..................... EXCLUSIVE INTERVIEW: Pankaj Tripathi on success of OMG 2, controversies, censor board, box office, Akshay Kumar and much more - Hindi Filmibeat

EXCLUSIVE:अक्षय कुमार, OMG 2 सक्सेस और विवादों पर पंकज त्रिपाठी, "मैं जिम्मेदारी से फिल्मों का चुनाव करता हूं"

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Pankaj Tripathi Exclusive Interview: फिल्म ओएमजी 2 (OMG 2) के साथ अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों बड़ी स्क्रीन पर दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल रही है और फिल्मीबीट के साथ अपनी खास बातचीत में, प्रभावशाली कलाकार ने बताया कि दर्शकों की प्रतिक्रिया से वो कितने उत्साहित हैं। उन्होंने फिल्म से जुड़े विवाद और अक्षय कुमार को लेकर भी काफी कुछ शेयर किया है।

सिनेमा में लगभग दो दशक पूरे कर चुके पंकज त्रिपाठी कहते हैं, "अब इस वक्त मेरे सामने सर्वाइवल की लड़ाई नहीं है इसीलिए मैं जिम्मेदारी से अपनी फिल्मों का चुनाव करता हूं। ओएमजी 2 मुझे बहुत महत्वपूर्ण फिल्म लगी, इसीलिए मैं इसका हिस्सा बना।"

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

Q. फिल्म रिलीज हो चुकी है, हर तरफ से पॉजिटिव प्रतिक्रिया मिल रही है। कैसा महसूस कर रहे हैं?

A. अब थोड़ी राहत महसूस हो रही है। जब फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट दिया गया था, तब निराशा हुई थी कि जिस उम्र के दर्शकों के लिए हमने फिल्म बनाई थी, वो वंचित रह जाएंगे। हम सब दरअसल, थोड़ा हैरान हुए थे 'ए' सर्टिफिकेट देखकर। चूंकि फिल्म बनाते वक्त भी खुद को एक आइडिया होता है कि फिल्म 'ए' बनानी है, या 'यूए' बनानी है। लेकिन फिल्म आ चुकी है और लोग इतना पसंद कर रहे हैं, ये अच्छी बात है। दर्शक फिल्म देखकर बातचीत करें, हमें और क्या चाहिए। फिल्म रिलीज से पहले भी मुझे सिर्फ यही लगता कि आप पहले से क्यों कयास लगा रहे हो। फिल्म देखने के बाद अपनी राय रखो। लेकिन आजकल इंटरनेट के दौर में कोई एक कुछ कहता है, फिर सब सभी दिशा में भागने लग जाते हैं। सबके हाथों में 5 जी फोन है, तो सब बिना जाने अंजाने अपनी राय रखने लग जाते हैं। ये एक जरूरी फिल्म है। हां, बोल्ड है, लोग बात करने में सहज नहीं होते हैं। लेकिन कंटेंट को बहुत संवेदनशील तरीके से अमित राय ने लिखी है और फिल्म को डायरेक्ट की है। और हम सबसे उतनी ही ईमानदारी ने इसमें अभिनय किया है।

Q. रिलीज से पहले जब फिल्म को लेकर हंगामा किया जाता है, बतौर कलाकार प्रभावित होते हैं?

A. फिल्ममेकिंग बहुत मुश्किल काम है, बहुत परिश्रम वाला और बहुत महंगा काम है। लोग ये समझते नहीं हैं। हालांकि मैं ज्यादा प्रभावित नहीं होता हूं क्योंकि मैं फिल्म का हिस्सा हूं और मुझे फिल्म पता है। मैं यही सोचता हूं कि लोग अभी कयास लगा रहे हैं, फिल्म आएगी तो सबकी राय खुद ब खुद बदल जाएगी।

ओएमजी 2 ने मेरा नजरिया भी बदला है

Q. आज के समय में जब किसी की बात को विवाद की शक्ल लेने में देर नहीं लगती, आप स्क्रिप्ट के चयन में किन बातों का ख्याल रखते हैं?

