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रियल रोमांस करते हुए अगर पापा आ जाएं तो शरमा जाउंगा- अर्जुन कपूर

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(सोनिका मिश्रा) कभी ये इशकजादे बनकर अपने प्यार के खातिर अपने जान दे देते हैं तो कभी गुंडे बनकर अपने ही प्यार को हासिल करने के लिए उसपर बंदूक तानने से भी पीछे नहीं हटते। इस बार ये एक आइआईएम के स्टूडेंट बनकर एक खूबसूरत लड़की अन्नया के राइट गाल के लेफ्ट साइड पर मौजूद तिल को दिल बैठे हैं और उन्हें किस करना चाहते हैं। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के हैंडसम और लाखों दिलों की धड़कन अर्जुन कपूर की। अर्जुन कपूर की इसी साल गुंडे फिल्म रिलीज हुई और अब चेतन भगत की नॉवेल 2 स्टे्टस पर आधारित फिल्म 2 स्टेट्स भी 18 अप्रैल को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देगी। वनइंडिया से बातचीत के दौरान अर्जुन कपूर ने अपने जीवन में रोमांस की कमी को लेकर बातें की।

पेश हैं अर्जुन कपूर से हुई बातचीत के कुछ अंश-

कृष और अर्जुन के बीच में कितनी समानता है और क्या डिफरेंस है?

मैं कृष के किरदार के साथ खुद को काफी रिलेट कर सकता हूं। कृष बहुत ही सिंपल और सरल स्वभाव का लड़का है जबकि मैं बहुत इंपलसिव हूं। मुझे लगता है कि कृष मुझसे ज्यादा पढ़ा लिखा है। वो बहुत ही चुप चाप रहता है और कृष प्यार कर सकता है प्यार में पड़ सकता है जबकि मैं अभी भी प्यार के बारे में कुछ नहीं जानता। प्यार में कैसे पड़ा जा सकता है यही ढूंढ रहा हूं कि कैसे किसी से प्यार किया जा सकता है।

तो आज तक अर्जुन प्यार में नहीं पड़े इसके पीछे वजह क्या है?

ये मैंने खुद डिसाइड नहीं किया कि मुझे प्यार में नहीं पड़ना है। अभी तक वो पल ही नहीं आया जब मैं किसी से प्यार कर सकूं। पहले मैं अपने करियर और अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए काफी उत्सुक था और इसके लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी। साथ ही कहीं ना कहीं मुझे अपनी निजी जिदंगी को भी किनारे करना पड़ा। मुझे अभी 2 साल हो गये हैं लेकिन अभी तक मेरे पास अपने लिये बिल्कुल वक्त ही नहीं है। मैंने अभी तक मैं तेरा हीरो फिल्म नहीं देखी है जबकि वरुण मेरा बहुत करीबी दोस्त है। अगर मेरे पास अपने दोस्तों के लिे वक्त नहीं है तो आप ये सोच सकते हैं कि मैं अपने प्यार को कितना वक्त दे पाउंगा।

गुंडे फिल्म के दौरान आपने बात करते हुए कहा था कि आप किसी को फूल के साथ आई लव यू नहीं कह सकते। 2 स्टेट्स से पहले गुंडे और इशकजादे में आपका प्यार बहुत ही आक्रोश से भरा था। 2 स्टेट्स मे आपने एक सरल और प्यारी सी लव स्टोरी निभाई है। तो इसके बाद क्या कुछ बदलाव महसूस कर रहे हैं आप?

