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मैं उनका सफेद चूहा हूं

By Super

राजेश कुमार यह नाम यूं तो टेलीविजन के दर्शकों के लिए नया हो सकता है मगर 'साराभाई वर्सेस साराभाई" के रोसेज से सभी वाकिफ है. उनका मॉमा कहने का अनोखा अंदाज़ आज भी टेलीविजन दर्शकों के मन में ताज़ा है. इस शो के बाद राजेश हैट्स ऑफ प्रोडक्शन के जारी शो 'बा बहू और बेबी" तथा दूरदर्शन के एक धारावाहिक 'गृहदाह" में नज़र आ रहे हैं, जिनमें इनका किरदार काफी गंभीर सा है.

सो फिलहाल उनकी कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक खुशखबरी यह है कि हैट्स ऑफ प्रोडक्शन के ज़ी टीवी पर प्रसारित होने वाले शो 'चल दी दा नाम गड्डी" में राजेश कुमार की एंट्री एक जिन्न के रूप में हो रहा है. अपने इस किरदार के लिए उत्साहित राजेश का कहना है “अब तक मैंने सिर्फ ऐसे किरदार टेलीविजन पर देखे है पहली बार इस तरह के किरदार को लेकर मैं खुद काफी उत्साहित हूं. इसमें अभिनय के अलावा अधिक दारोमदार कॉस्ट्यूम तथा मेक अप पर होगा. इससे मेरा किरदार अधिक कंविंसिंग हो जाएगा। इसमें मेरी टोपी और बडे कान बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा.“

राजेश ने अपने अन्य साथियों की तरह बहुत सारे शो नहीं किए हैं मगर फिर भी उनकी पहचान एक अच्छे कलाकार में की जाती है. इसका क्रेडिट वह हैट्स ऑफ प्रोडक्शन को देते हुए कहते हैं “मेरे लिए हैट्स ऑफ प्रोडक्शन एक लैबोरेटरी की तरह अहि और मैं उनका सफेद चूहा हूं. उन्हें जो प्रयोग करने होते हैं मुझ पर करते हैं.“

राजेश की बातों पर यदि गौर करें तो उनका 'साराभाई वर्सेस साराभाई" वाला रोसेज़ किरदार पहला और नया होने के बावजूद काफी सराहा गया था. क्या ऐसी कोई उम्मीद उन्होंने इस शो से की है ?

इसके जवाब में राजेश का कहना है “सच कहूं तो मैंने न तब सोचा था और ना अब सोच रहा हूं. दरअसल मैं काफी शर्मिला हूं जब भी कोई मेरी तारीफ करता है तो मैं काफी शर्मा जाता हूं. जहां तक किरदार के सराहनीय होने की बात है यह मेरी कोशिश होती है कि मैं अपने हर किरदार में जान डाल दूं.“

एन डी टी वी इमेजिन चैनल पर जारी हैट्स ऑफ प्रोडक्शन के एक और शो 'एक पैकेट उम्मीद" में कैमिओ कर चुके राजेश कुमार दूरदर्शन पर शरतचंद्र चैटर्जी के उपन्यास 'गृहदाह" पर आधारित है. इस धारावाहिक में राजेश, सुरेश नामक कुलीन परिवार का रईस पुत्र है जो धन के बल पर अपने दोस्त की प्रेमिका से विवाह रचाने में कामयाब हो जाता है. 1950 के दशक की इस कहानी में क्लिष्ट हिंदी भाषा का प्रयोग किया गया है. भाषा के अलावा समय, काल तथा परिस्थितियों का उचित ध्यान दिया गया है.

आज की इस प्रतियोगिता के दौर में भी राजेश अपने गिने चुने कार्यक्रमों से काफी खुश हैं. उनका कहना है “मैं अपनी वर्तमान स्थिति से काफी खुश हूं. महीने में मात्र तीस दिन होते हैं और उन तीसों दिन मैं काफी व्यस्त रहता हूं. साथ ही मेरे लिए घर में वक़्त देना भी काफी ज़रूरी है.“ राजेश जुलाई माह में पापा बनने वाले हैं. इस बात से वह खुश और उत्साहित तो हैं ही मगर साथ ही उन्हें इस बात का भी एहसास है कि पिता बनने के बाद उनकी ज़िम्मेदारियां भी बढ जाएंगी.

फिलहाल हम यही कहेंगे कि अपने बाल दर्शकों के साथ अपने होने वाले बच्चे को भी राजेश कुमार जिन्न के रूप में नायाब तोहफा देंगे.

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