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    Exclusive Interview: प्रधानमंत्री मोदी बनना मेरे लिए पूजा है, कमर्शियल फिल्म नहीं- महेश ठाकुर

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    नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने के संघर्ष को इरोज नाउ की नई सीरीज 'मोदी: सीएम टू पीएम' में पेश किया जा रहा है। 'ओह माय गॉड' फिल्म के निर्देशक उमेश शुक्ला ने गोधरा कांड से लेकर गुजरात के सीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने की यात्रा को 10 एपिसोड की सीरीज में दिखाने की कोशिश की है।

    अभिनेता महेश ठाकुर पीएम की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि दूसरी बायोपिक की तरह यहां पर उन्हें जबरदस्ती नरेंद्र मोदी दिखाने की कोशिश नहीं की गई है। सीरीज का ध्यान इस बात पर अधिक दिया गया है कि प्रधानमंत्री की विचार धारा और डायलॅाग के जरिए इस किरदार को पर्दे पर प्रस्तुत किया जाए।

    महेश ठाकुर के लिए सबसे बड़ा प्रश्न यही था कि आखिर कैसे बिना पीएम की तरह दिखे इस किरदार को निभाया जा सकता है? वहीं मोदी की भूमिका का प्रस्ताव मिलने से पहले उनके कॉस्टयूम बनाए गए। बिना उनकी जानकारी के ये सारा काम हुआ। फिर जाकर उन्हें ये बायोपिक दी गई। फिल्मीबीट हिंदी Filmibeat Hindi से बातचीत में महेश ठाकुर ने उनके पर्दे पर पीएम बनने के सफर का दिलचस्प किस्सा सुनाया।

    प्रधानमंत्री का नाम सुनते ही मैं चौंक गया

    प्रधानमंत्री का नाम सुनते ही मैं चौंक गया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक करना मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। जब ये ऑफर मिला तो इसकी मुझे जानकारी ही नहीं थी। मुझे सीधे निर्देशक उमेश शुक्ला ने अपने ऑफिस में बुलाया। वहां पर कॉस्ट्यूम विभाग मेरे कुर्ते के लिए माप लेना शुरू किया। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये क्यों हो रहा है? भनक थी कि ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि किसी ना किसी काम का प्रस्ताव मिलने जा रहा है। इसके बाद निर्देशक साहब आएं और कहने लगे कि हम एक सीरीज बना रहे हैं, जर्नी ऑफ द कॉमन मैन मोदी। मैंने कहा अच्छा मेरे लिए कौन से नेता का रोल है? तो उन्होंने सामने से कहा पीएम मोदी। ये सुनते ही मैं थोड़ी देर के लिए चौंक गया।

    क्या मैं पीएम मोदी जैसा दिखता हूं?

    क्या मैं पीएम मोदी जैसा दिखता हूं?

    खुद को नरेंद्र मोदी के किरदार में स्क्रीन पर दिखाना, मेरे लिए बड़ा सवाल था। मैं कहीं से भी उनकी तरह नहीं दिखता हूं। मेरे व्यक्तित्व में उनके जैसी कोई समानता नहीं है। मुझे इस बात की चिंता थी कि क्या मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह दिख पाऊंगा? लेकिन फिर निर्देशक उमेश जी ने कहा कि हम वो सब संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि नेचुरल परफॉरमें जो आप देते हैं हमें वो चाहिए। जब मैंने उनका यकीन देखा तो ठान लिया कि इस भूमिका के लिए दस कदम आगे बढ़कर काम करूंगा।

    प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल

    प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल

    एक लीजेंड को पर्दे पर निभाना जिनके इतने सारे प्रशंसक हैं। मैं ये चाहता था कि कम से कम मैं बतौर एक्टर इस सीरीज को रास्ता दिखाने का प्रबंधन करता हूं। मेरे लुक में किसी भी तरह के प्रोस्थेटिक मेकअप का इस्तेमाल नहीं हुआ। कॉस्ट्यूम से लेकर मेकअप और फेसिअल हेयर पर ध्यान दिया गया है। हमने पूरी तरह से पीएम के बॉडी लैंग्वेज, मेकअप और डायलॉग पर ध्यान केंद्रीत किया है। उनके पुराने भाषण को वीडियो के देखना पड़ा। क्योंकि एक एक्टर की वही तो तैयारी होती है।

