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    INTERVIEW: काबिल से पहले मैं अलग एक्टर था, जिसे मैं खुद कुछ खास पसंद नहीं करता हूं- ऋतिक रोशन

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    "विक्रम वेधा की कहानी ने मुझे बहुत आकर्षित किया और मैं हमेशा इस बात पर गर्व करूंगा कि मुझे इस फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिला," रिलीज से पहले मीडिया के साथ हुई बातचीत में सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने अपनी आगामी फिल्म को लेकर कहा। खास बात है कि विक्रम वेधा ऋतिक रोशन के 22 सालों के करियर की 25वीं फिल्म है।

    पुष्कर और गायत्री निर्देशित विक्रम वेधा, 2017 में आई इसी नाम से बनी तमिल फिल्म की हिंदी रीमेक है। ओरिजनल में जहां आर माधवन और विजय सेतुपति ने मुख्य किरदार निभाया था। हिंदी फिल्म में ऋतिक रोशन और सैफ अली खान आमने सामने दिखेंगे। फिल्म 30 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।

    'विक्रम वेधा' की रिलीज से पहले ऋतिक रोशन ने फिल्मीबीट से बातचीत की है, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने 22 सालों के सफर पर खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने अपनी फिल्मों के चुनाव, बॉक्स ऑफिस और दर्शकों की बदलती पसंद को लेकर भी बातें की। अभिनेता ने साफ कहा कि दर्शकों की फीडबैक को हमें सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए क्योंकि उससे हमें सिनेमा को आगे ले जाने में मदद मिलेगी।

    यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

    Q. वेधा जैसे किरदार में इमोशनल एंगल लाना बतौर एक्टर कितना मुश्किल रहा?

    Q. वेधा जैसे किरदार में इमोशनल एंगल लाना बतौर एक्टर कितना मुश्किल रहा?

    वेधा एक चैलेजिंग किरदार था मेरे लिए। वेधा भले ही निगेटिव है लेकिन वो एक संवेदनशील किरदार है। जो रास्ता उसने चुना, वो उसे चुनना पड़ा। मैं बहुत खुश हूं कि इस किरदार को इतनी संवेदनशीलता के साथ लिखा गया है। एक एक्शन एंटरटेनर के बीच में इस तरह के किरदार को लिखना काफी शानदार है। इस फिल्म के हीरो इसके राइटर्स हैं। यही कारण है कि मुझे इस फिल्म पर बहुत विश्वास है क्योंकि इस फिल्म की स्क्रिप्ट ने मुझे अपनी ओर खींचा था। मैंने अब तो कई बार ये फिल्म देख ली है, लेकिन हर बार मुझे एक नई बात महसूस होती है। मैं आज भी बैठकर सोचता हूं कि राइटर्स ने ये किरदार कैसे लिखा होगा।

    Q. क्या आपने ओरिजनल फिल्म देखी है? और क्या किरदार निभाने के दौरान ओरिजनल से अलग करने की सोच दिमाग में थी?

    Q. क्या आपने ओरिजनल फिल्म देखी है? और क्या किरदार निभाने के दौरान ओरिजनल से अलग करने की सोच दिमाग में थी?

    हां, मैंने ओरिजनल फिल्म देखी है, लेकिन मैंने किरदार निभाते समय कभी कुछ अलग करने की सोची नहीं। अभिनय कभी भी सोचकर नहीं किया जा सकता, इस पर मैं प्लान नहीं कर सकता कि उन्होंने ये किया है, उन्होंने ऐसा किया है.. तो मैं ऐसा नहीं करूंगा। यदि आप ऐसा प्लान करने लग जाते हैं तो मतलब कि आप फिल्म या कहानी पर सच्चे दिल से काम नहीं कर रहे हैं। एक इंसान के तौर पर हम सभी एक दूसरे से इतने अलग हैं कि यदि मैं पर्दे पर खुद के व्यक्तित्व को भी दिखाऊं तो वो किरदार काफी अलग दिखेगा। कोई मैटर नहीं करता कि उस किरदार को और किसने किसने निभाया है। बतौर डायरेक्टर्स भी पुष्कर सर या गायत्री मैम ने हमें कभी ऐसा नहीं बोला कि.. नहीं, नहीं ये ऐसा था, तो ऐसा ही होना चाहिए। हम यहां कुछ नया क्रिएट कर रहे थे, रिक्रिएट नहीं।

