INTERVIEW: 10 सालों में हॉलीवुड में वही जगह बनाना चाहती हूं, जो मैंने बॉलीवुड में बनाई है- प्रियंका चोपड़ा

Priyanka Chopra Interview: अपने आगामी शो 'सिटाडेल' के प्रमोशन के लिए भारत पहुंची, आत्मविश्वास से लबरेज अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा कहती हैं, "मुझे चुनौतियां पसंद हैं, सिंपल होना मुझे बोर करता है"। सिटाडेल में प्रियंका एक जासूस का किरदार निभा रही हैं। रूसो ब्रदर्स द्वारा निर्देशित यह साइंस फिक्शन एक्शन थ्रिलर सीरीज अमेज़न प्राइम वीडियो पर 28 अप्रैल से स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से लेकर हॉलीवुड तक में अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए प्रेरित प्रियंका चोपड़ा ने फिल्मीबीट के साथ हुई बातचीत में अपने फिल्मी सफर पर खुलकर बातें की हैं।
यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-
Q. पश्चिम में, हिंदी सिनेमा और इसके कंटेंट को लेकर काफी पूर्वाग्रह हैं। क्या पिछले कुछ सालों में इसमें कोई बदलाव आया है? क्या आपके प्रति फिल्ममेकर्स का नजरिया बदला है?
A. जी, मुझे लगभग 10 साल हो गए हैं हॉलीवुड में काम करते हुए, तब जाकर एक ऐसा शो मेरे कंधों पर आया है। तो हां, मुझे लगता है कि फिल्ममेकर्स का नजरिया मेरे लिए भी बदला है, भारतीय सिनेमा की तरफ भी बदला है, भारतीय कलाकारों की तरफ भी बदला है और मुझे लगता है कि उसका एक बहुत बड़ा कारण है ओटीटी। मुझे लगता है कि ओटीटी स्ट्रीमिंग ने दुनिया को बहुत छोटा बना दिया है। हम लोग सबटाइटल्स के साथ हर तरह का कंटेंट देख रहे हैं। पिछले कुछ सालों में एंटरटेनमेंट बहुत बदल चुका है, जब तक फिल्ममेकर्स उस बदलाव में नहीं शामिल होंगे, तो वो पीछे रह जाएंगे।
Q. आपने ग्लोबल कंटेंट का उल्लेख किया है। इसमें भारतीय कंटेंट को आप कहां पाती हैं? हाल ही में क्या आपने कोई बॉलीवुड फिल्म देखी है या किसी का काम पसंद आया है?
A. मैं फिल्में देखती हूं। मैं इंडियन कंटेंट भी देखती हूं। मैं राजकुमार राव की हर फिल्म देखती हूं। मैं राजकुमार की बहुत बड़ी फैन हूं। मुझे लगता है कि भारतीय सिनेमा बहुत आगे बढ़ चुका है और हम भी इंटरनेशनल हो चुके हैं। हमारी इंडस्ट्री, हमारी फिल्मों के बारे में पूरी दुनिया अब जानती है और हमारे कंटेंट को लेकर परिचित है। जब मैंने वेस्ट में काम करना शुरु किया, उस वक्त बहुत कम इंडियन या साउथ एशियन लोग थे। अब जब मैं पार्टीज में जाती हूं, तो काफी लोगों से मिलती हूं। हाल ही में मैंने भी ऑस्कर पार्टीज होस्ट शुरु किया है, सिर्फ साउथ एशियन टैलेंट के लिए। और मैं बता नहीं सकती कि यह कितना भावुक करने वाला पल होता है। मैं इतने सारे एक्टर्स और फिल्ममेकर्स से मिली, जो हॉलीवुड में सालों से काम कर रहे हैं, छोटे छोटे रोल कर रहे हैं या वहां करियर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब हम एक दूसरे को देखते हैं कि 200- 300 लोग यहां हैं और हमने अपनी जगह बनाई है। तो हर जगह पहुंचने में समय लगता है।
मैंने भी काफी मुश्किलें देखीं वहां जाकर, इसीलिए आज मैं जिस मुकाम पर हूं, उसकी जिम्मेदारी समझती हूं। यंग टैलेंट हो, यंग राइटर्स हों खास कर महिलाएं, तकनीकी काम करने वाले हों, निर्देशक हों मैं हर किसी को आगे बढ़ाना चाहती हूं। आज मेरी एक प्रोडक्शन कंपनी है, उसके तहत मैं काफी शोज और फिल्में वैगेरह कर रही हूं, और वो मेरे लिए बहुत जरूरी है कि मैं साउथ एशियन कहानियां बताऊं एक ग्लोबल तरीके से। ताकि हमारी कहानियों को भी बराबर स्पेस मिले। लोग ये सोचकर ना देंखे कि आज इंडियन देखना है। फिलहाल इसमें वक्त लगेगा, लेकिन मैंने शुरुआत तो कर दी है।
Q. जब आपने अपना करियर शुरू किया था तो आपके सपने और इच्छाएं अलग होगीं। आज आप लाखों लोगों की आदर्श हैं। अब आपके सपने और आपकी इच्छाएं क्या हैं?
