'प्रेम' का किरदार मिलना सौभाग्य है: सोनू

प्रश्न - 'जोधा अकबर", सिंह इज़ किंग" के बाद अब 'एक विवाह ऐसा भी" जैसी बेहतरीन फिल्म में मुख्य भूमिका निभाकर कैसा लग रहा है ?
उत्तर - अच्छा लग रहा है, सब अच्छी बातें हो रही हैं।
प्रश्न - जब 'एक विवाह ऐसा भी" के लिए आपको राजश्री से फोन आया तब आपका रिएक्शन क्या था ?
उत्तर - अगर राजश्री के यहां से फोन आए तो किसे अच्छा नहीं लगेगा और वो कौन सा सख्स होगा जो 'प्रेम" का किरदार ना निभाना चाहे। जब मैं सूरज जी से मिला और मैंने कहानी सुनी तो मुझे यह कहानी काफी पसंद आई। यह किरदार मुझसे काफी मिलता जुलता है क्योंकि मेरी तरह यह भी एक छोटे से शहर का रहनेवाला है और संगीत में रुचि रखता है।
प्रश्न - पहली बार इस तरह का किरदार निभाया है सो किसी तरह का कोई डर है ?
उत्तर - मुझे लगता है एक कलाकार के लिए यह चुनौती की बात होती है जब उसके दर्शक यह समझते हैं कि क्या यह किरदार के साथ पूरा न्याय कर पाएगा। मैंने अपनी तरफ से अपना काम कर दिया है अब देखना यह है कि दर्शक क्या कहते हैं। अगर उन्हें ऐसा लगे कि मैंने इस किरदार के साथ पूरा न्याय किया है तो यह मेरे लिए बहुत बडी बात होगी। साथ ही मैं समझता हूं कि हर कलाकार को अपने जीवन में एक रोमांटिक फिल्म अवश्य करनी चाहिए क्योंकि इन फिल्मों से दर्शक खुद को जुडा महसूस करते हैं।
प्रश्न - क्या यह फिल्म आपके कैरियर में 'मील का पत्थर" साबित होगी ?
उत्तर - देखिए यह पहली फिल्म है जिसमें मैं मुख्य भूमिका में हूं। बडा प्रोडक्शन हाउस है सो ज़िम्मेदारियां काफी बढ गई हैं। 'जोधा अकबर" और 'सिंह इज़ किंग" दोनों फिल्मों ने काफी अच्छा बिजनेस किया है सो उम्मीद करता हूं कि इस फिल्म के ज़रिए मेरी हिट फिल्मों की हैट्रिक हो जाए। मैं हमेशा से यही यकीन करता हूं कि कलाकारों के मुकाबले उनके द्वारा निभाए गए किरदार अधिक पावरफुल होते हैं क्योंकि दर्शक उन्हें खुद से जोडकर देखते हैं। मेरी यही ख्वाहिश है कि अब तक जितने 'प्रेम" से मैं प्रभावित हुआ हूं उसी तरह दर्शक भी 'एक विवाह ऐसा भी" के 'प्रेम" से प्रभावित हों।
प्रश्न - क्या कभी आपने सोचा था कि राजश्री फिल्म्स का चर्चित किरदार 'प्रेम" आप निभाएंगे ?
उत्तर - सपने हमेशा देखे जाते हैं मगर उनके पूरे होने की गारंटी नहीं होती। यह सपना तो नहीं मगर जब मैं मुंबई आया था तो कुछ नामी प्रोडक्शन हाउस थे जिनके साथ मैं काम करना चाहता था। उनमें से एक नाम राजश्री प्रोडक्शन का भी था। 'प्रेम" का किरदार निभाना मेरे लिए सपनों के साकार होने से भी बहुत बडी बात है।
प्रश्न - राजश्री की कौन सी फिल्में आपको सबसे ज़्यादा अच्छी लगती हैं ?
उत्तर - राजश्री की मेरी पसंदीदा फिल्में हैं 'सांझ", 'दोस्ती", 'चितचोर" 'मैंने प्यार किया", और 'हम आपके हैं कौन"।
प्रश्न - खास तौर से वह कौन सी फिल्म है जिसमें 'प्रेम" का किरदार देखकर आपको लगा हो कि काश मुझे यह भूमिका निभाने का मौका मिलता ?
उत्तर - 'मैंने प्यार किया" का किरदार, जिसे सलमान ने निभाया था। उसने बहुत खूबसूरती से इस किरदार को जीया था मगर फिर भी ऐसा लगता है कि यार, अगर मुझे यह किरदार मिलता तो मज़ा आ जाता।
प्रश्न - सलमान और शाहिद दोनों इस किरदार को जी चुके हैं, आप इस 'प्रेम" को कैसे देखते हैं ? "प्रेम" बनने के लिए आपने अपनी तरफ से कितनी तैयारी की ?
उत्तर - सभी की तरह मैं भी यही सोचता था कि 'प्रेम" एक ऐसा शख्स है जो बहुत अच्छा है। वह कभी कुछ बुरा नहीं कर सकता। जब मैं इस किरदार को निभा रहा था तो मेरे दिल में भी यही ख्याल था कि इस किरदार को पहले दो लोग काफी खूबसूरती से निभा चुके हैं सो मैंने अपने दिमाग में प्रेम का एक ऐसा स्केच तैयार कर लिया जो काफी रियल है। अगए वह किसी गंभीर विषय पर बात भी करेगा तो माहौल को गंभीर बनाने की बजाय उसे अपने ह्यूमर से हल्का बनाए रखेगा। मुझे खुशी है मेरे इस फैसले से कौशिक जी और सूरज जी दोनों सहमत हुए।
प्रश्न - इस किरदार को लेकर क्या किसी तरह का कोई दबाव महसूस करते हैं ?