    Q. बतौर एक्टर हीरोइज्म को किस तरह से देखते हैं?

    Q. बतौर एक्टर हीरोइज्म को किस तरह से देखते हैं?

    किरदार द्वारा किये गए एक्शन से हीरोइज्म को आंकना चाहिए। हमारी आदत हीरोइज्म को एक अलग नजर से देखने की हो चुकी है.. आप ऐसे दिख सकते हो, ऐसे मुड़ सकते हो, ऐसे कपड़े पहन सकते हो, छाती अगर फाड़ सकते हो, बाइसेप्स दिखा सकते हो.. तो वो हीरोइज्म है। लेकिन वो चीज मेरे ख्याल से अब कम हो रही है। हां, ये कभी खत्म नहीं होगा क्योंकि उन सब चीजों के साथ ही आप रियल लग सकते हो। मेरी कोशिश इस फिल्म में वही रही है कि किस तरह किरदार को थोड़ा रियल बनाकर रखूं.. क्योंकि मुझे अच्छी तरह पता है कि मेरे सामने वो एक्टर है, जो बहुत ही नैचुरल है.. जिससे मैं सालों से प्रेरित होता आया हूं। मेरे लिए सैफ बेहतरीन अभिनेताओं में एक है। उनके अभिनय का जो तरीका है, वो starry नहीं है। वो बहुत सहज अभिनय करते हैं। अपने 22 सालों के करियर में शायद पहली बार मुझे लगा कि मुझे अपने साथ खड़े एक्टर के सामने थोड़ी सावधानी बरतनी होगी क्योंकि वो बहुत ही रियल एक्टिंग करते हैं। सैफ में थोड़ी भी फेकनेस नहीं है इसीलिए सामने वाले एक्टर ने अगर थोड़ा भी ज्यादा किया वो तुरंत पकड़ में आ जाता है। कहना चाहूंगा कि उनकी वजह से मेरी परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है।

    Q. आपकी पिछली फिल्म 'वॉर' बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल रही थी। विक्रम वेधा के नंबर्स को लेकर कितना प्रेशर महसूस कर रहे हैं?

    सच कहूं तो मैं कलेक्शन के बारे में ज्यादा सोचता ही नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं कि मैं फिल्म से बहुत खुश हूं। अपनी जिंदगी में मैं इस बात पर हमेशा गर्व करूंगा कि मुझे विक्रम वेधा जैसी फिल्म का हिस्सा बनने का मौका मिला।

    Q. पिछले कुछ सालों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव देखा जा रहा है। इस पक्ष के बारे में क्या सोचते हैं?

    Q. पिछले कुछ सालों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव देखा जा रहा है। इस पक्ष के बारे में क्या सोचते हैं?