A. जब मैंने शुरुआत की थी तब मैं 17-18 साल की थी। उस वक्त मेरे ख्वाब थे कि मुझे एक अच्छी फिल्म मिले, अच्छे एक्टर के साथ मिले, अच्छे गाने का डांस करने का मौका मिले, अच्छी कॉस्ट्यूम मिले। शुरुआत में आपके सपने और महत्वाकांक्षाएं बहुत छोटी होती हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह बड़ी और बड़ी होती जाती हैं। आज के समय में मेरी महत्वाकांक्षाएं बहुत बड़ी हैं। दुनिया भर में भारतीय प्रतिभा को जिस तरह से देखा जाता है, उसे बदलने की मेरी महत्वाकांक्षा है।
मेरी इच्छा है कि दक्षिण एशिया और हमारे देश के डायस्पोरा से अधिक वैश्विक कहानियों को प्रदर्शित करने का मौका मिले। मैं हॉलीवुड और अंतर्राष्ट्रीय एंटरटेनमेंट परिदृश्य में अधिक से अधिक भारतीय कलाकारों को देखना चाहती हूं। साथ ही मुझे यह देखना अच्छा लगेगा कि वेस्ट के बड़े निर्माता और स्टूडियो हिंदी भाषा में कंटेंट लाएं, जिसे पूरी दुनिया देखे। मेरी महत्वाकांक्षाएं हमेशा बड़ी रही हैं। मेरे पैर हमेशा चादर से बाहर होते हैं। मुझे लगता है कि यदि आप उच्च लक्ष्य रखते हैं, तो भले ही आप वहां तक नहीं पहुंच पाएं, लेकिन फिर भी आप ऊंचे रहेंगे। इसलिए मेरी बड़ी महत्वाकांक्षाएं हैं और मुझे उम्मीद है कि मैं उनमें से कम से कम कुछ हासिल कर सकूं।
Q. आप हमेशा महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं और इस दिशा में आपने बहुत कुछ किया है। इस रास्ते पर आप आगे और क्या करना चाहेंगी?
