Exclusive Interview: यशराज फिल्म्स में मैंने अपनी फोटो कभी नहीं छोड़ी , फिल्म में क्यों लेंगे- मनीष चौधरी
किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने वाले लोकप्रिय अभिनेता मनीष चौधरी का इंतजार शूरवीर सीरीज पर आकर खत्म हुआ है। उन्हें लंबे समय से इसकी चाह थी, जहां उन्हें देश सेवा में समर्पित भूमिका निभाने का अवसर मिले। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की सीरीज शूरवीर ने उनकी इस ख्वाहिश को पूरा कर दिया है। मनीष चौधरी इस पूरी सीरीज में बड़ी भूमिका में नजर आयेंगे। Filmibeat Hindi फिल्मीबीट हिंदी से खास बातचीत में उन्होंने शूरवीर सीरीज के साथ अपने करियर से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारी साझा की।

क्या शूरवीर पर आकर बतौर एक्टर आपकी तलाश खत्म हुई है?
मेरे लिए यह मुश्किल था। मैं इस तरह की कहानी कई सालों से इंतजार कर रहा हूं। मेरे लिए जरूरी यह था स्पेशल फोर्स कमांडर का माइंड सेट समझना। मैंने स्क्रिप्ट को देखते हुए कई जानकारी खुद के लिए जुटाई।मेरे लिए अफसर की भूमिका निभाना जिम्मेदारी का काम रहा है। मेरा यह था कि जब मैं स्क्रीन पर दिखाई दूं तो ऐसा ना लगे कि इस आदमी को कुछ समझ नहीं आ रहा है। इस किरदार के लिए मैंने 6 महीने तक अपने आप को शारीरिक तौर पर मजबूत रखा। किरदार के लिए अपने लुक को भी पूरी तरह से संभाल कर रखा।
क्या आप मानते हैं कि इन दिनों कहानी हीरो की भूमिका निभा रही है?
वह आगे कहते हैं कि शूरवीर की कहानी ही उसका हीरो है। मेरा मानना है कि कहानी सबसे बड़ी होती है। कहानी, कहानीकार से भी विशाल होती है। किरदार केवल कहानी के पात्र हैं। जब दर्शक कहानी पर यकीन करते हैं तो उस कहानी के पात्र, निर्देशक और लेखक काम कर जाते हैं। जब काम सही तरीके से होता है तो उस पर यकीन आता है।
अपने करियर के लिए किस किरदार को माइलस्टोन मानते हैं?
मेरे लिए यह साफ है रॉकेट सिंह। मेरे करियर के लिए यही फिल्म माइलस्टोन साबित हुआ। उसके बाद मेरे लिए एक काम ने ही दूसरे काम को लाया है। रॅाकेट सिंह के एक दशक बाद आर्या सीरीज मेरे करियर के लिए बिग हिट साबित हुआ है। रॉकेट सिंह और आर्या के बीच जो भी मैंने काम किया वो मेरे लिए बड़ी उपलब्धि, खुशी रही है।
ऐसा क्या रहा है जो आपने कभी भी बिग स्टार्स की फिल्मों को नहीं बल्कि कहानी को प्राथमिकता दी है?
मैं हमेशा अच्छी कहानी के लिए काम करना चाहता था। सच तो यशराज फिल्म्स में अपनी फोटो मैंने कभी नहीं छोड़ी है। मुझे लगता था कि यशराज मुझे अपनी फिल्म में क्यों लेगा? उनका मुझसे क्या लेना देना है? वो बहुत बेहतरीन फिल्में बनाते हैं। आप इसे कुदरत का खेल समझिए कि मेरी जो पहली फिल्म माइलस्टोन थी, वो ऐसी जगह से आयी, जहां पर मैंने अपनी तस्वीर भी नहीं छोड़ी। मेरा यकीन यही है कि आपका जो रुझान होता है, अगर आप उसे मजबूती से पकड़ रहे हैं तो कायनात भी आपकी मदद करती है। केवल उसमें थोड़ा समय लगता है।


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