INTERVIEW: दसरा, अजय देवगन और इंडस्ट्री में 15 सालों के सफर पर बोले Nani- 'माइथोलॉजिकल फिल्म करना चाहता हूं'

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Nani Interview: "दसरा में मेरा किरदार कोई सुपरहीरो का नहीं है। वो एक आम इंसान है, लेकिन हिम्मती है, जो गलत के विरोध में आवाज उठा सकता है", अपनी आगामी फिल्म दसरा पर बात करते हुए 'नैचुरल स्टार' नानी कहते हैं। श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बनी फिल्म दसरा 30 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। फिल्म में नानी और कीर्ति सुरेश मुख्य किरदारों में हैं।

तेलुगु में बनी इस पीरियड एक्शन फिल्म को तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में भी रिलीज किया जा रहा है। फिल्म की पैन इंडिया रिलीज पर बात करते हुए नानी कहते हैं. "दसरा का कंटेंट बहुत रिलेटेबल है। पिछले कुछ सालों को देखा जाए तो जो भी कहानी हमें एक अलग दुनिया में ले जाती है, उस फिल्म को हर तरह के दर्शक देख रहे हैं। दसरा की कहानी ग्रामीण तेलंगाना की है और ये जितनी नई मेरे लिए है, उतनी ही नई आप और बाकी दर्शकों के लिए भी होगी। ये प्यार, जंग और दोस्ती के इमोशन पर आधारित है, जो यूनिवर्सल इमोशंस हैं।"

दसरा की रिलीज से पहले, नानी ने फिल्मीबीट के साथ खास बातचीत की है, जहां उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में 15 साल पूरे करने के अनुभव से लेकर अपने स्टारडम और अपने संघर्ष पर खुलकर बातें की। अपने सफर पर बात करते हुए नानी ने कहा, "मैं यहां किसी के साथ कंपिटिशन में नहीं हूं। मैंने अपना एक अलग ही रास्ता बनाया है। मेरा सफर चैलेंजिंग था, लेकिन बहुत एक्साइटिंग भी रहा।"

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

Q. फिल्म में आप काफी जबरदस्त एक्शन करते नजर आ रहे हैं। ये कितना चैलेंजिंग रहा?

Q. फिल्म में आप काफी जबरदस्त एक्शन करते नजर आ रहे हैं। ये कितना चैलेंजिंग रहा?

A. बहुत चैलेंजिंग था। बहुत सारे एक्टर फिल्म खत्म होने के बाद बोलते हैं ना कि हमने बहुत एन्जॉय किया, पिकनिक की तरह शूट था। यहां ऐसा कुछ नहीं था। ये बहुत मुश्किल था मेरे लिए। मैं दिन गिन रहा था कि कब ये पूरी होगी। तो हां, बहुत मुश्किल था, लेकिन फिल्म भी उतनी ही अच्छी बनकर आई है।

Q. दसरा के कंटेंट में ऐसा क्या खास मानते हैं, जो पैन इंडिया दर्शकों को आकर्षित करेगा?

A. मैं इसे पैन इंडिया फिल्म नहीं कहूंगा। ये पांच भाषाओं में रिलीज हो रही है- हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़। भारत में और भी भाषाएं हैं, जब हम किसी फिल्म को हर भाषा में रिलीज करेंगे, तब बोलेंगे पैन इंडिया। तो अभी पैन इंडिया नहीं, बहुभाषी फिल्म है। बाकी फिल्म के कंटेंट की बात करें तो इसमें जो इमोशन दिखाया गया है, मुझे लगता है कि लोग उस इमोशन से कनेक्ट करेंगे।

Q. फिल्म का नाम दसरा है, इसका दशहरे से कोई खास कनेक्शन?

A. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। तो यदि फिल्म को एक लाइन में बताना है, तो यही है फिल्म। और एक खास कनेक्शन ये है कि फिल्म की कहानी एक दशहरा से शुरु होकर दूसरे दशहरा पर खत्म होती है। फिल्म में उसकी एक जर्नी है।

Q. आपके हिसाब से पैन इंडिया फिल्म की परिभाषा क्या हुई?

Q. आपके हिसाब से पैन इंडिया फिल्म की परिभाषा क्या हुई?

A. मेरे हिसाब से, कभी फिल्म के प्रोड्यूसर, एक्टर या टीम से किसी को भी नहीं बोलना चाहिए कि ये पैन इंडिया फिल्म है। देखने के बाद दर्शकों को तय करने देना चाहिए कि ये पैन इंडिया फिल्म है या नहीं। यदि पूरे देश के दर्शक को फिल्म अच्छी लगेगी, तो वो पैन इंडिया फिल्म हुई। सिर्फ पूरे भारत में रिलीज कर देने से कोई फिल्म पैन इंडिया नहीं हो जाती।

Q. आपके अनुसार साउथ फिल्मों की क्या खास बात दर्शकों से कनेक्ट हो रही है?

A. मुझे लगता है कि जड़ से जुड़े रहना, बेहद सरल होना और अलग अलग भावनाओं को समेटना, यही बातें है को दर्शकों को जोड़ रही हैं। हिंदी फिल्में भी पहले आती थी वैसी, लेकिन अभी यहां अलग तरह की फिल्में बन रही हैं।