A. मैं वास्तव में सिस्टरहूड पर विश्वास करती हूं। जब लड़कियां सफल होती हैं, तो बहुत खुशी होती है। इससे मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है क्योंकि मैं छोटे शहर की लड़की हूं और मैंने अपने कई दोस्तों और परिवार की लड़कियों को देखा है, जिनके पंख बहुत कम उम्र में काट दिए गए थे, जिनके पास वैसे अवसर या विकल्प नहीं थे, जो मेरे परिवार ने मुझे दिया। इसलिए मैं हमेशा कहती हूं कि जब एक महिला एक कदम आगे बढ़ाए तो आपको हमेशा अपना हाथ आगे बढ़ाना चाहिए और दूसरी महिला को आगे लाना चाहिए। मेरी हमेशा यही कोशिश रही है। मैं बहुत सारी महिला राइटर्स, प्रोड्यूर्स, डायरेक्टर्स के साथ काम कर रही हूं।
मैं हमेशा सोचती हूं कि मैं और आप, हम सब कितने लकी हैं कि हमारे परिवार ऐसे थे जिन्होंने हमें यह मौका दिया। बहुत सी लड़कियां ऐसी होती हैं जो हमारी तरह ही टैलेंटेड होती हैं, हम जितनी खूबसूरत होती हैं, उनकी चाहत भी हम जितनी गहरी होती है, लेकिन वो अलग परिस्थितियों में पैदा होती हैं। इसलिए मैं अपनी पोजिशन को एक जिम्मेदारी की तरह लेती हूं। मैं मानती हूं कि एक महिला की सफलता और एक महिला का आगे बढ़ना पूरे परिवार को आगे बढ़ने में मदद करता है। यदि आप अपनी बेटी को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देते हैं, तो वह सुनिश्चित करेगी कि न केवल उसका परिवार बल्कि समुदाय भी फले-फूले। इसलिए हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि हम अपनी बेटियों और अपने बेटों को सिखाएं कि महिलाओं को आगे बढ़ाना और उन्हें अवसर देना वास्तव में महत्वपूर्ण है।
Q. हमने बॉलीवुड फिल्मों में आपको एक्शन और स्टंट करते देखा है और सिटाडेल में भी आप शानदार दिख रही हैं। जानना चाहेंगे कि एक्शन सीक्वेंस या स्टंट्स को आप एन्जॉय करती हैं या इसे एक चुनौती के रूप में लेती हैं?
A. सिटाडेल की बात करें तो, यह बहुत मुश्किल था क्योंकि हमने इसे डेढ़ साल में शूट किया है। एक फिल्म में ज्यादा से ज्यादा 60 से 90 दिन का समय लगता है। लिहाजा, जरूरी होता है कि शारीरिक रूप से भी आपको फिट रहना है। जब हम स्टंट सीक्वेंस कर रहे थे, तो हम इसे दिन में 12-12 घंटे शूट कर रहे थे। ऐसे में आप इन बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है कि आप खुद को वार्म कैसे रखते हैं, या आप खुद को कैसे चोट नहीं पहुंचाते हैं, साथ ही अपनी कोरियोग्राफी को कैसे याद करते हैं। मैं असली जासूस या फाइटर नहीं हूं, मुझे कभी ट्रेनिंग नहीं दी गई, मैंने अपने काम के लिए ये सीखा है। एक्शन करने में अब मुझे मजा आता है क्योंकि मैंने कई बॉलीवुड फिल्मों में ये किया है और मुझे खुद पर बहुत भरोसा है। यह एक तरह का मेरा व्हीलहाउस है, यह ऐसा है जो मैं करने में सहज हूं, मैं इसमें अच्छी हूं। इसलिए जब मैं सेट पर जाती हूं तो मैं इससे डरती नहीं हूं। मैं ट्रेनिंग कर सकती हूं, मुझे भरोसा है। (हंसते हुए) इसके बाद मैं कुछ ऐसे प्रोजेक्ट ढूंढ रही हूं जो मुझे डराए। मुझे चुनौतियां पसंद हैं। मुझे ऐसे काम की तलाश में मजा आता है जो मुझे थोड़ा डराए।
Q. करियर के इस मुकाम पर पहुंचकर, बतौर एक्ट्रेस आपके लिए मोटिवेशन फैक्टर क्या है?
A. मैंने बॉलीवुड में यहां के बेस्ट लोगों के साथ काम किया है, चाहे वो फिल्ममेकर्स हों या साथी कलाकार हों। हर तरह का किरदार निभाने का मुझे मौका मिला। लेकिन मुझे अभी तक हॉलीवुड में ऐसा करने का अवसर नहीं मिला है। मैं एक कलाकार के रूप में वहां भी अपनी विश्वसनीयता बनाना चाहती हूं। मुझे उम्मीद है कि आने वाले 10 सालों में मैं वहां भी ऐसा कर सकूंगी।
Q. रुसो ब्रदर्स ने माना है कि सिटाडेल के पीछे जेम्स बॉन्ड का बहुत बड़ा प्रभाव है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब बॉन्ड से प्रेरित कोई थ्रिलर बनाई जा रही है। सिटाडेल को अलग बनाता है?
