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    INTERVIEW: पैन इंडिया स्टारडम, बिग बजट फिल्में और राधे श्याम पर बोले प्रभास- 'कुछ अलग करने की रहती है कोशिश'

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    "बाहुबली के बाद मिले स्टारडम को समझने और अपनाने में मुझे बहुत वक्त लगा था। साथ ही मुझे समझ थी कि ये सिर्फ मेरी सफलता नहीं है, बल्कि राजामौली सर से लेकर फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति की सफलता है। इसीलिए मैंने कभी इसे अपने सिर पर नहीं चढ़ने दिया.." अपनी पैन इंडिया स्टारडम पर बात करते हुए प्रभास कहते हैं। अपने मजबूत कंधों पर आए दबाव से भी अभिनेता अवगत हैं।

    प्रभास और पूजा हेगड़े अभिनीत फिल्म 'राधे श्याम' 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। राधा कृष्ण कुमार द्वारा निर्देशित इस रोमांटिक- ड्रामा को तेलुगु और हिंदी में शूट किया गया है। और तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब किया गया है।

    फिल्म 'राधे श्याम' की रिलीज से पहले प्रभास ने मीडिया से खास बातचीत की, जहां उहोंने अपने किरदार, अपनी फिल्मों के चुनाव, पैन इंडिया स्टारडम के साथ साथ सैफ अली खान के साथ आदिपुरुष में काम करने के अनुभव को लेकर भी खुलकर बातें की।

    यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

    फिल्म प्रमोशन के दौरान मुंबई काफी आना जाना होता है। इस शहर के साथ कैसा अनुभव रहा है आपका?

    फिल्म प्रमोशन के दौरान मुंबई काफी आना जाना होता है। इस शहर के साथ कैसा अनुभव रहा है आपका?

    मैं पहले भी अपने दोस्तों के साथ मुंबई घूमने आता था। उस वक़्त कोई पहचानता नहीं था तो हमलोग बीच (beach) पर भी जाया करते थे। खूब घूमते थे, खाते थे। मुंबई शहर एनर्जी से भरपूर है। मुझे याद है, मैं अपने भाई से मिलने पहली बार आया था और हम वीटी स्टेशन पर मिलने वाले थे। मैंने वहां देखा कि लोग चल नहीं रहे हैं, बल्कि दौड़ रहे हैं। मैंने ऐसा पहले कभी कहीं नहीं देखा था। अब तो मैं यहां आता जाता रहता हूं। मैंने आदिपुरुष की शूटिंग भी यहीं की है। फिल्म अब पूरी हो चुकी है।

    फ़िल्म 'राधे श्याम' नियति और भविष्य की बातें करती है। असल जिंदगी में आप किस्मत को कितना मानते हैं?

    व्यक्तिगत तौर पर मैं सिर्फ कड़ी मेहनत करने पर विश्वास रखता हूं। बाहुबली की अपार सफलता के बाद मुझे महसूस हुआ था कि किस्मत जैसा भी कुछ होता है। लेकिन ये नसीब, भाग्य सब समझने के लिए बहुत बड़ी चीज़ें हैं। इसीलिए हमारा काम है की सिर्फ मेहनत करते जाओ।

    बाहुबली के बाद आप एक पैन इंडिया सुपरस्टार के रूप में उभर कर आये थे। अब पुष्पा जैसी फिल्मों के साथ अल्लू अर्जुन भी पैन इंडिया सफलता एन्जॉय कर रहे हैं। बतौर अभिनेता इस ट्रेंड को किस तरह देखते हैं?

    बाहुबली के बाद आप एक पैन इंडिया सुपरस्टार के रूप में उभर कर आये थे। अब पुष्पा जैसी फिल्मों के साथ अल्लू अर्जुन भी पैन इंडिया सफलता एन्जॉय कर रहे हैं। बतौर अभिनेता इस ट्रेंड को किस तरह देखते हैं?

    अल्लू अर्जुन ने पुष्पा में बहुत ही शानदार काम किया है। बहुत ही बेहतरीन फ़िल्म है। जहां तक पैन इंडिया सफलता की बात है तो ये तो अभी शुरुआत है। मुझे तो लगता है कि ये शुरुआत भी काफी देर से हुई है। फ़िल्म इंडस्ट्री को 100 साल से ऊपर हो चुके हैं और पैन इंडिया फिल्में अब बन रही हैं। हम सबको मिलकर दुनिया की बाकी बड़ी इंडस्ट्रीज से प्रतिस्पर्धा करनी है। हम इंडियन फ़िल्म इंडस्ट्री हैं, हम एक ही हैं।

    बाहुबली के बाद अब आपकी लगभग सभी फिल्में पैन इंडिया स्तर पर रिलीज हो रही हैं। ऐसे में किसी फिल्म को साइन करते वक़्त किन बातों का ख्याल रखते हैं? या स्क्रिप्ट की क्या बात आकर्षित करती है?

    बाहुबली के बाद अब आपकी लगभग सभी फिल्में पैन इंडिया स्तर पर रिलीज हो रही हैं। ऐसे में किसी फिल्म को साइन करते वक़्त किन बातों का ख्याल रखते हैं? या स्क्रिप्ट की क्या बात आकर्षित करती है?

