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धूम को स्टार पावर की जरुरत नहीं- अभिषेक बच्चन

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धूम 3 के इंसपेक्टर जय दीक्षित यानी अभिषेक बच्चन का मानना है कि धूम सीरीज को किसी भी स्टार पावर की जरुरत नहीं है। आमिर खान, अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा इन सभी की जरुरत धूम को नहीं है। धूम खुद में एक हिट सीरीज है और अगर फिल्म में ये स्टार्स ना भी हों तो लोग फिल्म देखने आएंगे ही। क्योंकि वो फिल्म से बहुत जुड़ चुके हैं। धूम 3 फिल्म को बहुत ज्यादा हाइप मिल रहा है क्योंकि फिल्म में आमिर खान इस बार विलेन का किरदार निभा रहे हैं। लेकिन कहीं ना कहीं इस वजह से जय और अली के किरदार निभा रहे अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा फिल्म के प्रमोशनल ईवेंट्स से काफी दूर रहे।

आइये जानते हैं सात साल बाद एक बार फिर से इँस्पेक्टर जय का किरदार अभिषेक बच्चन के इंटरव्यू के कुछ अंश-

- सात साल बाद आप फिर से जय दीक्षित के किरादर में वापस आ रहे हैं। क्या कोई बदलाव है इस किरादर में या सबकुछ पहले ही जैसा है?

जय दीक्षित का ये एक कंफर्ट जोन है। सात साल भी वो पहले की ही तरह है और उसके किरदार में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं आए हैं। ये बहुत ही अच्छा एक्सपीरियस हैं कि इतने सालों बाद भी आप पहले ही जैसे हैं। धूम में जय के किरदार के साथ ज्यादा एक्सपेरिमेंट नही किया गया है।

- धूम की परिभाषा क्या है आपके लिए?

धूम मेरे लिए एक फिल्म नहीं है। धूम से मेरी कई सारी इमोशनल चीजें जुड़ी हुई हैं। धूम मेरी पहली हिट फिल्म थी, धूम फिल्म के जरिये मुझे कई सारे अच्छे दोस्त मिले। इसके हर एक सीक्वल में काम करना बहुत ही मेमोरेबल रहा। यहां तक कि पहले पार्ट में जो कि बहुत ही छोटी सी फिल्म थी उदय और मैं बात कर रहे थे कि जब हम धूम के बारे में सोच रहे थे तो किसी को नहीं पता था कि ये इतनी बड़ी और हिट फ्रेंचाइजी बन जाएगी। हम सिर्फ कुछ नया लाना चाहते थे। आदि आदित्य चोपड़ा और मैंने सोचा था कि किस तरह से एक्शन जोनर को एक नयी परिभाषा दी जाए एक नया एक्सपीरियंस बनाया जाए। कूल बनाएं यंग बाईक को इनवॉल्व करें। किसी को पता नहीं था कि हम इसका तीसरा पार्ट बनाएंगे।

- धूम 3 में फिर से सात साल पुराना किरादर निभाने के लिए आप कैसे तैयार हुए? बोर नहीं फील हुआ कभी एक ही जैसा किरदार निभाते निभाते?

जब धूम 3 बनने वाली थी उदय ने मुझे कॉल किया और पूछा कि क्या आपको आदित्य का कॉल आया। तो मैंने कहा कि हां आया उससे पहले आमिर का कॉल आया। उदय ने मुझसे पूछा कि क्या तुम ये फिल्म कर रहे हो मैंने उससे पूछा कि क्या तुम ये फिल्म कर रहे हो। हम दोनों का जवाब यही था कि अगर तुम कर रहे हो तो मैं भी कर रहा हूं। तो हम दोनों शुरु हो गये। धूम बहुत ही फन था, मैं और उदय दोनों जय और अली के किरदार को इतना अच्छी तरह से पहचान गये हैं इतना अच्छी तरह से जान गये हैं कि हम सोते हुए भी अपने किरदार प्ले कर सकते हैं। हम इन किरदारों को इंज्वॉय करते हैं जीते हैं सिर्फ निभाते नहीं हैं।

- अपने परिवार या अपने दोस्तों में सबसे ज्यादा धूम कौन मचाता है?