A. बॉन्ड सीरीज, मिशन इम्पॉसिबल जैसे स्पाई सीरीज हैं, जो बेहद चर्चित हैं। मुझे लगता है कि हम एक इंसान के रूप में जासूसी कहानियों से प्यार करते हैं। यह वास्तव में उन लोगों के लिए दिलचस्प दुनिया है जो टीवी देखना पसंद करते हैं और इसीलिए उन सीरीज ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर लोग तुलना करना चाहते हैं, तो निश्चित रूप से आप कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि सिटाडेल एक बहुत ही अलग शो है क्योंकि यह वास्तव में ग्लोबल है। मैं जिन फिल्मों की बात कर रही हूं, वे सभी अलग-अलग देशों की कहानियां है, लेकिन यहां शो का कॉन्सेप्ट यह है कि दुनिया ने अपनी इंटेलिजेंस को शेयर करने का फैसला किया है। इसलिए, सिटोडेल किसी भी एक देश से जुड़ा नहीं है। यह दुनिया के हर हिस्से में मौजूद है, इसलिए हम दुनिया के हर हिस्से में कहानियां सुना सकते हैं। इसकी एक भारतीय फ्रैंचाइजी है, एक इटालियन फ्रैंचाइजी है और कई और होने की संभावना है। यह पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है। यह एक जासूस की कहानी नहीं है, यह जासूसों की दुनिया है।
Q. सिटाडेल एक ग्लोबल शो है और यह एक अलग दुनिया दिखाती है। इतने बड़े लैंडस्केप में अभिनय करना आपके लिए कितना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण रहा?
A. यह मुश्किल था लेकिन मुझे कठिनाइयां दिलचस्प लगती हैं। मुझे लगता है, मैं इसे इतने लंबे समय से कर रही हूं कि अगर यह सरल हो जाए तो मैं ऊब जाऊंगी। और बोर होना मुझे पसंद नहीं है। जब मैं काम पर जाती हूं तो मुझे प्रेरित होना अच्छा लगता है। जब मैं सुबह उठती हूं और हाथों में कॉफी लेती हूं, तो मैं एक्साइटेड फील करना चाहती हूं। चुनौतियां मुझे रोमांचित करती है और यह शो शारीरिक, भावनात्मक और हर तरह से बहुत चुनौतीपूर्ण है।
Q. आपने बताया कि आपने हॉलीवुड में 10 साल तक संघर्ष किया और अभी आपको मीलों जाना है। आप अपने संघर्ष को किस तरह से देखती हैं?
A. मुझे लगता है, हर किसी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव होता है। आप कुछ अपनी असफलताओं से बनते हैं, कुछ अपने निर्णय से। असफलता के बाद आप क्या करते हैं, यह एक व्यक्ति के तौर पर आपको परिभाषित करता है। असफल तो सभी होते हैं, लेकिन फिर आप क्या करते हैं? यदि आप निराश होकर बैठने का फैसला करते हैं कि मैं असफल हो गया.. तो कोई आपकी मदद नहीं कर सकता। लेकिन आपको बैंडविड्थ ढूंढनी होगी, अपने आप से यह कहने की ताकत ढूंढ़नी होगी कि मैं एक कदम आगे बढ़ूंगी। इसलिए, मुझे लगता है कि संघर्ष ही लोगों को मजबूत बनाता है।
Q. सिटाडेट के भारतीय फ्रैंचाइजी को लेकर क्या सोचती हैं, जिसमें वरुण धवन दिखेंगे?
A. मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं इंडियन फ्रैंचाइजी का इंतजार नहीं कर सकती। मैं इसके बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानती। मुझे कहानी और कंटेंट के बारे में बहुत कम जानकारी है, लेकिन पिछले दिनों मैं वरुण से एक इवेंट के दौरान मिली थी, तो उन्होंने मुझसे कुछ कुछ शेयर किया है। वो मुझे बता रहे थे कि वे शूटिंग के बीच में हैं। साथ ही मैं राज और डीके की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं, मुझे लगता है कि उनका काम वास्तव में अद्भुत है, इसलिए वे इंडियन वर्जन में कुछ बहुत अच्छी विशेषज्ञता लाने जा रहे हैं। यह ऐसा होने जा रहा है जैसा आपने पहले कभी नहीं देखा है।


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