INTERVIEW: अंतिम, ईद रिलीज और अपकमिंग फिल्मों पर बोले सलमान खान- 'फिलहाल दबंग 4 पर काम कर रहा हूं'
महेश मांजरेकर निर्देशित फिल्म 'अंतिम: द फाइनल ट्रूथ' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और फिल्म को दर्शकों से पॉजिटिव रिस्पॉस भी देखने को मिल रहा है। फिल्म में सलमान खान और आयुष शर्मा मुख्य किरदारों में हैं। 'अंतिम' में सलमान खान पुलिस इंस्पेक्टर राजवीर सिंह का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं, जो शहर को माफिया मुक्त करना चाहता है।
फिल्म में अपने किरदार को लेकर सलमान खान बोलते हैं- "मुझे लगता है कि ये मेरे आज तक के सबसे मुश्किल किरदारों में था क्योंकि ये बहुत कुछ कर रहा है, बिना कुछ किये। यहां पॉवर दिखाने के लिए चीखने- चिल्लाने की जरूरत नहीं थी। लोग मेरे काम को पसंद कर रहे हैं, मुझे बहुत खुशी है।"

शुरुआत में चर्चा थी कि 'अंतिम: द फाइनल ट्रूथ' में सलमान कैमियो निभा रहे हैं, इस पर सलमान कहते हैं- "जिन्होंने मुलशी पैटर्न देखी थी, खासकर उन्हें लग रहा था कि मैं फिल्म में सिर्फ 10- 15 मिनट हूं। लेकिन अब लोग देख रहे हैं तो पता चल रहा है कि पूरी फिल्म में मेरा किरदार है। यहां हमारी तरफ से ही कहीं कम्यूनिकेशन की दिक्कत हुई थी इसीलिए मैं सामने आ रहा हूं फैंस को ये बताने कि मैं पूरी फिल्म में हूं।"
फिल्म 'अंतिम' की रिलीज के बाद सलमान खान ने मीडिया से खास मुलाकात की, जहां उहोंने अपनी हालिया रिलीज के साथ साथ अपनी आने वाली फिल्में दबंग 4, टाइगर 3 को लेकर भी खुलकर बातें कीं।
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

फिल्म की सफलता और असफलता उसके बजट से जुड़ी होती है। 'अंतिम' के बजट और कलेक्शन के गणित पर क्या बोलना चाहेंगे?
(हंसते हुए) अच्छा खासा बजट था इसका। शुरु हमने बहुत छोटे बजट के साथ किया था, लेकिन धीरे धीरे बढ़ते- बढ़ते अच्छे दबंग बजट की बन गई ये। और मार्केटिंग की बात करें तो पहले लोगों को लग रहा था कि फिल्म में मेरा रोल 10-15 मिनट का ही है। लेकिन अब लोग देख रहे हैं तो पता चल रहा है कि पूरी फिल्म में मेरा किरदार है। फिल्म की तारीफ हो रही है, हर दिन कलेक्शन बढ़ रहा है तो ये अच्छी बात है।
फिल्म में आपके साथ साथ आयुष की भी काफी तारीफ हो रही है। क्या कहना चाहेंगे?
मैं आयुष को क्यों ऐसा रोल दूंगा या ऐसी फिल्म क्यों दूं, जहां उसकी तारीफ ना हो। आयुष ने तो अभी शुरुआत की है। महेश मांजरेकर ने उसे देखकर कहा था कि मैं इससे काम निकलवाऊंगा। और आयुष ने भी जो उसके अंदर एक गुस्सा था, उसे सही जगह पर चैनलाइज किया.. जिम में, एक्शन सीन्स में, रिहर्सल के दौरान। उसने बहुत मेहनत की है इस फिल्म के ऊपर और इस फिल्म में वो दिख रहा है। रोल भी उसका बहुत अच्छा था। जहां तक मेरे रोल का सवाल है, तो मैंने कोशिश की थी कि किसी दूसरे बड़े एक्टर को इसमें लेकर आऊं। मैंने बातचीत भी की थी, लेकिन मुझे किसी की ओर से कोई ऐसी खास दिलचस्पी दिखाई नहीं दी। फिर मैंने उम्मीद छोड़ दी। लेकिन मुझे ये रोल बहुत पसंद था। मुझे पता था कि मुलशी पैटर्न में इस किरदार के चार सीन हैं और मैं इसके साथ क्या कर सकता हूं, तभी मैंने इस फिल्म का हिस्सा बनने का फैसला किया। यदि मैं सिर्फ चार- छह सीन में होता तो मैं कभी आगे आकर बोलता भी नहीं लोगों को.. कि ये मेरी फिल्म है। ये पूरी तरह से आयुष की फिल्म होती और जब वो थियेटर में जाते तो उन्हें एक सरप्राइज पैकेज देखने को मिलता। लेकिन अब यहां मेरा कैमियो नहीं है। भले मेरा कोई रोमांटिक गाना नहीं है, ना रोमांटिक सीन है लेकिन अगर आप फिल्म देखोगे तो ये मेरा काफी अलग रोल है। हमने इस फिल्म के लिए रोमांटिक एंगल शूट भी किया था, यदि वो होता तो फिल्म में मेरा रोल कुछ 20 मिनट और होता। लेकिन मुझे खुद ही वो जंच नहीं रहा था। मुझे लगा कि कहीं और जा रही है पिक्चर। फिर हमने वो ट्रैक डिलीट दिया।