अपने परिवार में और अपने दोस्तों के सर्कल में सबसे ज्यादा धूम तो मैं ही बनाता हू।

- उदय चोपड़ा ने कहा कि वो धूम 3 के बाद एक्टिंग नहीं करेंगे। अगर धूम 4 बनी तो क्या आप बिना उदय के लिए फिल्म करेंगे?

उदय ने तो बहुत पहले ही एक्टिंग छोड़ दी थी। उसने 2013 में ही लॉस एंजेल्स जाकर प्रोड्यूसर बनने की ठान ली थी। वो सिर्फ धूम 3 के लिए वापस आए हैं। क्योंकि अली का किरादर उनके दिल के बेहद करीब है। अगर धूम 4 बनी तो मैं उसे जरुर लेकर आउँगा। जब भी लोग फिल्में करनी होती हैं तो लोग बहुत सी प्लानिंग करते हैं प्लॉटिंग करते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसी फिल्में करते हैं जिनमें मजा होता है।

- धूम 3 में आपके साथ कोई लेडी लव है?

फिल्म में मेरे साथ कोई लेडी लव नहीं है। धूम 2 में वो प्रेग्नेंट थी लेकिन धूम 3 से वो गायब ही गयी है।

- आपका प्रमोशन क्यों नहीं हुआ। अभी भी आप सात साल बाद भी इंस्पेक्टर जय ही हैं?

अगर मैं एसीपी से बड़े पोस्ट पर जाएगा तो उसका सारा डेस्क जॉब हो जाएगा। तो वो धूम कैसे मचाएगा। फनी पार्ट तो कट ही हो जाएगा।

मुझे लगता है कि आप गलत इँसान से ये सवाल पूछ रही हैं। इस सवाल का जवाब अच्छी तरह से सिर्फ मार्केटिंग के लोग ही दे सकते हैं जब भी वो मुझे आने को कहते मैं आता था। आखिर ये मेरी फिल्म है तो मुझे फिल्म को प्रमोट तो करना ही है। लेकिन कुछ ईवेंट थे जिनमें वो लोग मुझे नहीं बुलाना चाहते थे तो मै नहीं गया। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता। धूम मेरी फिल्म है मैं धूम का हीरो हूं। ये तो मुझसे कोई नहीं छीन सकता। फिल्म में बड़े स्टार भी हो सकते हैं और छोटे स्टार भी लेकिन धूम की जहां तक बात है तो धूम यानी जय और अली। अगर जय और अली फिल्म में नहीं होंगे तो धूम फिल्म नहीं होगी।

- 100 करोड़ क्लब के बारे में आपका क्या सोचना है?

हम हमेशा 100 करोड़, 200 करोड़ क्लब की बात करते हैं। लेकिन आखिर ये क्लब हैं कहां। मैं तो आज तक नहीं ढूढ़ पाया। ऑडियंस को इससे फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म का कलेक्शन कितना था। उन्हें सिर्फ इतना पता है कि फिल्म अच्छी है या बुरी है। और लोगों को यही याद रहता है। सिर्फ इंडस्ट्री ही इस बात की केयर करती हैं। मैंने 55 फिल्में की हैं लेकिन मुझे नहीं पता कि अच्छी एडिटिंग किसे कहते हैं। लेकिन जब लोग फिल्म देखकर बाहर निकलते हैं तो कहते हैं कि फिल्म की एडिटिंग अच्छी नहीं थी। तो लोगों को कुछ कहना है बस। मेरे लिए सिनेमा एक इमोशनल चीज है। जिसे महूसस कर पाएं और आपका एंटरटेनमेंट हो।

- आमिर का कहना है कि धूम के लिए लेस इज मोर। आपका क्या कहना है इस बारे में?

