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Exclusive Interview: टाईगर जिंदा है के बाद मेरी ज़िंदगी बदल गई है- परेश पाहुज़ा

By Neeti
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यशराज बैनर की फिल्म और सलमान खान का साथ.. बॉलीवुड डेब्यू के लिए ऐसा मौका काफी कम लोगों को ही मिल पाता है। वहीं, बिरले ही ऐसे एक्टर होते हैं जो फिल्म में किसी सुपरस्टार के होते हुए भी दर्शकों के दिमाग में अपनी एक छाप छोड़ जाते हैं। 

यहां हम बात कर रहे हैं टाईगर जिंदा है से बतौर सहायक अभिनेता डेब्यू करने वाले एक्टर परेश पाहुज़ा की। फिल्म में इन्होंने इंडियन आर्मी स्नाइपर की भूमिका निभाई थी। अली अब्बास जफर ने इनके किरदार को काफी मजबूती से बुना था। भारत का झंडा लिये इस सकारात्मक किरदार को लोगों ने खूब पसंद किया।

Paresh Pahuja

फिल्म की सफलता पर परेश कहते हैं, आपकी पहली फिल्म सफल होती है.. तो इसका मतलब लोगों ने आपका काम देखा और पसंद किया। इससे आपका अपने काम के प्रति विश्वास बढ़ता है।

टाईगर जिंदा है की बेजोड़ सफलता के बीच फिल्मीबीट ने टैलेंटेड न्यूकमर परेश पाहुज़ा से कुछ खास बातचीत की। जहां उन्होंने पहली फिल्म की अनुभव के साथ साथ कई पहलुओं पर खुलकर अपना पक्ष रखा है।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

टाईगर जिंदा है बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, आपके किरदार को इतना प्यार मिल रहा है.. कैसा अनुभव कर रहे हैं?

टाईगर जिंदा है बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, आपके किरदार को इतना प्यार मिल रहा है.. कैसा अनुभव कर रहे हैं?

ये नंबर्स और बॉक्स ऑफिस तो नहीं पता.. लेकिन मैं लोगों के रिएक्शन से काफी खुश हूं। लोग अब मुझे पहचानते हैं। मेरे किरदार (अज़ान अकबर) का जिक्र किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर मेरे फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं.. मेरे लिए यह सब सपने सच होने जैसा है।

फिल्म के लिए आपको अप्रोच कैसे किया गया?

फिल्म के लिए आपको अप्रोच कैसे किया गया?

मैंने इस फ़िल्म के लिए दो राउंड में ऑडिशन दिया था। फ़िल्म की कास्टिंग डाइरेक्टर ने मेरा एक एड देखा था, जिसमें उन्हें मेरा काम पसंद आया। ऑडिशन में मुझे सुल्तान का सीन दिया गया था। और दिलचस्प बात है कि उस वक़्त तक मुझे बताया भी नहीं गया कि किस फ़िल्म के लिए ऑडिशन किया जा रहा है।

मैंने ऑडिशन दिया, फिर कुछ दिनों के बाद यशराज फिल्म्स की तरफ से सेकंड ऑडिशन का कॉल आया। मेरे साथ 15 लड़के और भी थे इस राउंड में। खैर मैंने फाइनल ऑडिशन भी दिया। फिर लगभग एक महीने के बाद मुझे कॉल आया कि आप टाईगर ज़िंदा है के लिए फाइनल हो चुके हो।

डेब्यू के लिए सर्पोटिंग किरदार क्यों?

डेब्यू के लिए सर्पोटिंग किरदार क्यों?

मैं यशराज फिल्म्स का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। मेरा सपना था कि एक दिन मैं यशराज फ़िल्म में काम करूं। लेकिन जब मेरे हाथ में स्क्रिप्ट आयी तो मैं कंफर्म होना चाहता था कि फ़िल्म में मेरा किरदार बस एक या दो सीन का ना हो।

मैं फ़िल्म को लेकर बहुत उत्साहित था, लेकिन अपने रोल को लेकर एक असुरक्षा की भावना थी। मुझे डेब्यू लीड रोल से ही करना था। लेकिन जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ा तो मुझे अपने किरदार (अज़ान) से प्यार हो गया। पूरी फ़िल्म में यही एक किरदार है, जिसका उद्देश्य बिल्कुल साफ है। उसे रत्ती भर भी शक नहीं कि वह मिशन में कामयाब होगा या नहीं। और मैं असल जिंदगी में भी कुछ ऐसा ही हूँ।

अपने किरदार के लिए खुद को किस तरह तैयार किया?

