फुकरे सुनकर सुन्न हो गये थे वरुण- इंटरव्यू

(सोनिका मिश्रा) फरहान अख्तर की फिल्म के साथ आखिर कौन अपने करियर की शुरुआत नहीं करना चाहेगा। फुकरे फिल्म के चूचा यानी वरुण शर्मा का भी कुछ यही सोचना है। फुकरे फिल्म में हनी (पुलकित सम्राट) के बेस्ट फ्रैंड का किरदार निभा रहे चूचा (वरुण शर्मा) का कहना है कि वो जब मुंबई में आए थे तो सड़कों के किनारे लगे फिल्मों के पोस्टर देखकर सोचते थे कि एक दिन उनकी फिल्म के पोस्टर भी लगेंगे। आज जब वो फुकरे फिल्म के पोस्टर देखते हैं तो उन्हें बहुत अच्छा लगता है। वनइंडिया की रिपोर्टर सोनिका मिश्रा से बातचीत के दौरान वरुण ने कई इँटरेस्टिंग बातें शेयर कीं। इंटरव्यू के कुछ अँश यहा मौजूद हैं।

जब फुकरे फिल्म आपको ऑफर हुई तो कैसा लगा था?

जब मुझे ये फिल्म ऑफर हुई तो मुझे बहुत अच्छा लगा। एक्सेल की बहुत सारी फिल्में मुझे पसंद हैं जैसे दिल चाहता है, रॉक ऑन, डॉन, डॉन 2 और जिदगी ना मिलेगी दोबारा। दूसरी बात फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी जैसे बड़े और जाने माने लोगों के साथ अपने किरयर की शुरुआत करना हर एक्टर का सपना होता है। तो ये एक ड्रीम के हकीकत में बदलने जैसा था। मैं हमेशा से एक्टर बनना चाहता था। मेरा फर्स्ट रिएक्शन था कि मैं एकदम सुन्न सा हो गया था। मेरे सामने फरहान की सभी फिल्मों के पोस्टर और उनका लुक आ गया था। बहुत ही खुशी महसूस हुई थी।

फरहान की कोई फिल्म, कोई किरदार जो आपके दिमाग में सबसे पहले आया हो जब उन्होंने आपको ये फिल्म ऑफर की।

Varun Sharma

दिल चाहता है फिल्म मेरी आंखों के सामने आ गयी थी। साथ ही जिंदगी ना मिलेगी दोबारा में फरहान का किरदार मेरी आंखों के सामने नजऱ आ गया था। वो बहुत ही सिंपल हैं जब हम पहली बार मिले तो उन्होंने मुझे बहुत केयर के साथ अपनी फैमिली में शामिल कर लिया। उन्होंने बहुत ही प्यार और आसानी के साथ मुझे कंफरटेबल किया।

आप बॉलीवुड के नये फैमिली मेंबर हैं। लोग आपके बारे में बहुत कुछ जानना चाहते हैं। तो कुछ अपने निजी जीवन के बारे में बताईये।

मैं जालंधर से हूं। मेरी स्कूलिंग बोर्डिंग में हुई। कॉलेज मैंने चंड़ीगढ़ मे किया। मैं जब छोटा था तब मैं बेड पर खड़े होकर शाहरुख के गाने ये काली काली आंखें पर डांस करता था। वो मेरा फेवरेट गाना था। कॉलेज में मैं बहुत अच्छा डासं करता था और मुझे एक्टिगं का बहुत शौक था। हमेशा से सपना था कि मुझे लोगों को एंटरटेन करना है। फिर मैंने थियेटर करना शुरु किया। मैंने नेशनल लेवल तक थियेटर किया है। मैं एक नॉन फिल्मी फैमिली से आया हूं। मेरी फैमिली में कोई भी इस लाइन में नहीं है। लेकिन मेरी फैमिली ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। मेरी मां एक पेटर हैं कॉलेज में लेक्चरार हैं।

मुंबई में अपने शुरुआती दिनों के बारे में कुछ बताइये।

जब मैं यहां आया था तब एक सवाल था कि ये सब कैसे होगा। जब मुंबई में आया था तो काफी पोस्टर देखता था। फिर मुझे लगता था कि मुझे ये करना है। आज जब मैं फुकरे के पोस्टर देखता हूं तो बहुत अच्छा लगता है खुद पर गर्व होता है। अब सिर्फ हार्डवर्क करना है। इंशाअल्लाह सबकुछ होगा।

जब आपने एक्टिंग करने की सोची इंडस्ट्री में आए तो पहले से ही ये सोचा था कि कोई लीड रोल वाली ही फिल्म करेंगे? या कोई भी रोल करने के लिए तैयार थे आप?

सबसे पहले तो एक एक्टर के तौर पर अगर आपको कोई फिल्म मिलती है तो यही बहुत बड़ी बात है। मेरे लिए कोई रोल छोटा या बड़ा नहीं है। मुझे लगता है कि अगर उसे 15 मिनट भी मिलें तो वो बड़ी बात है।

अपनी पहली फिल्म से जुडी़ कोई ऐसी याद जो अभी भी आपको याद हो?

जब आप अपने सपने को हकीकत में तब्दील होते देखते हैं तो आपको उसके पहले पल से लेकर आखिरी पल तक हर सबकुछ याद रहता है। मुझे अभी भी अभी भी याद है कि मैंने अपने ऑडीशन के दौरान क्या पहना था, मेरा शूटिंग पर पहला दिन। सबकुछ मुझे याद है। परी फिल्म मेरे जहन में आज भी एक सुनहरी याद के तौर पर मोजूद है।

फुकरे फिल्म का नाम थोड़ा सा अजीब है हटकर है। तो जब आपने ये सुना कि आपकी पहली फिल्म का नाम फुकरे हैं तो कैसा लगा आपको?

जब मैंने पहली बार फुकरे नाम सुना था तो मैं काफी एक्साइटेड हो गया था। फुकरे दिल्ली का बहुत ही फेमस शब्द है। जैसे मुंबई में लुक्खा कहते हैं वैसे ही दिल्ली में फुकरे कहते हैं। फुकरे वो होते हैं जो जॉबलेस हों, जब पहली बार मैंने ये शब्द सुना तो मैं बहुत एक्साइटेड हो गया था। क्योंकि ये शब्द से मैं खुद को रिलेट कर सकता था। मैं दिल्ली से हूं और ये शब्द कई बार सुन चुका हूं। अब जब मैं घर पर बात करता हूं तो मेरे घरवाले मुझे कहते हैं कि फुकरे अब घर आ जा। (हंसते हुए)

बॉलीवुड में कोई ऐसा एक्टर जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया हो?

जब मैंने इस इंडस्ट्री में शुरुआत की थी तब मै फरहान सर से काफी इंप्रेस था। जब किसी एक्टर को टीवी पर देखते हैं, उनके बारे में जानना चाहते हैं। जब मैं पहली बार फरहान सर से मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरी उम्मीद से बढ़कर मुझे मिला। मेरे लिए फरहान ही सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।

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