सबकी अपनी अपनी सोच है। मुझे लगता है कि धूम फिल्म को किसी स्टार की जुररत नहीं है। इसे ना ही आमिर की जरुरत है ना ही उदय की और ना ही अभिषेक की। ये धूम है ये अपने आप में ही सफल फिल्म है। धूम में मुझे नहीं लगता कि इसका बहुत ज्यादा प्रमोशन करने की जरुरत है। मैं आमिर की इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि धूम के केस में आपको हर जगह जाकर फिल्म का प्रमोशन करने की जरुरत नहीं है।

- धूम फ्रेंचाइजी की तीनों फिल्मों में किस तरह का बदलाव पाते हैं आप?

मेरे लिए धूम की तीनों फ्रेंचाइजी अलग अलग फिल्में थीं। तीनों में सबकुछ अलग, नया और फन से भरा हुआ था। फिल्म में तीन लड़के थे और हमने कुछ नया दिखाने की कोशिश की और हमारा तुक्का लग गया। हम गोवा गये वहां पर शूट किया। एक चोरी होती है जिसके पीछे एक शातिर चोर होता है। चोर पकड़ा नहीं जाता और सुपर कॉप को बुलाया जाता है और चोर पुलिस के खेल के अंत में चोर को पुलिस पकड़ लेती है। धूम में हमने सिर्फ जॉन के किरदार से शुरुआत की और इंटरवल के पहले जय को इंट्रोड्यूस किया। धूम 2 में हमने कुछ नया करने के चक्कर में रोमांस का एंगल डाला और सुनहरी का किरदार इंट्रोड्यूज किया। धूम 3 में अगर हम वही चीज करते तो दर्शक भी कहते कि सात साल बाद कम से कम कुछ नया तो करना चाहिए था इस बार हमने विलेन को काफी इमोशनल वजहें दी हैं जिनकी वजह से वो चोरी करता है। तो इस तरह से तीनों फिल्मों में विलेन के किरदार में कुछ नया डालने की कोशिश की गयी है।

आगे की इंटरव्यू के कुछ अंश स्लाइडों में -

रितिक रौशन और जॉन अब्राहम के बाद आमिर के इस फ्रेंचाइजी में शामिल होने से फिल्म को ज्यादा हाइप मिल रही है। क्या आप भी ऐसा मानते हैं?

रितिक रौशन और जॉन अब्राहम के बाद आमिर के इस फ्रेंचाइजी में शामिल होने से फिल्म को ज्यादा हाइप मिल रही है। क्या आप भी ऐसा मानते हैं?

जय दीक्षित के लिए सब बराबर हैं। चाहे वो जॉन हों, रितिक हों या आमिर हों। जय को इतना पता है कि अगर आप गलत हैं तो आपको जय पकड़ेगा और धोएगा। तो बॉस जय दीक्षित से बचकर रहना।

रितिक या जॉन को मिस किया आपने धूम 3 में?

रितिक या जॉन को मिस किया आपने धूम 3 में?

रितिक पहले दिन शूट पर आया और सबसे आकर मिला भी। सच तो ये है कि हम सभी को बहुत मिस करते हैं और काश कि ऐसा हो सकता कि सभी किरादर मिलकर साथ में कोई शूटिंग करते। सारे बैड कैरेक्टर फिर से मिलते और जय-अली सबको पकड़ते।

मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के साथ काम करने का एकस्पीरिंयस कैसा रहा?

मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के साथ काम करने का एकस्पीरिंयस कैसा रहा?

मुझे इस बात पर ऑब्जेक्शन है कि आमिर को लोग मिस्टर परफैक्शनिस्ट कहते हैं। सभी एक्टर परफेक्ट बनना चाहते हैं सभी परफेक्ट फिल्में करना चाहते हैं। आमिर बहुत ही अलग एक्टर हैं। पहले दो दिन मैंने और उदय ने ये सोचा कि आमिर है सेट पर तो हमें अच्छे से बर्ताव करना चाहिए। लेकिन दो दिन बाद हम समझ गये कि ये बहुत ही नॉटी हैं। किसी को नहीं पता कि वो जो इतने इंटेंस एक्टर का परसोना कैरी करते हैं लेकिन उसके पीछे वो बहुत ही मस्तीखोर हैं।

काफी समय से आप मल्टीस्टारर फिल्में कर रहे हैं। क्या सोलो फिल्म करने का कोई इरादा है?