अपने किरदार के लिए खुद को किस तरह तैयार किया?

हमारे पास एक्शन की स्पेशल टीम थी, जो यूके से आई थी, Tom Struthers की। वहां उन्होंने हमें राइफल पकड़ने से लेकर खड़े होने के सही पोजीशन तक बताया। लगातार एक महीने तक हमारी ट्रेनिंग रही थी। जबकि पर्सनल स्तर पर भी मैंने काफी तैयारी की थी। मैंने कई आर्मी अफसरों से मुलाकात की थी, कई किताबें पढ़ी थीं।

फिल्म का पहला दिन कैसा रहा था?

फिल्म का पहला दिन कैसा रहा था?

हम्मम.. फिल्म का पहला दिन.. यशराज की फ़िल्म..

सबसे पहले तो मेरे लिए यह सब काफी नया था। इतना बड़ा सेट, पर्सनल गाड़ी, पर्सनल स्पॉटबॉय.. मुझे हज़म करने में थोड़ा समय लगा।

जो हमारी पहली सीन थी, उसमें मेरे साथ सलमान खान, अंगद बेदी, कुमुद मिश्रा और परेश रावल थे। चार दिग्गज और मैं.. जो बस डेब्यू करने के लिए तैयार था। पहला सीन जब खत्म हुआ.. तो सभी उसे मॉनिटर पर देख रहे थे। सलमान सर ने भी देखा.. और उन्होंने पीछे मुड़कर मुझे गले लगाया.. और कहा कि- अच्छा है।

बस फिर मेरी नर्वसनेस वहीं खत्म हो गई। सेट पर सभी ने मुझे बहुत प्यार दिया। अंगद बेदी मेरे भाई की तरह रहे, जबकि कुमुद मिश्रा दोस्त की तरह थे।

पहली फिल्म में ही सलमान खान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

पहली फिल्म में ही सलमान खान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

सलमान खान शानदार इंसान हैं। उन्होंने एक बड़े भाई की तरह मेरा ख्याल रखा है। वह आपके खाने का भी ख्याल रखते हैं, शूटिंग के दौरान भी आपकी मदद करते हैं, जिमिंग की टिप्स भी देते हैं.... सलमान खान सभी का बहुत ही ख्याल रखते हैं, वह भी बिना जताए।

कई बार शूटिंग के दौरान वो मेरे पास आते थे और कहते थे कि इस सीन को ऐसे भी कर सकते हो.. इसे इस तरह भी किया जा सकता है। और सच में उनकी टिप्स से मुझे काफी मदद मिली है। मुझे लगता है शायद इसी वजह से सभी सलमान खान को इतना चाहते हैं, उन्हें इतना प्यार देते हैं। वह बहुत ही साफ दिल इंसान हैं। मुझे यही जज्बा उनसे सीखना है कि इतना ऊपर पहुंचकर भी वह इतने सिंपल कैसे हैं। उन्होंने भावनात्मक तौर पर काफी साथ निभाया।

कैटरीना कैफ के साथ काम करना कैसा रहा?

कैटरीना कैफ के साथ काम करना कैसा रहा?

कैटरीना कैफ तो किसी अलग स्तर की मेहनती एक्ट्रेस हैं। बहुत ही मेहनती और काम के प्रति ईमानदार। हम भले ही अपनी रूटीन इधर उधर कर लें.. लेकिन कैटरीना अपने रूटीन से कभी समझौता नहीं करती हैं। शूटिंग के दौरान भी मैं या कोई एक्टर हो सकता है कभी अपनी लाइन भूल जाए, लेकिन कैटरीना कभी नहीं भूल सकतीं। उनकी तैयारी इतनी परफेक्ट होती है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है।

टाईगर जिंदा है के बाद जिंदगी में क्या बदलाव आया है?