महेश मांजरेकर ने कहा कि शुरु से ही उनके दिमाग में था कि आपको कुछ अलग तरह से पेश करना है। अपने किरदार के बारे में आपका क्या सोचना है?
शुरु से हम दोनों के दिमाग में था कि ये किरदार दंबग टाइप का नहीं होगा। ये चिल्लाएगा नहीं, चीखेगा नहीं, एक मैच्युरिटी होगी इसमें। लेकिन सच बताऊं तो, जब मैंने शूटिंग शुरु की थी ना, तो लगता था कि कर क्या रहा हूं मैं! लेकिन फिर मैंने अपने किरदार पर थोड़ा विश्वास रखा। मुझे लगता है कि ये मेरे आज तक के सबसे मुश्किल किरदारों में था क्योंकि ये बहुत कुछ कर रहा है, बिना कुछ किये। हमने पहले से सोच रखा था कि ये रोल अंडरप्ले रहेगा। आम तौर पर किसी को पॉवरफुल दिखाने के लिए हम उसे बहुत लाउड कर देते हैं, यहां उसकी जरूरत नहीं थी। पॉवर उसके अंदर थी, उसे दिखाना जरूरी नहीं था। अब फिल्म रिलीज हो गई है, लोगों ने काफी तारीफ की है राजवीर सिंह की, तो मुझे इस बात की बहुत खुशी है। महेश मांजरेकर की इतनी तारीफ हुई है। फिल्म से मैं बहुत खुश हूं। हर दिन कलेक्शन बढ़ रही है फिल्म की, तो मैं अंतिम को अंतिम तक नहीं छोडूंगा। ये सिर्फ फिल्म के बारे में नहीं है, ये लोगों के सिनेमाघरों में वापस आने के बारे में है, सिनेमा एन्जॉय करने के बारे में है। सिनेमाघरों में फिर से ये माहौल बनना बहुत जरूरी था। अब ज्यादा से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन ले लिए हैं, तो मैं चाहता हूं कि वो सभी सिनेमाघर में वापस आएं।

आपके कुछ फैंस हैं, जो थियेटर में पटाखे फोड़ते नजर आए। उन्हें आप क्या कहना चाहेंगे?
हां, कुछ फैंस जो हैं जिन्होंने पटाखे फोड़े हैं और वो मुझे हजम नहीं हुआ। काफी घटनाएं पहले ऐसी हो चुकी हैं कि थियेटर्स के अंदर आग लग गई है, लोगों की जानें गई हैं। तो ये ऐसा सेलिब्रेशन किस काम का! ये मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। मैं फैंस की भावनाओं की कद्र करता हूं, लेकिन थियेटर्स में पटाखे जलाना गलत है। फिर मैंने एक और वीडियो देखा कि फैंस मेरे पोस्टर को दूध से नहला रहे हैं। मैं समझता हूं कि इसके पीछे स्वागत करने वाली भावना है, लेकिन वो जो दूध आप बहा रहे हैं तो मैं बता दूं कि मेरा पोस्टर दूध नहीं पीता। मैं खुद नहीं पीता, तो मेरा पोस्टर क्या पीएगा। अगर दूध पिलाना है तो बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं, जिन्हें खाने को खाना नहीं मिलता, तो आप उन्हें जाकर दूध पिला सकते हैं।
'Hero Worship' पर आपकी क्या सोच है?
मैं अपने फैंस की बात करूं तो इस महामारी के दौरान उन्होंने बहुत काम किया है। बहुत दवाइयां बांटी हैं, ऑक्सीजन सिलेंडर्स बांटे हैं, खाना बांटा है, कपड़े बांटे हैं, बहुत काम किया है। मुझे तो बाद में पता कि वो ये सब खुद के बलबूते पर ही कर रहे हैं। हर राज्य, हर शहर के फैन क्लब ने खुद के पैसों से मदद दी है। ऐसा नहीं है कि वो बहुत अमीर अमीर खानदान से हैं, सभी मध्यम वर्गीय परिवार से हैं, लेकिन उन्होंने बहुत काम किया है। मैंने पोस्ट भी किया था इस बारे में। लेकिन फिर कभी कभी कुछ फैंस ऐसी हरकत भी कर देते हैं कि थियेटर में पटाखे फोड़ रहे हैं, जो गलत है।

