Interview परिवार और करियर के बीच हमेशा परिवार को चुना- अनिल कपूर
जोया अख्तर की फिल्म दिल धड़कने दो का फर्स्ट लुक रिलीज हुआ उस दिन सबसे ज्यादा जिस एक्टर के लुक की चर्चा हुई वो थे अनिल कपूर। अनिल कपूर जिन्होंने 1979 में अपने करियर की शुरुआत की वो आज भी युवाओ के दिलों में बसते हैं। लोग सबसे ज्यादा उत्साहित हैं अनिल कपूर और उनके फैन रणबीर कपूर की जोड़ी को एक साथ परदे पर देखने के लिए।
फिल्मीबीट के साथ इंटरव्यू के दौरान अनिल कपूर ने दिल धड़कने दो के बारे में तो बात की लेकिन साथ ही उन्होंने बताया कि उनका परिवार उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है। अनिल कपूर के लिए सफलता उनके बैंक बैलेंस में नहीं बल्कि उनके परिवार में है।
दिल धड़कने दो में विरासत के अमरीश पुरी का किरदार निभा रहे हैं अनिल कपूर
दिल धड़कने दो में मेरा जो किरदार है वो कुछ ऐसा जैसा फिल्म विरासत में अमरीश पुरी जी का था। वो मेरे पिता थे। फिल्म के पहले भाग में वो रूलर थे औऱ दूसरे भाग में मैं रुलर बना। दिल धड़कने में मेरा कुछ ऐसा ही किरदार है। कमल मेहरा एक पंजाबी है और बिजनेसमैन है। उसने जीरो से अपने करियर की शुरुआत की और अब वो अपने पूरे परिवार की डोर अपने हाथो में रखता है। सबकुछ अपने कंट्रोल में रखता है। हर कोई अपनी प्रॉब्लम्स लेकर उसके पास आता है और उसपर ही निर्भर करता है।
जिंदगी में जो किया बेस्ट ही किया
आप अपनी जिंदगी में जो कुछ भी करते हैं अपने हिसाब से बेस्ट ही करते हैं। आपको नहीं पता होता कि लोग उसपर क्या रिएक्शन देंगे। आप सिर्फ अपनी तरफ से परफेक्ट करने की कोशिश करते हैं। मैंने ये डांस स्टेप अपनी तरफ से परफेक्ट करने की कोशिश की थी। ऐसा नहीं सोचा था कि ये आकॉनिक बन जाएंगे। उस वक्त इस तरह का डांस करना आसान होता था।
अपने करियर में हमेसा नया करने की कोशिश की, रिस्क लिया।
अगर आप मेरा करियर ग्राफ देखें तो मैंने हमेश चीजें बैलेंस में रखने की कोशिश की है। लेकिन लोग बहुत जल्द ही पुरानी चीजों को भूल जाते हैं। मैंने बेटा की उसके बाद लम्हे की जो कि उस वक्त के हिसाब से बहुत ही अलग लीक से हटकर फिल्म थी। युवाओं को फिल्म बहुत पंसद आई। उसके बाद मैंने रखवाला, घर हो तो ऐसा, किशन कन्हैया जैसी फिल्में कीं जिनमें संगीत और किरदारों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया। मैं पहल एक्टर था जिसने इस तरह की फिल्में कीं। मैं हमेशा कोशिश करता रहा कि लोगों को हैरान कर सकूं। उन्हें एंटरटेन करुं। कुछ नया क रुं। 1979 से लेकर अभी तक मैंने अपनी फिल्मों में कुछ नया किया है, रिस्क लिये हैं।
कमल मेहरा जैसा पिता नहीं हूं
मैं कमल मेहरा जैसा बिल्कुल नहीं हूं। मैं अपने बच्चों के साथ बिल्कुल दोस्तों की तरह रहता हूं। लेकिन यहां कुछ अलग ही है। यहां पर कमल मेहरा सबकुछ अपने कंट्रोल में रखता है। यहां पर सिर्फ उसकी मर्जी चलती है।
वेलकम बैक दर्शकों को बेहद पसंद आएगी।
वेलकम बैक एक बहुत ही बेहतरीन, कॉमेडी फिल्म है । मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इसे बेहद पसंद करने वाले हैं। फिल्म की शूटिंग खत्म हो चुकी है और बस फिल्म की रिलीज का इंतजार है जो कि इस साल हो जाएगी। पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है ।
सफल हूं क्योंकि निर्देशकों को हमेशा खुश रखा
दिल धड़कने दो के सेट पर मैं सबसे यंग था (हंसते हुए) मेरी एनर्जी के सामने किसी और की एनर्जी टिक ही नहीं सकी। बाकी फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी मैं मस्ती के मूड में रहता था, अपना बेस्ट देने की कोशिश करता था। फिल्हाल वक्त हैं दर्शक क्या सोचते हैं। ये जोया अख्तर की फिल्म है और जोया जैसे निर्देशक जो कि एक फिल्म पर सालों लगाते हैं वो काफी कमिटमेंट के साथ फिल्म बनाने उतरते हैं। इनके साथ काम करते समय आप पूरी कोशिश करत हैं कि कुछ ऐसा करें जो इन्हें खुश कर दे। आज मैं जो कुछ भी हूं और जितना भी सफल हूं उसके पीछे वजह ये है कि मैं अपने निर्देशकों को खुश रखता हूं।
दिल धड़कने दो एक सच्ची फिल्म है
दिल धड़कने दो एक पारिवारिक फिल्म है। लोग इस फिल्म से खुद को रिलेट कर सकेंगे। हम इस फिल्म के जरिये एक सच्चाई दर्शकों के सामने रख रहे हैं उन्हें बेवकूफ नहीं बना रहे। ये बहुत ही सच्ची फिल्म है। आप फिल्म देखेंगे तो आपको काफी मजा आएगा साथ ही फिल्म खत्म होने के बाद आप अपने साथ कुछ लेकर जाएंगे। ये एक ऐसी फिल्म है जिसे देखने के बाद आप अपने दोस्तों, परिवार के साथ इसके बारे में डिसकशन करेंगे।
हमेशा परिवार को चुना, मेरे रिलेशन ही मेरी सच्ची कमाई है
मैंने जो रास्ता चुना वो बहुत ही अलग था, मुश्किल भी। मुझे याद है कि एक पल ऐसा आया कि जब मेरे सामने दो ऑप्शन थे कि एक बड़ी फिल्म का ऑफर था और मेरी शादी । मैंने शादी को चुना करियर के लिए तो काफी वक्त पड़ा था। जब भी मेरे सामने मेरे बच्चों और फिल्म का ऑप्शन आया मैंने अपने बच्चों को वक्त देना सही समझा। मेरी सफलता मेरे बैंक बैलेंस में नहीं है मेरे परिवार में है। मेरी पत्नी के साथ मेरा रिश्ता, मेरे बच्चों, सोसाइटी मीडिया के साथ मेरे रिलेशन ही मेरी कमाई है। मैं नहीं चाहता कि लोग मेरे साथ तब अच्छे हों जब मेरी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस कर रही हूं। बल्कि तब भी वो मेरे लिए अच्छे रहें जब मेरी फिल्में फ्लॉप भी हो जाएं।


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