Q. क्या आपको लगता है कि यह लार्जर देन लाइफ सिनेमा का वक्त है?

A. मुझे नहीं लगता सिर्फ लार्जर देन लाइफ होना ज़रूरी है। कहानी में कुछ एक्साइटमेंट होना चाहिए।. साउथ की ही कई और फिल्में आपने देखी होंगी, जो RRR और KGF जैसी ही थीं, लेकिन वो सब फिल्में सफल नहीं रहीं। इसीलिए लार्जर देन लाइफ होना ही सिर्फ एक मानदंड नहीं है। कंटेंट मे कुछ दिलचस्प होना चाहिए। जब वो होता है तो फिल्म भी सफल हो जाती है।

Q. तेलुगु इंडस्ट्री में कई बड़े सितारे हैं। आप सबकी आपकी बॉण्डिंग कैसी है और कितना कंपिटिशन है?

Q. तेलुगु इंडस्ट्री में कई बड़े सितारे हैं। आप सबकी आपकी बॉण्डिंग कैसी है और कितना कंपिटिशन है?

A. हम सब दोस्त हैं। जब भी मिलते हैं तो साथ अच्छा वक्त गुजारते हैं। फिल्मों के मामले में तो कंपिटिशन हमेशा रहता है, लेकिन वो हेल्दी कंपिटिशन है। जैसे जब स्कूल में पढ़ते हैं तो सभी दोस्त भी होते हैं, लेकिन सबके बीच कंपिटिशन भी होता है। यहां भी वैसा ही है। बाकी वैसे जब कभी भी हमलोग मिलते हैं, तो अच्छी खासी बातचीत होती है। जब भी मेरी फिल्मों का टीजर, ट्रेलर रिलीज होता है, प्रभास मुझे फोन करके बात करते हैं। तेलुगु इंडस्ट्री में हम सबके बीच अच्छी दोस्ती है। कई बार दूसरे इंडस्ट्री के एक्ट्रर्स भी जब आते हैं हैदराबाद, तो भी हमारी दोस्ती देखकर हैरान हो जाते हैं।

Q. आप कंपिटिटिव हैं?

A. मेरा कंपिटिशन किसी के साथ भी नहीं है क्योंकि मैंने एक अलग ही रास्ता चुन लिया है। मैं दसरा के साथ बहुत सालों के बाद एक मेनस्ट्रीम एक्शन फिल्म दे रहा हूं। मैंने बीच में बहुत अलग अलग तरह की फिल्में कीं, जो कोई और नहीं कर रहे थे, जैसे कि जर्सी, श्याम सिंघा रॉय। इसीलिए मैं किसी को कंपिटिशन नहीं मानता हूं। दसरा के बाद हो सकता है मैं इसका जवाब दे पाऊं।

Q. हिंदी भाषी दर्शकों के बीच आप एसएस राजामौली की फिल्म मक्खी से काफी चर्चित हो गए थे। उनके साथ कैसा अनुभव रहा था?

Q. हिंदी भाषी दर्शकों के बीच आप एसएस राजामौली की फिल्म मक्खी से काफी चर्चित हो गए थे। उनके साथ कैसा अनुभव रहा था?

A. तेलुगु के बाहर, हिंदी में नहीं, बल्कि बाकी पूरे देश में भी पहली बार जिस फिल्म से मैं लोगों के सामने आया, वो थी राजामौली कीमक्खी (Eega)। उस वक्त भी वो तेलुगु इंडस्ट्री में बहुत बड़े निर्देशक माने जाते थे। बस आज उनकी उपलब्धिलियों की लिस्ट बहुत लंबी हो गई है। आज वो पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

Q. आपने इस साल फिल्म इंडस्ट्री में 15 साल पूरे कर लिये हैं। अपने सफर को देखकर कैसा महसूस करते हैं?

A. सच कहूं तो, जब मैं इस सफर के पलट को देखता हूं तो लगता है कि साल- दो साल की बात है। इस देश के लोगों ने बहुत प्यार और बहुत इज्जत दिया है। यही कारण है कि मैं अपना काम बहुत एन्जॉय करता हूं। मेरी पहली फिल्म थी Ashta Chamma (2008), सोचता हूं तो लगता है कि अभी ही तो मैंने वो फिल्म की थी। ये 15 साल बहुत तेजी से गुजर गए। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां तक पहुंच पाउंगा। मुझे कुछ बेहद यादगार फिल्मों में हिस्सा बनने का मौका मिला। मैं बहुत खुश हूं।

Q. आज जहां हर इंडस्ट्री में इनसाइडर- आउटसाइडर को लेकर डिबेट रहती है। आपके बाहर से आकर फिल्मों में इतना नाम कमाया है। इसे किस तरह देखते हैं?

Q. आज जहां हर इंडस्ट्री में इनसाइडर- आउटसाइडर को लेकर डिबेट रहती है। आपके बाहर से आकर फिल्मों में इतना नाम कमाया है। इसे किस तरह देखते हैं?