    मैंने पीएम की नकल नहीं उतारी है

    मैंने पीएम की नकल नहीं उतारी है

    अगर आप अपने आप को एक्टर बुलाते हो तो होमवर्क बहुत जरूरी है। खासकर के तब जब आप सम्मानीय प्रधान मंत्री की भूमिका निभा रहे हो फिर आपको ये सौ प्रतिशत करना होगा। ऐसा नहीं है कि मैंने सौ प्रतिशत प्रधानमंत्री की नकल की है।

    ये दर्शकों को जानना जरूरी है कि मैंने पीएम को कॅापी नहीं किया है। सीरीज देखने से पहले ये दिमाग से निकालना होगा। हम उनकी जिंदगी दिखा रहे हैं। बतौर कलाकार मैं जितना खुद को उनके किरदार के करीब पहुंचा सकता था, मैंने वो किया।

    मेरे लिए पीएम मोदी को निभाना पूजा का काम है

    मेरे लिए पीएम मोदी को निभाना पूजा का काम है

    लोग मुझे यानी कि महेश ठाकुर को निकालकर पीएम मोदी को देखती है तो मेरा काम हो गया। जहां एक्टर दिखेगा और मोदी जी नहीं तो वहां पर ये सीरीज काम नहीं करेगी। इस सीरीज में अगर आप मोदी को देखेंगे तो ये सीरीज काम करेगी। मेरे लिए पीएम मोदी को निभाना पूजा है। ये कोई कमर्शियल फिल्म नहीं है। ये पीएम मोदी की सच्ची कहानी है। ये प्रभावित करने वाला सम्मानीय व्यक्ति का किरदार है।

    मोदी जी का जीवन संघर्ष अंदरूनी

    मोदी जी का जीवन संघर्ष अंदरूनी

    पीएम मोदी पर पहले भी फिल्में बन चुकी हैं। इस सीरीज को 10 एपिसोड में बनाया गया है। बायोपिक है तो निजी तौर पर इस किरदार से एक चीज में जरूर लेकर जा रहा हूं। वो ये है कि सबसे बड़ी जंग समाज के साथ नहीं बल्कि खुद के साथ होती है। वही सोच बदलाव लाती है। जो इंसान अपने अंदर की जंग जीत जाता है वो परिवर्तन लाता है। जंग हमेशा अंदरूनी होती है ये मोदी जी ने किया है। मोदी जी का जीवन संघर्ष अंदरूनी रहा है।

    बॅायकॅाट करना बेवकूफी का काम

    बॅायकॅाट करना बेवकूफी का काम

    सोशल मीडिया पर बायकॅाट का ट्रेंड चलने पर महेश ठाकुर ने कहा कि एंटरटेनमेंट से बाहर आकर सभी को काम करना चाहिए। जिंदगी में एंटरटेनमेंट एक हिस्सा है पूरी जिंदगी नहीं है। ये जो बॅायकॅाट करो, इसको निकालो ये सब बातें ऐसे लगता है कि उनकी जिंदगी में सिर्फ एंटरटेनमेंट है बाकी कुछ नहीं। ये गलत है। ये बॅायकॅाट करना हमेशा किसी एक आदमी का काम नहीं होता है ये अटैक करते हैं। आप इंडस्ट्री या प्रोजेक्ट को बायकॅाट नहीं कर सकते हैं। एक इंसान की वजह से फिल्म या सीरीज नहीं चलती। बहुत लोगों की मेहनत से काम बनता है। फिल्म नहीं देखनी तो आप मत देखो लेकिन बायकॅाट करना बेवकूफी होगी।

    English summary
    Exclusive Actor Mahesh Thakur talk about lead role in Eros now Modi season 2 CM to Pm, here read full interview
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