EXCLUSIVE INTERVIEW: जब फिल्म में नवाजुद्दीन जैसा एक्टर हो, तो आप पर भी बेस्ट देने का दवाब रहता है- कुशान नंदी

Kushan Nandy Exclusive Interview: 'बाबूमोशाय बंदूकबाज' के बाद निर्देशक कुशान नंदी और अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दस्तक देने को तैयार है फिल्म 'जोगीरा सारा रा रा' के साथ। फिल्म 26 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।
फिल्मीबीट के साथ खास बातचीत करते हुए कुशान कहते हैं, "लंबे समय से एक फुल मजेदार क्लीन फैमिली फिल्म नहीं आई है। एक ऐसी फिल्म जिसे पति पत्नी बच्चे सब साथ में देखने जा रहे हैं। हम अपनी फिल्म के साथ उस ऑडियंस को टार्गेट कर रहे हैं।"
नवाजुद्दीन की कॉमिक टाइमिंग यूज करना चाहता था
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ अपनी जोड़ीदारी पर बात करते हुए कुशान ने कहा, "मैं नवाजुद्दीन के साथ बाबुमोशाई बंदूकबाज की शूटिंग कर रहा था, उस दौरान हमने सेट पर काफी समय साथ गुजारा। हालांकि नवाजुद्दीन को मैं 2012 से जानता हूं। तो मैं कह सकता कि एक्टर- डायरेक्टर से बढ़कर हमारा रिश्ता है। मुझे पता है कि नवाज में गज़ब का सेंस ऑफ ह्यूमर है। आप उनके साथ बैठेंगे तो वो आपको दस कहानियां सुना देंगे जो कि बहुत अलग और मजेदार होगी। इसीलिए मैं चाहता था कि मैं उनकी कॉमिक टाइमिंग यूज कर सकूं। फिर मैंने ये कहानी लिखी कि एक इवेंट मैनेजर है, जिसको एक लड़की बोलती है कि तुम मेरी शादी तुड़वा दो। मतलब शादी अरेंज तो हो सकती है लेकिन डिस अरेंज हो सकती है क्या? मुझे ये प्लॉट बहुत दिलचस्प लगा। फिर मैंने इसमें नवाज को लेने की सोची क्योंकि ये उनके लिए एक नई चीज होगी, साथ ही ऑडियंस के लिए नवाज को इस अंदाज़ में देखना एक नया अनुभव होगा।
नवाज जैसा कलाकार हो तो आप भी अपना बेस्ट देते हैं
नवाजुद्दीन के अभिनय पर बात करते हुए निर्देशक ने आगे कहा, "नवाज बहुत अच्छे एक्टर हैं इसमें कोई दो राय नहीं है। और जब आपके पास इतना प्रतिभाशादी कलाकार होता है तो आप पर भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का दवाब रहता है। आपको बहुत केयरफुल रहना पड़ता है एक्टर को ये बताने में कि आपको उनसे क्या चाहिए। मुझे लगता है कि इस फिल्म को मैंने बहुत जिम्मेदारी के साथ निभाई है और उम्मीद है कि लोगों को वो पसंद आएगा।"
लॉर्जर देन लाइफ नहीं, दर्शकों को एंटरटेनिंग कहानी चाहिए
ऑडियंस की बदलती पसंद पर बात करते हुए कुशान नंदी ने कहा, "मुझे लगता है कि दर्शकों को सिर्फ अच्छा कंटेंट चाहिए। फिल्म लार्जर देन लाइफ हो या न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता है। पिछले साल ही जैसे भूल भुलैया 2 चली थी, द कश्मीर फाइल्स चली थी, ये सब लार्जर देन लाइफ फिल्में नहीं थी। आज के समय में मुझे लगता है की लोगों को सिर्फ एंटरटेन होना है, उन्हें किसी भी तरह की नीरस कहानी नहीं देखनी है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले 100 सालों से कहानियां नहीं बदली हैं। आप ध्यान देंगे तो घूम फिर के वही 8 से 10 कहानियां हैं। महाभारत में जैसे आपको सभी कहानियां दिख जाएंगी। फिल्मों में इन कहानियों को हम कैसे दिखाते हैं, उसके तरीके में बस समय समय पर फर्क आया है। आप उसको कितने नए अंदाज में पेश करेंगे, वही कला है। बाकी सफलता की बात करें तो मेरे ख्याल से 30 साल पहले भी साल में 7 फिल्में ही सुपरहिट होती थीं, और आज भी वैसा ही है।"
स्टार्स सिर पर बंदूक रख कर 100 करोड़ फीस नहीं मांगते
स्टार्स की बढ़ती फीस लेकर आज इंडस्ट्री में कई कलाकार और निर्माताओं ने आवाज उठाई है। लेकिन कुशान का मानना है कि इसके लिए निर्माता खुद भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "यदि कोई स्टार 100 करोड़ डिजर्व करता है और लेकिन उसे 150 करोड़ मिल रहे हैं, तो वो कोई सिर पे बंदूक रख कर तो नहीं मांग रहा है। लोग दे रहे हैं उसे 150 करोड़। तो कसूर उस स्टार का नहीं है, कसूर आपका है है क्योंकि आप दे रहे हैं। यदि स्टार जरूरत से ज्यादा मांग रहा है तो आप किसी और को लेकर फिल्म बना लीजिए। लेकिन यहां, मेकर्स फीस दे भी देते हैं, फिर ये भी बोलते हैं कि स्टार महंगे हैं इसीलिए फिल्में नहीं चलती।"
राइटर्स को एक्टर जितनी इज्जत देता हूं
फिल्म इंडस्ट्री को इस वक्त अच्छे राइटर्स की कितनी जरूरत है, इस बारे में बात करते हुए कुशान नंदी कहते हैं, "हम राइटर्स को तो इज्जत वहीं से देना बंद कर देते हैं, जब हम उनका नाम पोस्टर पर नहीं डालते हैं। ये कोई नहीं सोचता है कि राइटर सिर्फ कहानी लिख कर नहीं जा रहा है, बल्कि उसी की वजह से फिल्म शुरु हुई है। मैं राइटर को फिल्म के एक्टर और डायरेक्टर जितना ही महत्वपूर्ण मानता हूं और समान इज्जत देता हूं।"


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