A. हर फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कलाकार होते हैं, जो फिल्म परिवार से होते हैं। या देखा जाए सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि हर जगह ऐसा ही होता है। लेकिन सच कहूं तो आउटसाइडर होना मुझे कभी कभी ज्यादा खुशी देता है। क्योंकि बाहर से आकर यदि आप सफल होंगे तो किसी स्टारकिड से भी दस गुना ज्यादा संतुष्टि आपको मिलेगी। इसीलिए इसमें कुछ गलत नहीं है। हां, उन्हें कुछ मौके ज्यादा मिलते हैं और आपको ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन उस संघर्ष का भी अपना अलग मजा है। मेरा सफर बहुत चैलेंजिंग था, लेकिन बहुत एक्साइटिंग भी था क्योंकि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था। जो फिल्म परिवार से आते हैं, उन पर उम्मीदों का बोझ होता है। उनका अपना अलग संघर्ष है।

Q. आपकी फैन फॉलोइंग काफी तगड़ी है, खासकर फीमेल फैन्स। कैसे हैंडल करते हैं?

A. (हंसते हुए) वही हमें हैंडल करती हैं, मैं क्या ही करूंगा। हां, फीमेल फैंस का बहुत प्यार मिलता है क्योंकि जिस तरह का कंटेंट मैंने किया है, वो उन्हें पसंद है। मैं बहुत रोमांटिक फिल्में की हैं, अब कभी जब मैं एक्शन फिल्म करता हूं तो उनकी तरफ से शिकायत भी आती है। मेरे ऑफिस में बहुत सारी पेंटिंग्स और हाथ से लिखी लेटर्स रखे हैं, जो फैंस ने भेजे हैं। मैं मानता हूं कि मैं लकी हूं कि मुझे फैंस का इतना प्यार मिला है। मैं उन्हें अच्छी से अच्छी फिल्में देने की कोशिश करता रहूंगा। अपने किरदारों के प्रति सच्चा रहूंगा। इतने सारे लोग मुझे प्यार दे रहे हैं, मेरी फिल्में देख रहे हैं, इसके लिए मेरे दिल में सिर्फ आभार है।

Q. दसरा के साथ ही अजय देवगन की फिल्म भोला भी रिलीज हो रही है। इस क्लैश को किस तरह देख रहे हैं?

A. मैं इसे क्लैश मान ही नहीं रहा हूं। अजय देवगन सर एक ऐसे कलाकार हैं, जिनसे हम सभी ने सीखा है। यदि मैं मुंबई में रहा, तो मैं भी पहले जाकर भोला ही देखूंगा, फिर दसरा जाउंगा। मैं भोला की पूरी टीम को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि फिल्म बहुत बड़ी हिट होगी और मैं यहां के दर्शकों से भी यही बोलना चाहूंगा कि आप पहले भोला देंखे, फिर ब्रेक लेकर दसरा देखने आएं.. सिनेमा एन्जॉय करें।

Q. अपने करियर में आपके कई अलग अलग तरह के किरदार निभाए हैं। आगे किस तरह की फिल्में करने की ख्वाहिश है?

Q. अपने करियर में आपके कई अलग अलग तरह के किरदार निभाए हैं। आगे किस तरह की फिल्में करने की ख्वाहिश है?

A. मैं हर तरह का रोल करना चाहता हूं, हॉरर फिल्मों को छोड़कर। हॉरर फिल्में देखना मैं एन्जॉय करता हूं.. इसीलिए मुझे लगता है कि यदि मैं उसमें काम कर लूंगा तो वो एक डर खत्म हो जाएगा। बहरहाल, आने वाले समय में मैं एक माइथोलॉजिकल फिल्म जरूर करना चाहता हूं, ये हमेशा से मेरी इच्छा है। लेकिन इस बारे में ज्यादा सोचना नहीं चाहता। जब ऐसी कोई फिल्म मिलेगी, तब मिलेगी। इसे यूनिवर्स प्लान करेगा।

Q. यदि हिंदी फिल्मों में आना तय करते हैं, तो किस डायरेक्टर के साथ काम करना चाहेंगे?

A. राजकुमार हिरानी सर। मैंने उनकी सारी फिल्में दस- दस बार देखी होगीं। वो ह्यूमन इमोशंस को बहुत ही शानदार तरीके से दिखाते हैं, जिससे आप हमेशा कनेक्ट करते हैं। उनकी फिल्मों की कहानी एकदम बांधने वाली होती है। उसमें बहुत एंटरटेनमेंट होता है, साथ ही दिल को छूने वाला एक मैसेज भी होता है.. तो ये एक बेहतरीन तालमेल है। वो मेरे फेवरिट हैं।

Q. आने वाली फिल्म Nani 30 के बारे में कुछ बताना चाहेंगे?

A. Nani 30 वर्किंग टाइटल है। इस फिल्म की शूटिंग जारी है। हमने पहला शेड्यूल खत्म कर दिया है। इस फिल्म में मैं एक 6 साल की बच्ची का पिता का रोल निभा रहा हूं। वो फिल्म दसरा से बिल्कुल अपोजिट है। फिल्म में मेरे साथ मृणाल ठाकुर दिखेंगी।

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