    हां, पिछले कुछ सालों से हम लगातार सुनते आ रहे हैं कि कंटेंट ही किंग है। मेरा भी मानना है कि एक अच्छी फिल्म, जो आपको एंटरटेन करती हो, वो कभी फेल नहीं होगी। ये मेरा विश्वास है। लॉकडाउन के बाद रिलीज हुई ज्यादातर फिल्में दरअसल पिछले दो- तीन साल पहले ही शुरु हो चुकी थी या कुछ फिल्में पूरी भी चुकी थी। फिर लॉकडाउन का एक लंबा फेज आया, जहां हम सभी में काफी कुछ बदलाव आया है। जो मैं 2 सालों पहले, आज मैं वो नहीं हूं। लिहाजा, दर्शकों की पसंद में भी बदलाव आया। एक तरह से देखा जाए तो यह एक अच्छी बात है कि क्योंकि दर्शक भी अब रियल कहानी देखना चाहते हैं, वो दुनियाभर का कंटेंट देख रहे हैं। तो ये हमारा समय है कि हम बतौर फिल्ममेकर्स खुद के अंदर झांके और नई चीजें बाहर लाएं। दर्शकों का जो फीडबैक है, वो हमारी मदद ही कर रहा है। हमें फीडबैक की जरूरत है, दर्शकों से थप्पड़ की जरूरत है। उनका टेस्ट बदलेगा, तभी हमारी फिल्में भी बदलेंगी। कुछ समय में दर्शकों को वही मिलेगा जो वो आज हमसे देखने की अपेक्षा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि ये एक दिलचस्प समय है। ये हमारे पास एक मौका है। मुझे भी लगता है कि हमारी फिल्मों को समय के साथ बदलना चाहिए।

    Q. 22 साल और 25 फिल्मों के बाद, आज अपने करियर को देखकर कितने संतुष्ट हैं?

    Q. 22 साल और 25 फिल्मों के बाद, आज अपने करियर को देखकर कितने संतुष्ट हैं?

    मैं जब अपने करियर को देखता हूं तो खुद को खुशनसीब मानता हूं। लेकिन मुझे लगता है कि सब टाइमिंग की बात है। आज जब मैं अपनी पिछली कुछ फिल्मों को देखता हूं तो अपनी एक्टिंग को देखकर थोड़ी निराशा होती है और मैं सोचता भी हूं कि इस फिल्म को इतना प्यार कैसे मिला था। इसीलिए मैं हमेशा अपने चाहने वालों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। 22 सालों के बाद, अब जाकर मुझे लगता है कि मैं कुछ हद तक रियल एक्टिंग कर पा रहा हूं। अब मैं काम को बहुत एन्जॉय कर रहा हूं। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि आने वाले में बेहतर से बेहतर काम करूं, जैसा मैंने अभी तक नहीं किया है।

    Q. इस दौरान आपके फिल्म के चुनाव के प्रोसेस में कितना बदलाव आया?

    Q. इस दौरान आपके फिल्म के चुनाव के प्रोसेस में कितना बदलाव आया?

    सच कहूं तो फिल्मों को या स्क्रिप्ट को चुनने का मेरा कोई प्रोसेस नहीं है। मैं वो फिल्में करता हूं, जिसे मैं ना नहीं कर पाता.. सिंपल। यदि किसी कहानी पर मैं बैठ कर सोचने लग गया, तो फिर मैं उसे नहीं ही करता हूं।

    Q. अपने करियर की कोई दो पसंदीदा फिल्म या किरदार बताना चाहेंगे, जो आपके दिल के सबसे ज्यादा करीब हो?

    (हंसते हुए) अपनी पसंदीदा फिल्म को चुनना तो पॉसिबल नहीं है। लेकिन मैं कह सकता हूं कि मैंने अपने काम में बदलाव पाया है- "प्री काबिल और पोस्ट काबिल"। काबिल से पहले एक मोड़ था, उस मोड़ को मैंने सही दिशा में घुमाया। मुझे लगता है कि काबिल के बाद से मेरा काम बेहतर हुआ है। लिहाजा, बतौर एक्टर प्री- काबिल मैं थोड़ा अलग था, जिसे अफसोस मैं खास पसंद नहीं करता हूं। लेकिन काबिल और उसके बाद मैं काम को ज्यादा एन्जॉय कर रहा हूं।

    English summary
    As Vikram vedha is about to release in theatres on 30th Sep, in an interview with Filmibeat, superstar Hrithik Roshan shared his experience on completing 22 years in Bollywood, his process of selecting scripts, about box office, changing audience choices and much more.
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