अभी भी मैं तो किसी को आई लव यू नहीं बोल सकता हूं। वैसे भी मेरा ये मानना है कि किसी को आई लव यू कहने भर से ये साबित नहीं हो जाता कि आप उससे प्यार करते हैं। आप कैसे प्यार इजहार करते हैं और मैं कैसे प्यार का इजहार करुंगा ये बहुत ही निजी होगा और अलग होगा। हां ये जरुर है कि कृष का प्यार का इजहार करने का तरीका बहुत ही अलग था। इशकजादे और गुंडे फिल्म में प्यार करने का तरीका बहुत अलग था। 2 स्टेट्स में जो प्यार दिखाया गया है उसपर आप यकीन कर सकते हैं। फिल्म देखते समय आप अपने आस पास की दुनिया से कृष को उसके प्यार को रिलेट कर सकेंगे। ये रोमांस फिल्मी नहीं है।

आपको लगता है कि 2 स्टेट्स का रोमांस फिल्मी नहीं है। कुछ बताइये कि ये कैसी प्रेम कहानी है?

फिल्म में दो साल तक लिव इन रिलेशनशिप में रहने के बाद अन्नया उससे पूछती है कि अब क्या करना है। कृष कहता है कि अच्छी सी जॉब करना है। फिर अन्नया पूछती है उसके बाद। उस वक्त कृष को समझ नही आता लेकिन दूसरे दिन उसे समझ आता है कि शादी करनी और क्या। मिडिल क्लास फैमिली में ग्रेजुएशन के बाद जॉब करेंगे और उसके बाद शादी करेंगे। 2 स्टेट्स की खास बात ये है कि आप फिल्म से खुद को रिलेट कर सकेंगे। आपको लगेगा कि ये आपकी या आपके दोस्तो की कहानी है।

2 स्टेट्स नॉवेल पढ़ी है आपने?

मैंने 2 स्टेट्स नहीं पढ़ी है। जब मैंने फिल्म पूरी कर ली तो चेतन भगत ने मुझसे बोला कि यार अब तो किताब पढ़ ले। लेकिन अभी तक मैंने ये नॉवेल नहीं पढी, वक्त ही नहीं मिला। इशकजाते रिलीज नहीं हुई थी कि करन जौहर ने मुझे ये स्किप्ट दी और पूछा कि ये फिल्म करोगे। मैंने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी और मुझे लगा कि इस किरदार से मैं खुद को रिलेट कर सकता हूं और मैंने रात को उन्हें फोन करके कहा कि मैं फिल्म कर रहा हूं। फिल्म का वीजन बहुत ही सच्चाई भरा है। आप इसपर यकीन कर सकते हैं। ये कोई रोमांटिक कॉमेडी नहीं है जिसपर आप यकीन ही ना कर सकें। मैं फिर अभिषेक से मिला मैंने उनसे कहा कि मैंने ये नॉवेल नहीं पढ़ी है। अभिषेक ने भी मुझसे कहा कि अगर नही पढ़ी है तो अब मत पढ़ना। इस किरदार को अपनी तरह से जीना।

2 स्टेट्स में आपने एक बहुत ही शांत किस्म के किरदार को निभाया है। आपने कहा कि आप इससे खुद को काफी रिलेट भी कर सकते हैं। तो क्या कृष का किरदार निभानाअब तक के किरदारों से आसान था?

गुंडे, इशकजादे फिल्मों में आस पास का माहौल बनाया गया था। 20वीं सदी का माहौल, आस पास का वातावरण, ये सबकुछ इस तरह से बनाया गया था कि दर्शक उसपर यकीन कर सकें। लेकिन 2 स्टेट्स में सबकुछ बहुत ही आम, नॉर्मल था। फिल्म में लड़के के कपड़े से लेकर सबकुछ रियल है वास्तविक है। आपको लगेगा नहीं कि हमने कुछ बनाया है आप आसानी से इसपर यकीन कर लेंगे। अपनी आवाज को तेज करना, थोड़ा गुस्से वाला किरदार निभाना थोड़ा आसान होता है, लेकिन अपने से शांत किरदार को निभाना थोड़ा मुश्किल होता है। कृष बहुत ही प्यार से धीमी आवाज में बात करता है। मैंने गुंडे और 2 स्टेट्स की साथ में शूटिंग की है। एक तरफ मैं अपने प्यार का खून करता था तो दूसरी ओर मैं जाकर अन्नया से कहता था कि तुम्हारे राइट गाल के लेफ्ट साइड पर जो तिल है उसपर मेरा दिल आ गया है आई वॉंट टू किस यू।

2 स्टेट्स में आपके और आलिया के किस को लेकर काफी सुर्खियां बन रही हैं। क्या कहना चाहेंगे आप इस बारे में?