टाईगर जिंदा है के बाद जिंदगी में क्या बदलाव आया है?

टाईगर जिंदा है के बाद मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आया है। अब और बेहतर ऑफर्स मिल रहे हैं। कुछ लीड रोल के लिए भी हैं। जिन बैनर्स के साथ मैं काम करना चाहता था, आज वहां से मुझे ऑफर्स मिल रहे हैं। अचानक लोग अब मुझ पर भी ध्यान दे रहे हैं.. जो पहले नहीं था। मैं काफी खुश हूं।

किन निर्देशकों के साथ आप आगे काम करना चाहेंगे?

किन निर्देशकों के साथ आप आगे काम करना चाहेंगे?

मैं आदित्य चोपड़ा के साथ जरूर काम करना चाहता हूं। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं.. उनके साथ काम करना मेरा सपना.. मेरी तमन्ना है। आदित्य चोपड़ा के बाद मैं यदि मैं किसी निर्देशक का फैन रहा हूं.. तो वह हैं राजू हिरानी। वह जिस तरह इंटरटेनमेंट के बीच एक संदेश दे जाते हैं.. वह शानदार है। मैं उनकी किसी फिल्म में लीड रोल करना चाहता हूं।

क्या आप आगे भी सर्पोटिंग किरदार करना चाहेंगे?

क्या आप आगे भी सर्पोटिंग किरदार करना चाहेंगे?

दरअसल यह काफी घुमावदार सवाल है। यदि मैं ना कहूंगा तो लोग सोचेंगे कि मुझमें घमंड आ गया है। यदि मैं हां कहूंगा तो वह मेरे करियर के लिए सही नहीं है क्योंकि फिर मुझे वैसे भी रोल मिलेंगे। इसीलिए मैं सिर्फ यही कहूंगा कि मैं अच्छी फिल्में करना चाहता हूं.. अच्छी कहानी और अच्छे किरदार। सच कहूं तो मैं सुपरस्टार बनना चाहता हूं। मैं पैसे या पॉपुलैरिटी के लिए नहीं.. बल्कि मैं सुपरस्टार इसीलिए बनना चाहता हूं कि क्योंकि इससे आप ज्यादा लोगों तक पहुंच सकते हैं.. आप दुनिया में कुछ बदलाव ला सकते हैं।

अली अब्बास जफर बतौर निर्देशक कैसे रहे?

अली अब्बास जफर बतौर निर्देशक कैसे रहे?

अली अब्बास जफर एनर्जी से भरपूर और अपने काम से प्यार करने वाले इंसान हैं। फिल्म की एक एक सीन उनके दिमाग में परफेक्ट बैठी थी कि उन्हें शूट कैसे करना है। वो कभी अटकते नहीं थे। मैंने फिल्म शूटिंग के दौरान उनसे अज़ान (फिल्म का किरदार) को लेकर काफी सवाल किये.. कि वह कैसा था.. उसका बैकग्राउंड.. उसकी सोच वैगेरह वैगेरह। लेकिन हैरानी की बात है कि अली अब्बास जफर ने मुझे मेरे सारे सवालों के जवाब दिये। जो मैंने पूछा वह उन्होंने पहले से ही सोच रखा था। मेरे लिए वह जीनियस हैं। मैं आगे भी उनके साथ काम करना चाहूंगा।

टाईगर जिंदा है के बाद फैंस आपको अगली किस फिल्म में देख पाएंगे?

टाईगर जिंदा है के बाद फैंस आपको अगली किस फिल्म में देख पाएंगे?

अभी मैं पक्के तौर पर तो नहीं बता सकता.. लेकिन काफी उम्मीद है कि 2018 में ही मैं अपने फैंस को सरप्राइज करूंगा। मैं बहुत काम करना चाहता हूं.. और अच्छा काम करना चाहता हूं। इसीलिए जल्दबाजी में कोई फिल्म साइन नहीं करना चाहता।

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    English summary
    In an exclusive interview debut actor Paresh Pahuja shares his journey of Tiger Zinda Hai.

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