Hero worship की बात हो रही है, तो बताएं आपके पसंदीदा कलाकार कौन रहे हैं?
एक एक्टर के तौर पर मुझे युसुफ साहब का काम बहुत पसंद था। फिर धर्म जी की फिल्में बहुत देखी हैं, देव साहब, शत्रु साहब, शशि कपूर जी, इन सबके अभिनय की अपनी अलग क्वालिटी होती थी, जिस वजह से इनके काम मुझे बहुत पसंद थे।
फिल्मों को पायरेसी की बड़ी समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। अभिनेता और निर्माता के तौर पर इस पर क्या कहना चाहते हैं?
देखिए इस बारे में लोगों को खुद ही जिम्मेदार बनना पड़ेगा। अभी किसी ने स्क्रीन से रिकॉर्ड कर दिया और आपको दे दिया, तो ये आपका काम है कि आप मत देखो। राधे की ही बात करें, तो उस फिल्म की कीमत हमने 249 रूपए रखी थी सिर्फ। मुझे सुनने में आया कि राधे फिल्म इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा पायरेटेड फिल्म बन गई है। यदि कोई थियेटर में वो देखने जाता, तो 250 से 300 रूपए खर्च करता। लेकिन यहां उसे और उसके पूरे परिवार को सिर्फ 249 में पूरी फिल्म देखने मिल रही थी। चार- पांच क्या, 10 लोग एक साथ उसी दाम में फिल्म देख सकते हो। लेकिन अब उसके अंदर भी पायरेसी आप करोगे, तो क्या ही बोल सकते हैं।

महामारी की वजह से सिंगल स्क्रीन थियेटर्स को बहुत परेशानियों से जूझना पड़ा है। इस बारे में कुछ कहना चाहेंगे?
मेरा सोचना है कि हमें उन्हें वैसी फिल्में देनी चाहिए, जो उन्हें चाहिए। जो मास देखना चाहती है। अब ऐसा नहीं है कि जबरदस्ती ये सोचकर ही फिल्म बनाना है कि ये मास पिक्चर है। आप फिल्म अच्छी बनाओ तो मास और क्लास दोनों ही देंखेगे। हमारे प्लॉट्स क्या हैं.. ड्रामा, एक्शन, रोमांस, अच्छाई वर्सेस बुराई.. इतने में ही खेलना है हमें। हमें सिनेमा के प्रति सच्चाई दिखानी है, बस।
जन्मदिन पर किसी फिल्म के घोषणा की उम्मीद कर सकते हैं?
अनाउंसमेंट तो नहीं पता, लेकिन फिलहाल हम दबंग पर काम कर रहे हैं, उसकी कहानी लगभग पूरी हो चुकी है। फिर एक साजिद की फिल्म है.. फिलहाल उसके टाइटल का थोड़ा कंफ्यूजन है, हम फैंस से ही पूछने वाले हैं कि 'कभी ईद कभी दिवाली' या 'भाईजान'.. इन दोनों में से आप डिसाइड करो आपको क्या चाहिए। इसके अलावा एक अनीस बज्मी की फिल्म है और टाइगर 3 है, जिसकी शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। साथ ही SKF में दो- तीन छोटी फिल्में बना रहा हूं।

SKF की फिल्मों में नए चेहरे नजर आएंगे?
हां, नए कलाकारों के साथ। लेकिन हमलोग नए चेहरे लॉन्च करते हैं और फिर उनका ख्याल रखते हैं। ये नहीं कि बड़े बड़े स्टार पकड़ते हैं और उन्हें लॉन्च करते हैं।
ईद पर आने की प्लानिंग है?
अभी तो ऐसा नहीं लग रहा कि कोई फिल्म ईद पर आने वाली है। अब सीधा या तो दिवाली पर आएगी, या उसके भी बाद। ईद पर वैसे SKF की एक फिल्म आने वाली है, लेकिन उसमें मैं नहीं हूं। बहुत ही प्यारी फिल्म है वो, जिसका नाम है- बकरे की ईद, एक लड़के और एक बकरी की कहानी है। फिलहाल ऐसा है कि जब फिल्म तैयार हो जाएगी, उसे रिलीज कर देंगे। उसके लिए ईद या दिवाली का इंतजार नहीं करना है। कोविड की वजह इतनी फिल्में अटकी थीं और अब सब आ रही हैं तो च्वॉइस भी नहीं है। हमारे पास सिनेमाघर भी लिमिटेड ही हैं।


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