झुग्गियों के बच्चों को टीवी पर लायेंगे अनुपम खेर

- आप इतने सालों से सिनेमा से जुड़े रहे हैं। कई तरह की भूमिकाएं की है आपने। अब तक सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन सा रहा?
- सिनेमा में जब मेरी शुरुआत हुई थी। उस वक्त मैं कभी यह सोच कर नहीं आया था कि मुझे किस तरह की फिल्में करनी हैं। बस सबकुछ होता चला गया। अब तक मैंने फिल्मों में लगभग हर तरह के किरदार निभाये हैं। हास्य भी, गंभीर भी और खलनायकों का भी। मुझे सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण किरदार हास्य का लगता है। चूंकि इसमें आपके हर संवाद पर दर्शकों का हंसना जरूरी है। अगर आप दर्शकों को हंसाने में कामयाब नहीं हो पाते तो फिर आप नहीं कह सकते कि आपने अच्छी एक्टिंग की है।
- आप पहले भी टेलीविजन पर से न समथिंग टू अनुपम अंकल लेकर आ चुके हैं। अब फिर से आप डिस्कवरी इंडिया लेकर दर्शकों के सामने है?
- देखिए, सभी जानते हैं कि छोटा पर्दा हमेशा दर्शकों की पहुंच में सर्वोपरि है। दर्शकों की संख्या टीवी में अधिक है। डिस्कवरी इंडिया शुरू करने की खास वजह यह रही कि मैं हमेशा से चाहता था कि कुछ इस तरह के शोज की शुरुआत हो, जिसमें क्वीज का जिक्र हो। चूंकि आज के दौर में यह बहुत जरूरी है कि बच्चे इसका ज्ञान लें।
- लेकिन, आपने कहा था शो की शुरुआत से पहले कि आप स्लम के बच्चों को क्वीज में शामिल करेंगे?
- हां, हमारी यह प्लानिंग है। हमारा एक गुप्र इस पर काम भी कर रहा है। उन बच्चों को इस शो में लाने से पहले यह भी तो जरूरी है कि हम पहले उन्हें तैयार करें। उनका मार्गदर्शन करें। डिस्कवरी इंडिया के दूसरे सीजन में ऐसा ही होगा।
- फिल्म जोकोमन में आपका किरदार किस तरह का है?
- मैंने इस फिल्म में डबल रोल किया है। एक सकारात्मक है और एक नकारात्मक। इसमें मैंने एक किरदार देशराज का निभाया है, जो कि कुणाल का कठोर हृदयवाला चाचा है और वह कुणाल की जिम्मेदारियों को निभाने की बजा उसे अनाथ के रूप में सड़क पर ढकेल देता है। तो दूसरी तरफ वह एक जादूगर है, जो कुणाल को जोकोमन के रूप में उभारता है। हकीकत यह है कि मुझे इस फिल्म में नकारात्मक किरदार यानी कि कुणाल के अंकल की भूमिका निभाने के लिए संपर्क किया गया था। लेकिन मैंने सभी को यह कह कर आश्चर्यचकित कर दिया कि मैं इसमें इस नकारात्मक किरदार के अलावा जादूगर का सकारात्मक किरदार के अलावा जादूगर का सकारात्मक किरदार भी निभा सकता हूं। पर सभी ने कहा है कि यह संभव नहीं है। क्योंकि दोनों ही बहुत अलग तरह के किरदार हैं। दोनों में कहीं कोई समानता नहीं हैं। दोनों ही चरित्रों का डायमेंशन बिल्कुल अलग है।
- इस फिल्म में नया क्या है?
- इस फिल्म में सबसे खास बात यह है कि यह पहला मौका है, जब मैंने किसी फिल्म में प्रोटोगनिस्ट के साथ-साथ विलेन का भी किरदार निभाया है। जैसा की मैंने पहले ही कहा कि जब वॉल्ट डिजनीवालों ने मुझे देशराज के किरदार के लिए बुलाया, तो पूरी स्क्रिप्ट सुनने के बाद मैंने कह दिया था कि मैं दूसरा किरदार भी निभाना चाहूंगा।
- दोनों किरदारों में खुद को डालने में क्या क्या परेशानियां आयीं? विशेष रूप से मेकअप में तो काफी वक्त लगता होगा।
- मेरे जादूगर के लुक का मेकअप करने के लिए फांस की एक्सपर्ट टीम की सेवाएं हासिल थीं। जिन्होंने मेरे चरित्र को गढ़ने में कई माह तक अपने कंप्यूटर पर मेहनत की थी। उसके बाद शूटिंग के दौरान मेरा लुक तैयार करने के लिए दो मेकअप आर्टिस्ट लगातार पांच घंटे मेरे चेहरे पर मेहनत करते थे। इसी वजह से जादूगर और देशराज दोनों का लुक ही नहीं, बल्कि व्यवहार भी बिल्कुल अलग रूप में नजर आयेगा। जोकोमन के लिए अच्छी खबर यह भी है कि इसे इफला अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में शामिल किया गया है और 17 अप्रैल को फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर रेड कार्पेट पर होगा।


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