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INTERVIEW: राउडी राथौड़ हो या टॉयलेट एक प्रेम कथा.. मुझे सब पसंद है- अक्षय कुमार

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अक्षय कुमार की फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' 11 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। अपने विषय की वजह से फिल्म काफी समय से सुर्खियां बटोर रही है। फिल्म भारत में खुले में शौच की समस्या को दर्शाती है।

अक्षय कुमार इस सामाजिक मुद्दे वाली फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं और चाहते हैं कि फिल्म देश के कोने कोने तक पहुंचे.. लोग इसे देखें और समझें। खैर, इस समस्या पर खुद अक्षय कुमार का क्या सोचना है, फिल्म को लेकर उनके क्या प्लान हैं और साथ ही बॉक्स ऑफिस को लेकर वह कितने आश्वस्त हैं.. यह सब जानने के लिए फिल्मीबीट ने सुपरस्टार से खास बातचीत की। इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने खुलकर अपना अनुभव शेयर किया.. जो आपको काफी दिलचस्प लगेगा।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

टॉयलेट- एक प्रेम कथा क्या है!

टॉयलेट- एक प्रेम कथा क्या है!

यह फिल्म मुख्य तौर पर लोगों की सोच पर है। हर घर में एक शौचालय होना चाहिए। जैसा कि आप सभी जानते हैं भारत में लगभग 54 प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं है। सबसे दुख वाली बात यह है कि इसका सबसे ज्यादा प्रभाव औरतों पर पड़ता है। आज भी कई गावों में औरतों को सुबह सूरज उगने से पहले ही शौच जाना पड़ता है और फिर सीधे शाम में अंधेरा होने के बाद। वहीं, इन सबके बीच कई तरह की घटनाएं भी हो जाती हैं। कभी कोई वीडियो लेते हैं, कभी फोटो ले लेते हैं, किसी का रेप हो जाता है। यह सब असहनीय है, काफी अजीब सा माहौल है।

हालांकि काफी कुछ बदलना शुरु हुआ है। पहले 63 प्रतिशत भारत में यह समस्या थी.. अब यह घटकर 54 प्रतिशत हो गई है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस फिल्म की रिलीज के बाद.. मीडिया के जरीए देश के हर घर में शौचालय होने की मुहिम शुरु हो। यदि फिल्म रिलीज के बाद कुछ महीनों में 2- 3 प्रतिशत की कमी भी आएगी.. तो मैं समझूंगा कि फिल्म सफल रही।

फिल्म करने से पहले इस समस्या को लेकर कितने जागरूक थे?

फिल्म करने से पहले इस समस्या को लेकर कितने जागरूक थे?

फिल्म में काम करने से पहले मुझे भी इतना पता नहीं है। मैं भी इस समस्या पर उतनी गंभीरता से नहीं सोचता था। लेकिन जब मैंने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, डाटा देखा.. तो मुझे समस्या को लेकर ज्यादा पता चला।

फिल्म रिलीज तो हो जाएगी.. लेकिन क्या देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच पाएगी?

फिल्म रिलीज तो हो जाएगी.. लेकिन क्या देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच पाएगी?

इस फिल्म की रिलीज पर काफी काम किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह बात पहुंच सके। इस बारे में दूरदर्शन से बात किया जा रहा है.. हमने स्वच्छता मंत्रालय से भी बात की है। साथ ही सरपंचों, कलेक्टरों को भी फिल्म दिखाने का प्लान है। यहां तक बात हो रही है कि मोबाइल थियेटर्स में भी फिल्म जा सके। मोबाइल थियेटर्स वो होते हैं जो गांव गांव में जाकर फिल्म दिखाते हैं।

क्या आपको लगता है कि फिल्म से लोगों की मानसिकता में कोई सुधार आएगा?

क्या आपको लगता है कि फिल्म से लोगों की मानसिकता में कोई सुधार आएगा?

ये समस्या देश में इतने सालों से है कि अब जड़ तक घुस चुकी है। इसे जड़ से निकलने में वक्त तो लगेगा। अच्छी बात यह है कि सरकार इस ओर ध्यान दे रही है। मैं यह मानता हूं कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए हर एक को जिम्मेदार बनना पड़ेगा। यदि हम अपने घर के आस पास भी सफाई रखने लगें तो देश में काफी सुधार आ सकता है।

फिल्म की कॉपीराइट को लेकर काफी सवाल उठाया जा रहा है?

फिल्म की कॉपीराइट को लेकर काफी सवाल उठाया जा रहा है?

जी बिलकुल गलत है। ये किसी फिल्म से ली नहीं गई है। ये फिल्म जो है, वो करीबन 9-10 औरतों की कहानियों से लेकर इसे बनाया गया है। ऐसी घटना कभी बिहार में घटी है कभी यूपी में तो कभी राजस्थान में घटी है। अगर आप गूगल करोगे तो ऐसी कहानियां आपको कई सारी मिलेगी। तो ये किसीके फिल्म से लिया नहीं गया है।

टॉयलेट- एक प्रेम कथा में क्या लगा खास!

टॉयलेट- एक प्रेम कथा में क्या लगा खास!

यह एक ऐसी लव स्टोरी है, जिसे किसी ने हाथ नहीं लगाई। साथ ही आउट ऑफ द बॉक्स विषय है। मुझे अच्छी लगी.. इसीलिए मैंने फिल्म को हां कहा। एक शौचालय के लिए एक पत्नी तलाक देने तक की बात करे.. यह काफी बड़ी बात है। मुझे लगता है यदि इससे एक मुहिम की तरह शुरु किया जा सकता है।

क्या फिल्मों को चुनने में अब ज्यादा फ्री महसूस करते हैं?

क्या फिल्मों को चुनने में अब ज्यादा फ्री महसूस करते हैं?

मैं सिर्फ देश हित में फिल्म कर रहा हूं.. ऐसा नहीं है। मैंने हाउसफुल 3 भी की थी पिछले साल। फिर 2.0 भी कर रहा हूं, गोल्ड कर रहा हूं, बॉयोपिक कर रहा हूं। मुझे हर तरह का किरदार निभाना पसंद है।

कॉमेडी, एक्शन या देशभक्ति.. किस तरह की फिल्में करना ज्यादा पसंद है?

कॉमेडी, एक्शन या देशभक्ति.. किस तरह की फिल्में करना ज्यादा पसंद है?

मुझे हर तरह की फिल्में करने में मज़ा आता है। राउडी राथौड़ करने में भी उतना ही मज़ा आता है, जितना कि टॉयलेट एक प्रेम कथा।

English summary
In an exclusive interview Akshay Kumar shares views on his upcoming film Toilet Ek Prem Katha.
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