EXCLUSIVE: जो ये साबित करना चाहते हैं कि हम किसी धर्म के विरोध में हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए- विपुल शाह

exclusive-interview-vipul-shah-on-the-kerala-story-success-controversies-kamal-hassan-anurag-comment

Vipul Shah Exclusive Interview: विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म 'द केरल स्टोरी' ने सिनेमाघरों में एक महीना पूरा कर लिया है और फिल्म अभी भी मजबूती से बनी हुई है। यह इस साल की पहली सुपर डुपर हिट हिंदी फिल्म के तौर पर उभर कर आई है। हालांकि फिल्म के निर्माता का मानना है कि उनके लिए असली सफलता तब होगी, जब देश का हर नागरिक ये फिल्म देख लेगा।

'द केरल स्टोरी' अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। तमाम विवादों के बावजूद यह दर्शकों की पसंद बनी हुई है। फिल्मीबीट के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, निर्माता विपुल शाह ने फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता, इससे जुड़े विवादों और 'प्रोपगेंडा' शब्द को लेकर विस्तार से बातें की हैं।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

Q. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल का प्रदर्शन किया है। बतौर प्रोड्यूसर ऐसे आंकड़ों की उम्मीद थी?

A. सच कहूं तो जब हम ये फिल्म बना रहे थे, तो हमारा एक ही लक्ष्य था कि हम इस फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कैसे ले जाएं। बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन कितनी होगी, कितनी नहीं होगी, इस पर हमारा फोकस नहीं था। करीब करीब पौने दो से दो करोड़ लोगों ने इस फिल्म को थिएटर में देखा है। और कम से कम पांच से दस करोड़ लोगों ने इसके पायरेटेड वर्जन को देखा है। फिर भी मुझे लगता है कि देश की एक बहुत बड़ी संख्या है जो बाकी है। तो हम सभी लोगों से बस यही निवेदन करते हैं कि थिएटर में जाएं और ये फिल्म देखें क्योंकि इस फिल्म का देखा जाना महत्वपूर्ण है। जब ये फिल्म इस देश का हर नागरिक देख लेगा, तब हमें लगेगा कि हम सफल हुए हैं। हमारे लिए सफलता का मापदंड ये है कि कितने लोग इस फिल्म को देख रहे हैं।

Q. फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर कुछ फाइनल निर्णय लिया गया है?

A. नहीं, अभी ओटीटी रिलीज को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। फिलहाल हम यही चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग थियेटर में जाकर इस फिल्म को देंखे। ओटीटी पर फिल्म कब आएगी, इस बारे में अभी मैं भी कुछ नहीं सकता हूं।

थिएटर के मालिकों को धमकी दी जा रही है, कानून की धज्जियां उड़ रही हैं

Q. अभी भी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में फिल्म से बैन नहीं हटाया गया है?

A. हां, इन दो राज्यों में अभी भी गैर कानूनी तरीके से बैन लगा हुआ है। अगर कोई फिल्म लगाना भी चाहे तो वहां थिएटर ओनर्स को धमकियां मिलती हैं। उन्हें धमकी दी जा रही है कि तुम्हारे लाइसेंस रिन्यू नहीं होंगे, असामाजिक तत्व अगर थिएटर में तोड़ फोड़ करेंगे तो पुलिस फोर्स नहीं भेजी जाएगी। तो जाहिर सी बात है कि डर का माहौल है। हम भी ये नहीं चाहेंगे कि किसी थिएटर में तोड़ फोड़ हो या दंगा हो। उन दो राज्यों में कानून की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और ये वो दो राज्य हैं जो हर बात पर लोकतंत्र की दुहाई देते रहते हैं।

Q. ब्रिटेन और मॉरिशस में भी फिल्म की रिलीज को परेशान देखनी पड़ी है। जब आपने इस कहानी पर शुरुआत की थी, उम्मीद थी कि ये एक लड़ाई होने वाली है, जो लंबे समय तक चलेगी?

A. जब आप एक बहुत कड़वा सच लोगों के सामने ले आते हैं तो आपको तैयारी रखनी ही पड़ती है कि आपको लड़ना पड़ेगा। कुछ लोग आपको झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे, कुछ आपके काम को डिस्क्रेडिट करेंगे, और जब वो सब दर्शकों को थिएटर तक जाने में नहीं रोक पा रहे हैं तो अब उनका असली चेहरा सामने आ रहा है। कहीं थिएटर को बम से उड़ाने की धमकी दे रहे हैं, और फिर कहते हैं कि हम बहुत डेमोक्रेटिक हैं और बहुत खुले विचारों के हैं। जब ये ऑडियंस को जाने से नहीं रोक पाए, तो ये इनका तरीका है की थिएटर को उड़ा देंगे । एक तरह से ये फिल्म उन्हीं लोगों को एक्सपोज कर रही है, जो बड़े बड़े दावे करते हैं। और ब्रिटेन, जो दुनिया की इतनी बड़ी डेमोक्रेटिक देश है, वहां पर सरकार इतनी लाचार है कि 500 लोगों के ग्रुप को रोक नहीं सकती? ये सब वोट बैंक की पॉलिटिक्स है, हर गवर्नमेंट घुटने टेक कर बैठ जाती है। सच्चाई सामने आए इसमें किसी को दिलचस्पी नहीं है। तो हां, लडाई तो लंबी है, हम भी लड़ रहे हैं। बस हम कानून के दायरे में रह कर लड़ रहे हैं और उनके लिए कानून का कोई मतलब नहीं है।