उत्तर - दबाव तो नहीं मगर हां ज़िम्मेदारी का भाव ज़रूर है क्योंकि दर्शकों के मन में भी होगा कि चलो देखते हैं यह प्रेम कैसा होगा। अगर मैं इसमें कामयाब हुआ तो बहुत बडी बात होगी।
प्रश्न - इस फिल्म में बारह साल का लंबा इंतज़ार बताया गया है। आप इस बात से कितना इत्तिफाक रखते हैं ?
उत्तर - मैं इस बात को मानता हूं क्योंकि कई छोटे शहरों में आज भी ऐसे लोग हैं जो अपने साथी के लिए बरसों बरस रुके रहते हैं। हम नहीं मानते क्योकि हम मुंबई जैसे व्यस्त शहर में रहते हैं जहां अपने लिए भी मुश्किल से समय मिलता है। मगर मेरा मानना है कि हर लडके में एक 'प्रेम" बसा है और हर लडकी में एक 'चांदनी"।
प्रश्न - क्या इस तरह का किरदार आपने अपने आस पास देखा है ?
उत्तर - जी हां मेरे कुछ दोस्त हैं जिन्होंने अपने प्यार के लिए सात आठ साल इंतज़ार किया है मगर परिस्थितियां काफी अलग रही हैं। ज़िन्दगी में कमिटमेंट बहुत मायने रखती है फिर वह चाहे एक बेटे का अपने माता पिता के लिए हो या फिर पति का अपनी पत्नी के लिए। इसके बिना ज़िन्दगी, ज़िन्दगी नहीं है।
प्रश्न - अपनी को स्टार ईशा के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे ?
उत्तर - यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि ईशा के साथ मैं एक तमिल फिल्म कर चुका हूं। उसमें हमारे एक भी सीन साथ में नहीं थे। यह फिल्म हम दोनों की दुसरी फिल्म थी। उस फिल्म के दौरान ही मैंने यह महसूस किया था कि यह एक ऐसी नायिका हैं जिनमें काफी टैलेंट है मगर उसका सही इस्तेमाल होना बाकि है। इसके अलावा कई पुरस्कार समारोह में हम मिले मगर कभी ऐसा नहीं लगा कि हम दोनों साथ काम करेंगे। उनके साथ काम करके ऐसा लगा कि एक सही को स्टार कितना ज़रूरी है। इसके लिए मैं ईशा को दस में से दस देना चाहूंगा।
प्रश्न - ईशा ने हमें बताया कि सेट पर आप लोगों की चीज़ें काफी सफाई से लिफ्ट कर लेते थे। क्या यह सच है ?
उत्तर - हां क्योंकि सेट पर इस तरह की शैतानियां होना बहुत ज़रूरी है वर्ना शूटिंग़ काफी बोरिंग हो जाती है। दरअसल 'सिंह इज़ किंग" के दौरान अक्षय ने मेरे साथ और मैंने अक्षय के साथ इस तरह की हरकतें करने की बहुत कोशिश की मगर बहुत जल्द हमें यह एहसास हो गया कि हम दोनों एक ही स्कूल के हैं सो उस फिल्म के दौरान हम दोनों ने टिम बनाकर लोगों की खूब खिंचाई की। इस सेट पर तो मैं अकेला ही था सो अकेले ही लोगों को खूब परेशान करता था मगर उससे कभी किसी को परेशानी नहीं हुई।
प्रश्न - हमनें सुना है शूटिंग के दौरान आपके बालों को ध्यान मे रखकर साढे चार घंटे मिनरल वाटर की बारीश कराई गई ?
उत्तर - यह बात पूरी तरह से सच नहीं है। इस कहानी में थोडा सा ट्विस्ट है। दरअसल बारीश की शूटिंग के दौरान इत्तिफाक से पानी अच्छा नहीं आया था और उसका बुरा असर बालों पर पड रहा था। आखिरकार राजश्री के मैनेजर ने कहा कि सर आप ऐसा कीजिए बिस्लरी पानी से अपने बाल गिले कर लीजिए और फिर क्लोज़ अप शॉट दीजिए। सो हमनें वैसा ही किया और शॉट दिया। हमनें सिर्फ दो बोतल पानी इस्तेमाल किया और कहानी इस तरह बन गई। हालांकि जब यह खबर मेरे निर्देशक ने सुनी तो उन्होंने मुझसे कहा कि यह तो गलत खबर है। तब मैंने उनसे यही कहा कि यह मीडिया है भैया।
प्रश्न - अपनी आनेवाली फिल्मों के बारे में बताइए ?
उत्तर - मैं यू टी वी की एक फिल्म 'ढुंढते रह जाओगे" कर रहा हूं। इस फिल्म में मैं एक सुपरस्टार की भूमिका निभा रहा हूं, जिसके साथ परेश रावल बतौर निर्देशक एक फिल्म बनाना चाहते हैं। मगर कुछ दिनों में उसे पता चल जाता है कि वह फिल्म काफी वाहियात है सो वह उस फिल्म से अपना नाम वापस ले लेता है। मगर बाद में उसे यह जानकर काफी झटका लगता है कि वही फिल्म उसके डुप्लिकेट के साथ बनाई जा रही है। डुप्लिकेट की भूमिका भी मैं ही निभा रहा हूं। इस फिल्म में मेरे ग्यारह अलग अलग किरदार हैं। सोनी की एक फिल्म है 'शराफत गई तेल लेने"। इसकी शूटिंग अगले महीने शुरू हो जाएगी। इसके अलावा एक और फिल्म है 'कुछ दिन कुछ पल" जो बीच में बंद पड गई है।


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