A. मैं सिर्फ इस बात का ख्याल रखता हूं कि कोई भी लाइन, कोई भी सीन सिर्फ सनसनी के लिए ना लिखी गई हो। ओएमजी 2 में एक सीन है, जहां उपनिषद का रेफरेंस था। वो सीन अब नहीं है फिल्म में, सेंसर बोर्ड ने हटवा दिया। जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी थी तो मैंने अमित राय से पूछी थी कि ये जो लाइन आपने लिखी है, वो उपनिषद में लिखी है? तो उन्होंने कहा कि हां लिखी है। फिर मैंने उनसे बोलकर उपनिषद मंगाई और पढ़ी। उसके बाद मैंने बोला ठीक है, ये बात सही है। फिल्म में भले अब वो लाइन नहीं है, लेकिन वो सच था। तो मैं इतना ध्यान देता हूं कि कोई भी चीज सनसनी के लिए ना लिखी गई हो और गलत रेफरेंस ना हो। किसी पुस्तक का यदि राइटर रेफरेंस दे रहे हों, तो मैं सोर्स चेक कर लेता हूं।

Q. ओएमजी 2 को हां कहना आपके लिए कितना आसान था?

A. मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और मैं तुरंत तैयार हो गया था। जबकि मेरे पास डेट्स भी नहीं थे उस वक्त। मैं अगले 5- 6 महीने बिल्कुल फ्री नहीं था। लेकिन फिर मैंने 2-3 दिन लिया और डेट्स को थोड़ा आगे पीछे किया क्योंकि मुझे ये एक बहुत जरूरी कहानी लगी। मैं भी उस उम्र से गुजरा हूं, मैं भी ग्रामीण परिवेश से आता हूं। हम सब बचपन बाल्यकाल में अलग अलग समस्याओं से गुजरते हैं क्योंकि कोई उचित सोर्स नहीं है आपको अपने शरीर के बारे में समझाने के लिए। कोई नहीं रहता है बताने के लिए कि क्या उचित है, क्या अनुचित है। आपका आचरण कैसा होना चाहिए। जबकि ये चीजें जानना जरूरी है। इसीलिए मुझे ये फिल्म बहुत महत्वपूर्ण लगी, साथ ही बहुत रिसर्च के साथ लिखी हुई है। और मुझे ये भी लगा कि जब प्राचीन काल में देश में कामसूत्र लिखी जा सकती है, अन्य कई ग्रंथों में सेक्स के ऊपर इतना कुछ लिखा गया है, तो ये कब शुरु हुआ कि हमने इस पर बात करना बंद कर दिया। मैं इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहता था और इसने बतौर इंसान मुझे भी बदला है। मेरा भी नजरिया बदला है।

सर्वाइवल के लिए बहुत फिल्में की हैं

Q. आपने एक दफा कहा था कि सफलता ने आपको जिम्मेदार बना दिया है। स्क्रिप्ट के चयन में भी अब उसका प्रभाव दिखता है।

A. पहले मैंने सर्वाइवल के लिए भी बहुत काम किया है क्योंकि आप पर तमाम जिम्मेदारी होती है। ऐसे में कई बार आप अपने च्वॉइस से समझौता कर लेते हैं। लेकिन अब इस वक्त मेरे सामने सर्वाइवल की लड़ाई नहीं है इसीलिए मैं जिम्मेदारी से अपनी फिल्मों का चुनाव करता हूं। ये संभव है कि पहले किये गए अपने कई काम से मैं वैचारिक रूप से सहमत नहीं हूं, लेकिन प्रोफेशनल एक्टर हूं, मेरा काम एक्टिंग करना है और मेरे पास जो फिल्म आई मैंने किया। लेकिन अब वो स्थिति नहीं है।