हमने किस के बारे में इसलिए बात की क्योंकि लोगों ने इस बारे में पूछा। हमारी फिल्म का ट्रेलर ढाई मिनट का था लेकिन लोगों ने उसमें से सिर्फ इस बारे में ही सवाल पूछा। हमने ढिंढोरा तो नहीं पीटा। इसमें हमारी क्या गलती है। हमारे लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। हमने उन्हें बोला कि अगर बड़ी बात होती तो हम इस बारे में बात नहीं करते। अब तो हमने इसको लेकर जोक करना भी शुरु कर दिया है। हाल ही में दुबई में जब हमसे पूछा गया कि फिल्म में सबसे कठिन क्या था तो मैंने कहा कि आलिया को किस करना। मुझे पता था कि यही हेडलाइन बनेगी तो मैंने कह दिया। हमें पता है कि हमारे दर्शक इसलिए 2 स्टेट्स नहीं देखने आएंगे क्योंकि फिल्म में हमने किस किया है बल्कि वो इसलिए फिल्म देखेंगे क्योंकि उन्हें ट्रेलर पसंद आएगा, गाने पसंद आएंगे या फिर हमारी शक्लें पसंद आएंगी।

परिणिती चोपड़ा के बाद अब आलिया भट्ट के साथ आप काम कर रहे हैं। दोनों ही इस समय बॉलीवुड की सबसे यंग और एक दूसरे की कॉंपटीटर मानी जाती हैं। तो दोनों को कंपेयर किया जाए तो क्या कहना चाहेंगे आप?

मैं दो एक्ट्रेसेस को कंपेयर करना सही नहीं समझता। जैसे कि रणवीर और मैं अलग हैं वैसे ही आलिया और परिणिती भी बहुत अलग हैं। आलिया ऐसे एक्ट्रेस हैं जिनको अभी तक अपनी काबिलियत पता नहीं है। वो अभी भी खुद को एक्सप्लोर कर रही हैं। आलिया एक बहुत ही बेहतरीन एक्ट्रेस हैं। लोगों ने हाईवे अभी देखी है लेकिन मैंने तभी आलिया के अंदर की काबिलियत को देख लिया था जब हम 2 स्टेट्स कर रहे थे। वो एक बहुत ही इंटैलिजेंट और बेहतरीन एक्ट्रेस हैं। वो अपना दिमाग यूज करती हैं और अपने हिसाब से काम करती हैं। आलिया की खास बात ये है कि वो कभी इसपर ध्यान नहीं देतीं कि वो कैसी दिख रही हैं। मैंने कभी आलिया को शीशा लेकर ये कहते नहीं सुना कि ये बाल इधर है या मेकअप कम है। वो बिंदास रहती हैं।

परिणिती के बारे में आपका क्या कहना है?

परिणिती के साथ जब मैंने काम किया था तो वो पहले ही लेडीज वर्सेस रिकी बहल कर चुकी थीं। इशकजादे में उन्होंने बहुत मेहनत की और अपना 100 प्रतिशत एफर्ट डाला। परिणिती को पता था कि ये उनकी लाइफ टाइम ऑपरचुनिटी है। इशकजादे में परिणिती का जो किरदार था वो बहुत ही स्ट्रॉंग और मुश्किल था। काफी समय बाद ऐसा कोई किरदार इंडस्ट्री में आया था। परिणिती के साथ जब मैंने काम किया था वो आलिया से ज्यादा चीजों को समझती थी। परिणिती को ये पता था कि उसे बहुत मेहनत करनी है। वो किसी बॉलीवुड बैकग्राउंड से नहीं आई थीं। ना ही करन जौहर की फिल्म से उन्हें ब्रेक मिला था। तो दोनों ही बहुत ही अलग तरह की एक्ट्रसेस हैं।

