनों व्यस्त हूं.
इनके अलावा हमनें सुना है आप एम एफ हुसैन की कोई फिल्म कर रहे हैं ?
जी हां मैं उनकी ऑटोबायोग्राफी में उनका किरदार निभाने वाला हूं. उनकी इस ऑटोबायोग्राफी में उनकी पूरी जीवनी नहीं बल्कि उनके कुछ साल को समेटा जाएगा. इस फिल्म में उनके सत्रह साल से लेकर पैंतीस साल तक का जीवन है. मगर अभी इस फिल्म में वक़्त है. हुसैन साहब बनाना तो चाहते हैं मगर बीच में उनकी तबियत खराब हो गई थी फिर उसके अलावा स्क्रिप्टिंग का काम भी अभी बाकि है सो पता नहीं अब यह फिल्म कब बनेगी.


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