Q. बतौर को-एक्टर अक्षय कुमार के साथ कैसा अनुभव रहा?

A. बहुत ही अच्छा। सबसे पहले बधाई के पात्र अक्षय कुमार ही हैं कि उन्होंने ये कहानी सुनी और तय किया कि वो इस पर फिल्म बनाएंगे। मेरा नाम भी उन्होंने ही सामने लाया था। साथ ही मुझे फिल्म का पहला नरेशन भी खुद अक्षय जी ने ही दिया था। कोविड का दौर था 2021 में, तो जूम कॉल पर उन्होंने ही फिल्म की पूरी कहानी सुनाई थी। उनके हौसले की तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने ऐसे विषय को बैकअप दिया और बनाने का रिस्क लिया, वर्ना उनकी कद का कोई अभिनेता ऐसे विषय की फिल्में शायद नहीं करता। बतौर को-स्टार भी वो बहुत सपोर्टिव हैं, मजेदार हैं। वो मेरे साथ ऑनलाइन लूडो खेलते थे। वो चैंपियन हैं लूडो के।

Q. दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने के लिए किसी थियेटर में गए?

A. हां, मैं फिल्म के डायरेक्टर के साथ फीडबैक देखने के लिए यहीं मुंबई में एक थियेटर पहुंचा था। लोग ऐसी ऐसी सीन पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो देखकर हम भी हैरान थे कि ये छोटी सी बात भी लोगों पर असर कर रही है। जहां हंसना था, वो हंस रहे थे, जहां चुप्पी होनी चाहिए थी, वहां सभी शांत थे। लोगों की प्रतिक्रिया से दिल खुश हो गया।

गदर 2 और ओएमजी 2 दोनों फिल्मों का चलना अच्छा संकेत है

Q. इंडस्ट्री में आप इतने वर्षों से हैं। अब फिल्म की आर्थिक पक्ष के बारे में सोचते हैं या बॉक्स ऑफिस कितना मायने रखता है?

A. ये कहना भी सही नहीं होगा कि मैं ध्यान नहीं देता हूं। लेकिन ऐसा नहीं है कि मैं सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में ही सोचता रहता हूं। फिल्म तो बिजनेस है ही। बहुत महंगा मीडियम है। इसीलिए सिर्फ देखता हूं कि फिल्म फायदे में रहे। फिल्म सफल होती है कि डायरेक्टर, प्रोड्यूसर से लेकर फिल्म से जुड़े हर इंसान को फायदा होता है। मुझे खुशी है कि गदर 2 और ओएमजी 2 दोनों ही फिल्मों को देखने के लिए ऑडियंस थियेटर में आ रही है। ये बहुत अच्छा संकेत है।

Q. फिल्मों में आपको लगभग दो दशक का वक्त हो गया। कितना आसान या मुश्किल है, आज भी किरदारों को उसी पैशन से निभाना और पर्दे पर नयापन लाना?

A. मुश्किल काम तो है। जैसे ओएमजी 2 में मेरे किरदार का सुर थोड़ा अलग है। आसान नहीं है हर किरदार के लिए ज़ीरो से शुरु करना। वैसे अभिनय हर दिन करने वाला काम नहीं है। मुझे खुद महसूस हो रहा है कि मैं बहुत ज्यादा काम कर रहा हूं। इस साल के बाद मैं थोड़ा स्लो हो जाऊंगा। इसी साल अभी 4-5 फिल्में और 2 सीरीज आने वाली है।

Q. अंत में, आने वाली फिल्मों के बारे में बताते जाएं..

A. अभी कुछ फिल्में और वेब सीरीज आने वाली हैं, जिनमें फुकरे 3, स्त्री 2, मेट्रो 2, मिर्जापुर 3, कड़क सिंह (अनिरुद्ध रॉय चौधरी की फिल्म), क्रिमिनल जस्टिस 4 .. शामिल है।

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