इंटरव्यू के कुछ अंश-

पहली बार आप अपने पिता के साथ काम कर रहे हैं। कैसा एक्सपीरियंस है। उनकी फिल्म मिस्टर इंडिया जो कि आज तक लोगों के जहन में समाई है उसके बारे में आपका क्या कहना है?

पहली बार आप अपने पिता के साथ काम कर रहे हैं। कैसा एक्सपीरियंस है। उनकी फिल्म मिस्टर इंडिया जो कि आज तक लोगों के जहन में समाई है उसके बारे में आपका क्या कहना है?

मैं मिस्टर इंडिया का बहुत बड़ा फैन हूं। मिस्टर इंडिया मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक है। मिस्टर इंडिया के स्पेशल इफेक्ट्स, इमोशन्स आज भी यादगार हैं। ये एक कंप्लीट साईंस फिक्शन फिल्म थी। फिल्म में विजुअल इफेक्ट्स भी बेहतरीन थे। जिस तरह से हॉलीवुड फिल्मों में होता है मिस्टर इंडिया में वही सालों पहले दिखाया जा चुका है। ये बहुत ही प्रेरणादायी फिल्म है और मैं उम्मीद करता हूं कि काश मैं भई इस फिल्म का हिस्सा हो सकता। मुझे इस बात का गर्व है कि मेरे पिता ने ये फिल्म बनाई है। ये (तेवर) बहुत ही नॉर्मल फिल्म थी। तेवर से वो मेरा करियर नहीं बना रहे हैं और ना ही खराब कर रहे हैं। उन्हे मुझपर यकीन है कि मैं जो कर रहा हूं उसे मैं बेहतरीन तरीके से कर सकता हूं। ऐसा नहीं है कि मुझपर वो बहुत भार डाल रहे हैं।

तेवर फिल्म की शूटिंग के दौरान पापा किसी तरह के टिप्स देते हैं?

तेवर फिल्म की शूटिंग के दौरान पापा किसी तरह के टिप्स देते हैं?

मुझे ये नहीं कहा जाता कि ऐसे करो वैसे करो, ये करो या वो करो, वो मुझे सेट पर वैसे ही काम करने को कहते हैं जैसा कि मैं कर सकता हूं। मुझे इस बात की खुशी है कि वो फिल्म ऐसे बना रहे हैं जैसे कि मेरे पिता फिल्म को बनाते। तेवर एक आउट एन आउट मसाला एंटरटेनर फिल्म है। उम्मीद है कि लोगों को ये फिल्म पसंद आएगी। वो एक फिल्म बना रहे हैं जिसमें उनका बेटा है लेकिन वो एक एक्टर ही है। ये बहुत ही बेहतरीन एहसास है।

इन चार सालो में बतौर एक्टर खुद में कितना बदलाव महसूस किया है आपने। पहले से कितना बेहतर पाते हैं आज आप खुद को।

इन चार सालो में बतौर एक्टर खुद में कितना बदलाव महसूस किया है आपने। पहले से कितना बेहतर पाते हैं आज आप खुद को।

