डैनी साहब हमेशा ही लकी रहे हैं मेरे लिए- अक्षय कुमार
(सोनिका मिश्रा) बॉलीवुड के एक्शन बॉस यानी अक्षय कुमार की एक्शन फिल्म बॉस इस शुक्रवार रिलीज होने वाली है। बॉस फिल्म के बारे में अक्षय कुमार का कहना है कि उन्होंने ये फिल्म इसलिए बनाई क्योंकि उन्हें हमेशा से ही बाप बेटे के रिश्ते पर आधारित कहानियां काफी भाती रही हैं और तमिल हिट फिल्म पोखरी राज में भी एक बेहतरीन बाप बेटे की कहानी थी। इस फिल्म को देखने के बाद ही मैंने इरादा कर लिया कि इसका रीमेक बनाउँगा। फिल्म में शिव पंडित मुख्य भूमिका में हैं। अक्षय ने शिव के बड़े भाई का किरदार निभाया है। पेश हैं अक्षय के इंटरव्यू के कुछ अंश।
बॉस शब्द जब आपको सुनने में आता है तो सबसे पहले आपके जहन में किसका नाम आता है?
आजकल तो बॉस शब्द तो आजकल हर किसी के लिए यूज होता है। तो ये शब्द ही बहुत ही कॉमन है। मुझे बहुत सरप्राइज होता है कि किसी ने
आपके हिसाब से बॉक्स ऑफिस का बॉस कौन है और आपके घर में बॉस कौन है?
मेरे घर में मेरी सिस्टर इन लॉ बॉस हैं। बॉस तो सभी हैं। हर हफ्ते बॉस बदल जाता है। तो किसी एक का नाम लेना मुश्किल होगा।
बॉस फिल्म तमिल फिल्म का रीमेक है। क्यों चुना आपने इस फिल्म को?
मैने जब पोखरी राजा देखी तो इसमें सस्पेंस, कॉमेडी रोमांस और 12 अलग अलग तरह के एक्शन सीक्वेंस देखन के मिले। तो फिल्म को देखने के बाद ही मैंने ये डिसाइड किया कि मुझे इस फिल्म का हिंदी रीमेक बनाना है। ये दो भाइयों और उनके पिता की कहानी है। मुझे हमेशा से ही बाप बेटे की स्टोरी काफी भाती हैा। मैंने वक्त, एक रिश्ता, जानवर और ये मेरी चौथी फिल्म है। मुझे लगता है मां पर तो कई सारी फिल्में बनती हैं। पिता को हमेशा ही लोग इग्नोर कर देते हैं उसे सिर्फ पैसे कमाने की मशीन समझकर। तो मैंने पिता को थोड़ी इम्पोर्टेंस देने की कोशिश की है।
जैसा कि आपने कहा कि आप अपने फादर के काफी करीब रहे हैं। तो आपका और आरव का बाप बेटे का रिश्ता कैसा है?
वो भी मार्शल आर्ट सीख रहा है और हम दोनों के बीच काफी अच्छा रिलेशन है।
बॉस फिल्म के एक्शन सीक्वेंस के बारे में कुछ बताइये।
इसफिल्म में जानबूझकर हाथों से फाइट दिखाई गयी है। कुछ समय से केबिल फाइट्स मुझे लगता है कि ये आउड ऑफ फैशन हो गयी हैं। एक बार में दस लोगों को मार दिया। लेकिन मैं चाहता था कि हम एक मैन टू मैन एक्शन करके दिखाऊं। फिल्म के क्लाइमेंक्स में भी आपको 6 मिनट की फाइट है। ये मेरे और विलेन के बीच की फाइट है इसमें कोई भी और नहीं है।
शिव पंडित को अपनी फिल्म में लेने के पीछे क्या वजह थी?
मुझे लगता है कि उस लड़के में वो चाह है और वो कुछ करना चाहता है। उसने इस फिल्म के लिए उसने खुद को काफी हद तक बदल दिया है। मैंने उसकी फिल्म उड़ान देखी है। मुझे शिव में यंग अक्षय नज़र आता है। वो इतना स्मार्ट है, हैंडसम है और किसी भी हीरो के लिए ये सारी क्वालिटीज होनी जरुर हैं। इसके अलावा शिव एक बेहतरीन एक्टर भी हैं।
मिथुन जी के साथ एक बार फिर से काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?
मिथुन जी के साथ मैंने कई सारी फिल्में की हैं हमेशा ही मजा आता है। मुझे ऐसे एक्टर चाहिए थे जो कि पिता का रोल दिल से करें। चूंकि उनका बेटा है तो मुझे लगा कि वो अपनी तरफ से बेहतरीन परफॉर्मेंस देंगे।
बॉस में आपके साथ कोई एक्ट्रेस नहीं है। ऐसा क्यों?
मलयालम फिल्म में भी बड़े भाई की कोई हिरोइन नहीं थी। जरुरी नहीं है ना कि जानबूझकर हम किसी नये किरदार को फिल्म में डाल दें और फिल्म की कहानी को बरबाद कर दें।
डैनी साहब ने कहा उन्होंने आपसे बहुत कुछ सीखा है। आपने क्या क्या सीखा है डैनी साहब से?
मैंने जब अपना पहला ऑफिस खरीदा था तब डैनी साहब से ही खरीदा था। उस ऑफिस को खरीदने के बाद मेरे करियर को चार चांद लग गये थे। मैं खुद को डैनी साहब के जैसा बनाना चाहता हूं। वो बहुत ही लकी रहे हैं मेरे लिए। आज इस उम्र में भी वो एक यंग लड़के की तरह दिखते हैं। मैं उनसे बहुत कुछ सीखना चाहता हूं। वो जो भी काम करते हैं अपने रुल्स पर काम करते हैं।
शिव पंडित हों या फिर रौनित रॉय हर किसी को यही लगता है कि आप भला इनके साथ काम क्यों करेंगे कहां आप सुपरस्टार और ये नये चेहरे। ऐसा क्यों है?
जब कोई नहीं होता तो मैं इनको डराता हूं। लेकिन आर्टिस्ट वैगरह कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। मैं भी जब इंडस्ट्री में आया था तो किसी ना किसी का साथ किसी का हाथ होना बहुत जरुरी होता है। प्रमोद चक्रवर्ती जी ने मुझे बहुत साथ दिया और उन्हीं के परिवार की वजह से मैं आज यहां पर हूं।


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