काफी समय से आप मल्टीस्टारर फिल्में कर रहे हैं। क्या सोलो फिल्म करने का कोई इरादा है?

मुझे लगता कि अगर आप मुझे अकेले देखेंगे तो आप बुरी तरह से बोर हो जाएंगे। सोलो हीरो का टर्म मुझे अच्छा ही नहीं लगता। अगर आप कहते हैं कि गुरु मेरी सोलो हीरो की फिल्म थी तो इशका मतलब है कि आप कह रहे हैं कि मिथुन, माधवन और ऐश्वर्या अच्छे एक्टर नहीं हैं। सोलो हीरो की बात बिल्कुल गलत है। मुझे लगता है कि फिल्म की कहानी को हीरो होना चाहिए।

अमिताभ बच्चन जी द्वारा निभाया गया कौन सा पुलिस इंसपेक्टर का किरदार आपको सबसे ज्यादा पसंद है?

अमिताभ बच्चन जी द्वारा निभाया गया कौन सा पुलिस इंसपेक्टर का किरदार आपको सबसे ज्यादा पसंद है?

पापा की फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया इंसपेक्टर विजय खन्ना का किरदार मुझे बहुत पसंद है। उन्होंने कई सारे इंसपेक्टर के किरदार निभाए हैं। लेकिन विजय का किरदार बहुत ही इंसपायरिंग है।

धूम 2 से ले कर धूम 3 के बीच सात साल का अंतर था। क्या सात साल कुछ ज्यादा नहीं लगे आपको?

धूम 2 से ले कर धूम 3 के बीच सात साल का अंतर था। क्या सात साल कुछ ज्यादा नहीं लगे आपको?

मुझे साल में 2-3 फिल्में करना पसंद है। मैं घर में खाली नहीं बैठ सकता। मुझे लगातार काम करते रहना पसंद है, सेट पर रहना पसंद है. धूम के साथ हुआ कि फिल्म की रिलीज लेट होती चली गयी। पिछले साल बोल बच्चन रिलीज हुई अगस्त में हमने धूम की शूटिंग शुरु की और इस साल अगस्त में हमने फिल्म की शूटिंग खत्म की। लेकिन हर बड़ी फिल्म में अक्सर ऐसा होता है। फिल्हाल मैं ऑल इज वेल और हैप्पी न्यू ईयर की शूटिंग कर रहा हूं और उम्मीद है कि फिल्म की शूटिंग आराम से पूरी हो जाएगी।

स्टार्स अक्सर मीडिया द्वारा उनकी पर्सनल लाइप के बारे में बातें करने से या लिखने से बुरा फील करते हैं। आपको इसको किस तरह से लेते हैं?

स्टार्स अक्सर मीडिया द्वारा उनकी पर्सनल लाइप के बारे में बातें करने से या लिखने से बुरा फील करते हैं। आपको इसको किस तरह से लेते हैं?

मुझे नहीं लगता कि स्टार्स को इस तरह से ऑफेंसिव होना चाहिए। आखिर आप स्टार हैं कोई कॉमन मैन नहीं। तो आपको समझना चाहिए कि लोग आपकी लाइफ के बारे में जानना चाहेंगे लिखना चाहेंगे तो इसमें बुरा मानने की क्या बात है। लोग कभी समझते नहीं हैं। मैं इसी इंडस्ट्री में पैदा हुआ हूं। मेरे लिये ये बहुत ही आम बात है कि बड़े स्टार्स मेरे घर में आएँ जाएं। लेकिन मेरे लिए ये सब नॉर्मल है। तो मेरे लिए ये सब कुछ नॉर्मल है। मीडिया की उत्सुकता, फैंस की उत्सुकता ये सब नॉर्मल है। अगर आप ये सेक्रेफाइज नहीं कर सकते तो आपको एक्टर नहीं बनना चाहिए।


English summary
Abhishek Bcahchan says Jai and Ali are the hero of Dhoom 3. Without Jai and Ali there will be no Dhoom series. Abhishek also said he has an objection with people on calling Aamir only Mr Perfectionist because according to him every actor wants to be perfect and wants to do perfect movies.
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