मैं हमेशा ही अपने किरदार में अपनी एक्टिंग पर बहुत मेहनत करता हूं। ये तो होता है कि छ महीने बाद जब आप अपनी एक्टिंग देखते हैं तो लगता है कि इसे ऐसे भी कर सकते थे। कुछ बदल भी सकते थे। लेकिन ये तो सभी के साथ होता है। हम जब शूट करते हैं तो अपना बेस्ट देते हैं। लेकिन धीरे धीरे हममे सुधार आता जाता है और हम पहले से बेहतर होते जाते हैं। इसका मतलब ये नहीं कि हमने पहले मेहनत नहीं की थी। मैं हमेशा अपने निर्देशक की सोच उनके ख्याल को अपनी एक्टिंग के जरिये परदे पर उतारने की कोशिश करता हूं। बाद में भले ही ये लगे कि इसे और बेहतर किया जा सकता था। तो ये तो कह पाना बहुत ही मुश्किल है कि मुझमें इतने सालो में क्या बदलाव आए हैं। मैं तो हर रोज बेहतर हो रहा हूं। कल छह टेक्स लेता था आज दो लेता हूं।

इंडस्ट्री में हर रोज नये नये एक्टर आ रहे हैं। किसी तरह की इनसेक्योरिटी महसूस होती आपको?

इंडस्ट्री में हर रोज नये नये एक्टर आ रहे हैं। किसी तरह की इनसेक्योरिटी महसूस होती आपको?

मै हर रोज इनसेक्योर महसूस करता हूं कि मैं अपना बेस्ट दे पा रहा हूं या नहीं। मैं किसी और के अच्छे काम को देखकर खुद को इनसेक्योर फील नहीं करता। मुझे लगता है कि लोग तभी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं जब उन्हें खुद पर यकीन नहीं होता। ये एक ऐसा प्रोफेशन है कि जहां पर रोज आपकी फैन फोलोइँग बढ़ती है और लोग आपको प्यार करते हैं। मैंने तो अभी चलना सीखा है। एक ही साल में गुंडे और 2 स्टेट्स करने से ये ता साबित हो गया कि एक ही समय में दो बिल्कुल अलग तरह के किरदार निभा सकता हूं।

सोनाक्षी के साथ जब आप तेवर फिल्म के लिए रोमांटिक सीन शूट कर रहे थे तो पापा के सेट पर होने से किसी तरह का संकोच महसूस हुआ?

सोनाक्षी के साथ जब आप तेवर फिल्म के लिए रोमांटिक सीन शूट कर रहे थे तो पापा के सेट पर होने से किसी तरह का संकोच महसूस हुआ?

वो सेट पर नही थे जब मैं सोनाक्षी के साथ मैं तो पिंटू का किरादर निभा रहा हूं। अगर मैं रियल लाइफ में किसी लड़की के साथ फ्लर्ट कर रहा हू और मेरे पिता आ जाएं तो मुझे अनकंफरटेबल महसूस होगा लेकिन अगर मैं किरदार निभा रहा हूं, शूटिंग कर रहा हूं तो वो रियल नहीं है। उन्हें पता है कि ये सीन है, मैं कोई टाइमपास नहीं कर रहा हूं। अगर मैं कॉंशस फील करने लगूं तो इसका मतलब ये है कि मैं गलत प्रोफेशन में हूं।

2 स्टेट्स से जुड़ी सबसे मुश्किल और सबसे आसान चीज क्या थी?

2 स्टेट्स से जुड़ी सबसे मुश्किल और सबसे आसान चीज क्या थी?

आप किसी भी सफर को इस तरह से नहीं परिभाषित नहीं कर सकते कि एक दिन मुश्किल था और एक दिन बहुत अच्छा था। ये एक सफर था मुश्किल भी आसान भी। हर रोज हमने काफी मेहनत की। हर दिन मुश्किल था और आसान भी। कई बार एक आसान सा डायलॉग भी बोलना मुश्किल हो जाता है।

English summary
Arjun Kapoor says if in real life he is romancing a girl and his father will enter the place he will will uncomfortable, But if he is playing some character then he never feels shy. Arjun Kapoor said in 2 States he played the character of a Krrish who is very simple IIM graduate who loves Ananya. Krrish is a character with whom Arjun can relate with.
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