Exclusive Interview- 'हमारे जमाने के एक्टर्स हीरो लगते थे लेकिन आज..' शहबाज खान का बड़ा बयान!

Shahbaz Khan Interview- टीवी और फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से लोगों को दीवाने वाले शहबाज खान को भला कौन नहीं जानता है। वो नेशनल टीवी पर बेताल पच्चीसी, चंद्रकांता और टीपू सुल्तान जैसे सीरियल से नब्बे के दशक में वो छा गए थे।
इसके अलावा उन्होने कई शानदार फिल्मों में भी काम किया है। इस वक्त वो अपनी आने वाली फिल्म 'ए रियल एनकाउंट' को लेकर चर्चा में हैं। अपनी फिल्म, करियर और कई चीजों को लेकर शहबाज खान ने फिल्मीबीट से बात की है।
पढ़िए इंटरव्यू के प्रमुख अंश:
Q- सबसे पहले आप अपनी अपकमिंग फिल्म 'ए रियल एनकाउंटर' के बारे में कुछ बताइए, किस तरह की कहानी है और आपका किरदार क्या है?
A- ये एक फिक्शन फिल्म है लेकिन रियल घटना से कुछ इंसपायर होकर बनाई गई है। मैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बना हूं जिसका नाम अर्जुन रनाडे है और पुलिसवालों को एनकाउंटर को लेकर क्या चैलेंजेस फेस करने होते हैं और सिस्टम किस तरह से खिलाफ हो जाता है और जवाब देने पड़ते हैं, ये भी एक पहलू है। दूसरा पहलू ये है कि मां-बाप अपने बच्चों पे अपनी बच्चे- बच्चियों पे नजर रखें, सोशल मीडिया का जमाना है। कभी कभी सोशल मीडिया पर गलत लोगों से मुलाकात हो जाती है। ऐसी चीजों से बचना जरूरी है। यही मैसेज है।
Q- ए रियल एनकाउंटर में कई दिग्गज एक्टर हैं, उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
A- हम लोगों ने बहुत काम किया है, रजा भाई के साथ भी काम किया है मुश्ताक भाई के साथ भी काम किया है। खास तौर पर जब आप ऐसे लोगों के साथ काम करते हैं जिनके साथ पर्सनल रिलेशन हैं तो परफॉर्मेंस में भी फर्क पड़ता है।
Q- बतौर अभिनेता आपने फिल्मों और टीवी सीरियल में काम किया है। ज्यादा मजा क्या करने में आता है?
A- हम लोग तो एक्टर्स हैं, हम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वो टीवी है, फिल्म है या स्टेज है। लेकिन मुझे पर्सनली आप पूछेंगे तो मैने टेलीविजन बहुत एंजॉय किया है पास्ट में 90 के दशक में। अब टेलीविजन वैसा नहीं रहा जैसा हुआ करता था। उस जमाने में टेलीविजन कमाल हुआ करता था तो बहुत एंजॉय किया है और सिनेमा तो सिनेमा है।
Q- आप संगीत के घराने से ताल्लुक रखते हैं, फिर आपने अभिनेता बनने का क्यों सोचा?
A- वो एक लंबी कहानी है, बहुत बचपन में बाबा का इंतकाल हो गया था कलकत्ता में। उसके बाद में संगीत फॉलो नहीं कर सका। अगर वो होते तो शायद संगीतकार ही होता, या गा रहा होता। लेकिन वो चले गए तो उसकी वजह से नहीं कर पाया। लंबी कहानी है।
Q- बेताल पच्चीसी, चंद्रकांता या टीपू सुल्तान.. आपका पसंदीदा किरदार और सीरियल?
A- टीपू सुल्तान तो सौ प्रतिशत क्योंकि वो मेरा पहला इंट्रोडक्शन था और उसमें मेरा बहुत अच्छा रोल भी था। मेकर्स भी बहुत अच्छे थे। संजय खान थे और उन लोगों ने बहुत अच्छी तरह से बनाया भी था। तो मेरे ख्याल से टीपू सुल्तान मेरा फेवरिट है और चंद्रकांता भी क्योंकि चंद्रकांता बहुत पॉपुलर हुआ।
Q- वर्तमान में जो नए स्टार्स काम कर रहे हैं, किसके साथ काम करने की इच्छा है? कौन आपका फेवरिट है?
A- सब अच्छे एक्टर्स हैं, लेकिन वो हमारे जमाने के जो एक्टर्स थे वो हीरो लगते थे। विनोद खन्ना हुए, फिरोज खान हुए या अमिताभ बच्चन साहब हों, धरम जी हों। वो हीरो लगते थे। आज कल के हीरोज एक्टर तो अच्छे हैं लेकिन वो स्क्रीन प्रजेंस मिस करता हूं एक दर्शक के तौर से। अभी अक्षय और अजय हैं इनमें स्क्रीन प्रजेंस है लेकिन जो नए नए आए हैं उनको थोड़ा अपनी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी काम करना चाहिए।
Q- निगेटिव किरदार या बतौर हीरो? ज्यादा क्या करने में मजा आता है?
A- मुझे निगेटिव रोल करना बहुत पसंद है। पॉजिटिव में क्या है कुछ नहीं। निगेटिव रोल करना ज्यादा चैलेजिंग है।
Q- जाते जाते अपनी आने वाली फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के बारे में फैंस को कुछ बताना चाहें तो?
A- वो तो मैं बाद में बताऊंगा लेकिन आज में रियल एनकाउंटर की बात करने आया हूं और उसी के बारे में बोलूंगा। सबसे गुजारिश करूंगा की आप अपने करीबी सिनेमाघरों में जाएं और इस फिल्म को देखें और अपना आशीर्वाद हमपर सदैव बनाएं रखें।


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