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Exclusive Interview: ट्रेन खाली हो गई, मैंने पूछा बॉम्बे स्टेशन आया क्यों नहीं- मानव कौल

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मानव कौल ऐसे कलाकार हैं जो कि चंद मिनट की बातचीत में सामने वाले व्यक्ति के जेहन में खास जगह बना लेते हैं। काबिल लेखक और उम्दा कलाकार होने की झलक मानव की बातचीत में झलकती है। फिर चाहे मुलाकात कुछ मिनट की क्यों ना हो। इससे सभी वाकिफ है कि पर्दे पर अपने नाम से किरदार को लोकप्रिय करने की खूबी मानव कौल में हैं।

परफॉर्मर स्टार कहलाते हैं मानव कौल। यही वजह है कि मानव कौल का नाम आते ही दर्शक फिल्म पर विश्वास करने लगते हैं। एक बार फिर से वेब सीरीज 'द वर्डिक्ट वर्सेज नानावटी' के ट्रेलर में नौसेना अधिकारी केएम नावावटी के किरदार से मानव चर्चा में हैं।

बतौर एक्टर ही नहीं इस सीरीज से मानव का निजी जुड़ाव भी है। फिल्मी बीट से खास बातचीत में मानव कौल ने नानावटी केस, बॅाम्बे में अपने पहले कदम के दिलचस्प किस्से से इस मुलाकात को खास बना दिया।

केएम नानावटी की कहानी रुस्तम में देख चुके हैं, सीरीज में क्या खास है ?

केएम नानावटी की कहानी रुस्तम में देख चुके हैं, सीरीज में क्या खास है ?

ये 10 एपिसोड की वेब सीरीज है। जहां पर हर किरदार की अपनी कहानी है। कहानी को बेहद अलग तरीके से डिटेल में पेश किया गया है। बड़ा मजेदार शो है। जब मैंने इसकी कहानी पढ़ी तो मुझे लगा ये फिक्शन है। ऐसा हुआ नहीं होगा। लेकिन ये हकीकत है। नौसेना अधिकारी केएम नानावटी की बुनियादी कहानी सभी को पता है। मैंने रुस्तम देखी नहीं है। इस सीरीज को देखेंगे तो पायेंगे असल में कोर्ट रूम में क्या हुआ। देश पर,लोगों पर इस केस का क्या असर हुआ। कैसे एक नौसेना अधिकारी का ये केस देश के लिए इतिहास बन गया। दिलचस्प है ये सीरीज।

केएम नानवटी हो या कोई भी किरदार लेखक होने का कितना फायदा मिलता है?

केएम नानवटी हो या कोई भी किरदार लेखक होने का कितना फायदा मिलता है?

आप जीवन में कुछ भी करते हैं उसका फायदा मिलता है। आपका जीवन काम में दिखता है। जैसे अगर आप दस किताब पढ़ने के बाद किसी से बात करती हैं तो उसका असर बातचीत में दिखता है। चर्चा से ज्ञात होता है कि जानकारी कितनी है। किताब पढ़ना, अच्छे लोगों से मिलना, बेहतरीन सिनेमा देखना। इसका असर जीवन पर दिखता है। अभिनय तो नेकेड है। जो सोचते हैं वो स्क्रीन पर दिखता है। मैं अपने जीवन में जो करता हूं उसका असर काम पर दिखना लाजमी है।

हर बार अलग किरदार के साथ स्क्रीन पर आते हैं। इस बार नौसेना अधिकारी..

हर बार अलग किरदार के साथ स्क्रीन पर आते हैं। इस बार नौसेना अधिकारी..

नानावटी केस के दौरान मेरे पिताजी नौसेना में थे। मैंने ये किरदार इस वजह से भी किया ताकि अपने पिता को सम्मान,श्रद्धांजलि दे सकूं। नौसेना अधिकारी के कपड़े पहनना पिता की याद है मेरे लिए। मैं कभी इतना नहीं पढ़ पाया कि नौसेना में जा पाऊं। लेकिन मैं एक्टर हूं। मेरे लिए ये किरदार करने की बड़ी वजह रही कि अपने पिता के लिए नौसेना अधिकारी के कपड़े पहन सकूं।

ऐसी सोच बन गई है कि मानव कौल हैं तो फिल्म अच्छी होगी..

ऐसी सोच बन गई है कि मानव कौल हैं तो फिल्म अच्छी होगी..

(चौंकते हुए ) ये तो बड़ी जिम्मेदारी है। शुक्रिया इसके लिए। मैं इसे बनाए रखने की कोशिश करूंगा। मैं एक बार में एक ही काम करता हू। अपने काम में मैं 100 प्रतिशत देने की कोशिश करता हूं। मैं थिएटर से हूं तो अपने काम मे रिसर्च भी करता हूं। आने वाले समय में मेरा पास ऐसे काम भी हैं।जिसे लेकर मैं उत्साहित हूं। बतौर एक्टर मैं जिम्मेदारी से अपना काम भविष्य में भी करता रहूंगा।

बतौर दर्शक सिनेमा को किस तरह देख रहे हैं?

बतौर दर्शक सिनेमा को किस तरह देख रहे हैं?

कंटेंट और सिनेमा बदला है। कलाकार का मूल्य बढ़ा है। मैं तो जल्द से जल्द निर्देशक अनुभव सिन्हा से मिलना चाहता हूं। सुजीत सरकार और अनुभव सिन्हा जैसे निर्देशक हमारे पास हैं। बात सिर्फ काम की नहीं है। बतौर एक्टर के तौर पर काम करना अलग है। दर्शक बन कर मैं और खूबसूरत कहानी देखना चाहता हूं। एक्टर भी ऐसे आए हैं जो कहानी पर मेहनत कर रहे हैं। उम्दा परफॉरमेंस देखने मिल रही है। ये हर किसी के लिए अच्छा समय है। मुल्क और आर्टिकल 15 जैसी फिल्मों ने मुझे बतौर दर्शक प्रभावित किया है।

इस सीरीज में बॉम्बे दिखाया गया है। मुंबई को लेकर आपकी क्या पहली याद है?

इस सीरीज में बॉम्बे दिखाया गया है। मुंबई को लेकर आपकी क्या पहली याद है?

मैं तो आज भी मुंबई नहीं बॉम्बे बोलता हूं। जब पहली बार वीटी स्टेशन आया तो मैं ट्रेन से उतरा ही नहीं। कुछ लोग बोलने लगे की भाईसाहब कहां जाना है, ट्रेन का ये आखिरी स्टॉप है। मैंने कहा कि अभी तक बॅाम्बे स्टेशन आया ही नहीं..मुझे बताया गया कि ये वीटी स्टेशन ही बॉम्बे है। मैं एक छोटे से शहर से था,बॉम्बे मेरे लिए हमेशा से बड़ा रहा। मैं बचपन से बोलता था, जब भी बॉम्बे जाऊंगा वहीं का रह जाऊंगा। लौट कर नहीं आऊंगा।वैसे ही हुआ मैं यही रह गया। आए लव बॉम्बे।

English summary
In an Exclusive Interview Manav Kaul talk about web series The verdict state vs nanavati and many more
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