    ये सबसे मुश्किल प्रक्रिया होती है। अभिनय तो किरदार के हिसाब तैयारी करके की जा सकती है। लेकिन स्क्रिप्ट का चुनाव सबसे मुश्किल होता है.. क्योंकि बॉलीवुड हो या तमिल, तेलुगु इंडस्ट्री, कुल तीन चार तरह की ही फिल्में होती हैं, कमर्शियल मसाला, लव स्टोरी, फैमिली फ़िल्म और एक रियलिस्टिक फिल्में। तो बहुत मुश्किल हो जाता है इनमें से कोई एक सही स्क्रिप्ट के चुनाव में, जिससे पूरे देश में लोग कनेक्ट हो सकें। अभी तो (दक्षिण फिल्म इंडस्ट्री से) सिर्फ तीन फिल्में ही हिट रही हैं, बाहुबली, केजीएफ और पुष्पा। लेकिन अब हम ऐसी और भी फिल्में बनाएंगे। अभी फ़िल्म के रिलीज से पहले अंदाज़ा भी नहीं होता है कि कैसी प्रतिक्रिया रहेगी। साहो को तेलुगु से अच्छा हिंदी में रिस्पांस मिला था। मुझे लगता है आने वाले चार पांच सालों में हमें थोड़ी बहुत समझ हो जाएगी की पैन इंडिया कैसी स्क्रिप्ट काम करेगी, कैसी नहीं। सौ सालों से हम अलग तरह से काम कर रहे थे। अब हम कुछ अलग, कुछ नया सीख रहे हैं।

    'आदिपुरुष' में आप भगवान श्रीराम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज के समय में जब छोटी से छोटी बातों को लेकर भी विवाद खड़ा कर दिया जाता है, इस फिल्म को लेकर क्या महसूस करते हैं?

    'आदिपुरुष' में आप भगवान श्रीराम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज के समय में जब छोटी से छोटी बातों को लेकर भी विवाद खड़ा कर दिया जाता है, इस फिल्म को लेकर क्या महसूस करते हैं?

    इतनी घबराहट मुझे बाहुबली के दौरान भी नहीं हुई थी, जितनी आदिपुरुष के लिए हो रही है। यहां मेरे लिए किसी भी तरह की गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन मुझे मेरे डायरेक्टर ओम राउत पर पूरा भरोसा है। मेरी पहली बॉलीवुड फिल्म है और ओम राउत एक कमर्शियल निर्देशक हैं, तो मुझे लगता है कि मैं सुरक्षित हाथों में हूं।

    सैफ अली खान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

    सैफ बहुत ही बेहतरीन इंसान हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव मैं हमेशा याद रखूंगा। मैं अपनी और अपने अब तक के को-स्टार्स की बात करूं तो, शूटिंग के दौरान हम सीन करके अपने वैन में जाकर बैठ जाते हैं। लेकिन यहां सैफ सर , अमिताभ सर ऐसा नहीं करते हैं। वो सेट पर ही रहते हैं। सैफ सर लाइटिंग के लिए भी जाकर खड़े होते हैं। वो अपने शॉट पूरा होने के बाद भी साथी कलाकारों के लिए रुकते हैं। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा था।

    आपकी ज़्यादातर फिल्मों में आपका किरदार larger than life होता है। क्या इसे बाहुबली का प्रभाव समझ सकते हैं?

    आपकी ज़्यादातर फिल्मों में आपका किरदार larger than life होता है। क्या इसे बाहुबली का प्रभाव समझ सकते हैं?

    (हंसते हुए) हां, जबसे राजामौली सर ने बाहुबली दी है, ऐसी ही फिल्में मिल रही हैं। लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं कि कुछ अलग करूं। कॉमेडी या एक लव स्टोरी या हर दो तीन फिल्मों के बाद कुछ हटके किरदार करूं। लेकिन कमर्शियल पक्ष पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। जैसे राधे श्याम में भी कमर्शियल एलिमेंट्स हैं। मुझे अलग अलग चीज़ें ट्राई करनी है, इसके लिए मुझे अपनी पारिश्रमिक में भी काफी कटौती करनी पड़ती है, जो मैंने राधे श्याम के लिए भी किया। बाहुबली के बाद मैं सालार, प्रोजेक्ट के, आदिपुरुष कर रहा हूं, मुझे पता लोगों को मैं उस अंदाज़ में पसंद भी हूं। मैं खुद को [बड़ी टिकट वाली फिल्मों में] आदिपुरुष की तरह देखना पसंद करता हूं, लेकिन मैं प्रयोग भी करना चाहता हूं।

    आने वाले समय में ओटीटी की ओर रुख करने की कोई प्लानिंग है?

    आने वाले समय में ओटीटी की ओर रुख करने की कोई प्लानिंग है?

    भविष्य का तो पता नहीं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई इरादा नहीं है। अभी मेरी तीन फिल्में बनकर तैयार हैं, मुझे नहीं पता कि ये कहां रिलीज होगीं, ओटीटी पर या थियेटर्स में। कोविड काल के दौरान ओटीटी बहुत सारी फिल्मों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। लेकिन आगे इसका कैसा प्रभाव रहेगा, यह देखना है।

    जाते जाते, एसएस राजामौली की फिल्म 'आरआरआर' पर क्या रिएक्शन देना चाहेंगे?

    मैंने अभी पूरी फिल्म तो नहीं देखी है, लेकिन मुझे कहानी और बाकी सबकुछ की जानकारी है। मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगा कि आरआरआर में हर कोई शानदार है और यह अब तक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक होगी।

    English summary
    In an interview with Filmibeat, Superstar Prabhas talked about being a Pan-India star, doing big budget movies, working experience on Adipurush with Saif Ali Khan and much more.
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