Q. फिल्म पर पॉजिटिव और निगेटिव दोनों के तरह के रिएक्शन काफी एक्सट्रीम पर हैं।

A. जब एक्सट्रीम रिएक्शन की बात होती है तो ये देखिए कि उसका ratio क्या है। 100 में अगर 95 लोग बोल रहे हैं कि फिल्म बिल्कुल सच्ची है और 5 लोग बोल रहे हैं कि ये झूठी है और प्रोपेगंडा है, तो इसे कोई समान रिएक्शन कैसे कह सकता है। मेरे हिसाब से रिएक्शन में इतना ऊपर नीचे को हर फिल्म को सहना पड़ता है। मतलब इस देश की बड़ी से बड़ी फिल्म को क्रिटिसाइज करने वाले आपको कुछ लोग तो मिल ही जाएंगे। बाकी 95 परसेंट लोग यदि थिएटर से निकल कर ये के रहे हैं कि इस फिल्म ने उन्हें झकझोर दिया है, उनके दिलों को छू लिया है, तो वो मेरे हिसाब से सच्चाई है। इस देश में बहुमत की सरकार भी 40 परसेंट वोट से बनती है, यहां तो हम फिर भी 95 परसेंट की बात कर रहे हैं।

जो कह रहे हैं कि हम किसी धर्म के विरोध में हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए

Q. हाल ही में हुई दिल्ली मर्डर केस हो या फिर कोई और ऐसी घटना, सोशल मीडिया पर द केरल स्टोरी की चर्चा शुरु हो जाती है। इसे किस तरह से देखते हैं?

A. दिल्ली की जो घटना है, उसे किसी भी धर्म से जोड़ना गलत है। जिस इंसान ने इस बर्बरता के साथ किसी की हत्या की है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मुझे लगता है कि पूरा देश यही चाहता है। ऐसी भयानक कृत्य को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता है। और यही बात हमने अपनी फिल्म द केरल स्टोरी में भी कही है, लेकिन जो विरोध करने वाले हैं, वो कहते हैं कि हम किसी एक समाज के विरोध में हैं। अब वो लोग दिल्ली की घटना पर क्या बोलना चाहेंगे? इस लड़के को किस समाज से या किस धर्म से जोड़ेंगे? हम तो हमेशा से यही कहते आए हैं कि आतंकी का कोई धर्म नहीं होता है, ये आतंकवादी हैं और इनको सिर्फ और सिर्फ सजा मिलनी चाहिए। अगर ये वाकया होने के बाद भी, कोई हमारी फिल्म को ये कहकर गलत साबित करने की कोशिश करता है कि हम किसी धर्म के विरोध में हैं तो उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्हें उस लड़की के मां- बाप के सामने जाकर ये बात कहनी चाहिए, तब उनको पता चलेगा कि उन्हें कितनी बद्दुआएं मिलेंगी। हम सही को सही बोलना सीख जाएं और जो सच्चाई है उसे लोगों के सामने ले आने से डरना बंद कर दें, तो ये हमारे देश के लिए और पूरी दुनिया के लिए बहुत अच्छी बात होगी।

Q. शुरुआत से ही फिल्म के साथ 'प्रोपगेंडा' शब्द को जोड़ा जा रहा है। हाल ही में कमल हसन और अनुराग कश्यप ने भी इस पर टिप्पणी की थी। आप क्या कहना चाहते हैं?

A. जाहिर सी बात है कि जब आप एक सच का सामना करने की हिम्मत नहीं रखते, तो लोग ऐसे प्रोपगेंडा और एजेंडा वाली फिल्म कह कर डिस्क्रेडिट करने की कोशिश करते हैं। जहां तक कमल हसन जी और अनुराग कश्यप का सवाल है , तो वो हमारे इंडस्ट्री के बहुत सीनियर कलाकार हैं, अनुराग हमारे मित्र भी हैं और एक बहुत गुणी डायरेक्टर भी, तो मैं उनकी टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। मैं सबको सिर्फ यही कहता हूं कि पहले आप एक बार फिल्म देख लीजिए। बिना फिल्म को देखे यदि आप कुछ कह रहे हैं, तो ये आपकी प्रतिभा को शोभा नहीं देता।

मुझे ऐसा इमोशनल रिएक्शन आज तक किसी फिल्म के लिए नहीं मिला

Q. रियल लाइफ विक्टिम्स को जब फिल्म दिखाई गई, उनसे कैसी प्रतिक्रियाएं मिली?

A. मैं आपको बता भी नहीं सकता कि वो सभी कितनी इमोशनल हो गई थीं। उनको देख कर हम भी भावुक हो गए थे। इतनी तारीफ मैंने अपनी जिंदगी में किसी से नहीं सुनी। इतना इमोशनल रिएक्शन मुझे आज तक कभी किसी से नहीं मिला। मैं उनका बहुत बहुत आभारी हूं कि हम उनकी वेदना को, उनके दुख को , लोगों तक ले जाने का जो हमारा प्रयास था, वो उन्होंने स्वीकार किया है और कहा है कि हमारी जिंदगी को पूरी सच्चाई के साथ आपने पर्दे पर उतारा है। उनकी प्रतिक्रिया हमारे लिए बहुत मायने रखती है, हम चाहते थे कि जो पीड़ित लड़कियां हैं, उनको फिल्म से संतोष हो।

Q. द केरल स्टोरी के बाद किन फिल्मों पर काम कर रहे हैं?

A. सच कहूं तो अभी द केरल स्टोरी ने बहुत व्यस्त कर के रहा हुआ है। जून के अंत से आगे का सोचेंगे।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X