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    INTERVIEW: स्टारडम ना खत्म हुआ है.. ना कभी खत्म होगा- अजय देवगन

    By Neeti
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    1 सितंबर को रिलीज होने वाली है मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी फिल्म 'बादशाहो'। एक बार फिर मिलन लुथरिया और अजय देवगन दर्शकों को एक्शन- थ्रिलर फिल्म से लुभाने वाले हैं। फिल्म में अजय देवगन के साथ इमरान हाशमी, संजय मिश्रा, इलियाना डिक्रूज और ईशा गुप्ता भी मुख्य किरदारों में दिखेंगे।

    बादशाहो को लेकर अजय देवगन काफी उत्साहित हैं। हाल ही में फिल्मीबीट ने अजय देवगन से खास बातचीत की, जहां उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म पर खुलकर अपना पक्ष रखा। साथ ही सेंसर बोर्ड में हुए बदलाव, ट्रिपल तलाक पर आए ऐतिहासिक फैसले पर भी टिप्पणी की।

    अजय देवगन को फिल्म इंडस्ट्री में 26 साल पूरे हो चुके हैं। इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार ने खुलकर अपना अनुभव शेयर किया.. जो आपको काफी दिलचस्प लगेगा।

    यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

    अजय देवगन और मिलन लुथरिया जब साथ आते हैं तो बड़ा धमाका होता है.. इस बार क्या होने वाला है?

    अजय देवगन और मिलन लुथरिया जब साथ आते हैं तो बड़ा धमाका होता है.. इस बार क्या होने वाला है?

    मुझे नहीं पता इसमें कितनी सच्चाई है, लेकिन बादशाहो की जो कहानी है राजस्थान की है। वहां के लोग कहते हैं कि राजस्थान की रानी थी, जिनके पास बहुत सारा सोना दबा हुआ था। लेकिन जब देश में आपालकाल घोषित हुआ था तो सरकार ने वहां से सारा सोना निकाल लिया, लेकिन रातोंरात किसी और वो सोना चोरी कर लिया।

    तो ये कहानी हमारे दिमाग में कच्चे धागे की शूटिंग के समय से ही थी। तो हमने सोचा था कि इसकी स्क्रिप्ट अच्छे से बनाई जाए तो मजा आएगा। 2 साल पहले जब मिलन ने मुझे स्क्रिप्ट सुनाई, तो मुझे पसंद आई। उसी घटना के इर्द गिर्द जो कहानी और किरदार बनाए गए हैं, वह बहुत खूबसूरत हैं। पूरी फिल्म आपको लगता रहेगा कि कौन कैरेक्टर क्या कर रहा है, कौन किसे बेवकूफ बना रहा है। यह काफी दिलचस्प है।

    फिल्म में एक्शन कितना देखा जाएगा?

    फिल्म में एक्शन कितना देखा जाएगा?

    बहुत ज्यादा एक्शन नहीं है फिल्म में। जितना कहानी में डिमांड किया गया था, उतना ही है। काफी अच्छा एक्शन है, लेकिन लिमिटेड है। थ्रिल ज्यादा है फिल्म में।

    ट्रिपल तलाक के ऐतिहासिक फैसले पर क्या टिप्पणी करना चाहेंगे?

    ट्रिपल तलाक के ऐतिहासिक फैसले पर क्या टिप्पणी करना चाहेंगे?

    मुझे लगता है कि सभी इस फैसले से खुश हैं। मुझे ये काफी अजीब लगता है कि सिर्फ तीन शब्द बोल कर किसी की ज़िंदगी बर्बाद कर सकते हैं। ये एक अच्छा कदम है। मैं खुश हूं।

    सेंसर बोर्ड में हुए बदलाव पर क्या कहते हैं?

    सेंसर बोर्ड में हुए बदलाव पर क्या कहते हैं?

    प्रसून जोशी बहुत समझदार हैं। आज के हिसाब से सोचते हैं। हालांकि व्यक्तिगत तौर पर कहूं तो मुझे पहलाज निहलानी के साथ कभी कोई प्रॉब्लम नहीं हुई। उन्होंने काफी पॉजिटिव बदलाव भी लाए और काफी कुछ निगेटिव भी हुआ, जैसा कि आप सब जानते हैं। लेकिन मेरा जो पर्सनल संबंध रहा वह अच्छा था।

    शिवाय का बिजनेस उम्मीद से नीचे रहा.. ऐसे में क्या प्रतिक्रिया होती है?

    शिवाय का बिजनेस उम्मीद से नीचे रहा.. ऐसे में क्या प्रतिक्रिया होती है?

    देखिए जब भी दो फिल्में साथ रिलीज होती हैं, तो बिजनेस बंट ही जाता है। शिवाय के साथ भी ऐसा ही हुआ। लोगों को लगता है शिवाय ने नहीं कमाया.. लेकिन बता दूं, फिल्म का बिजनेस अच्छा रहा। यूं भी अब 26 साल हो गए काम करते हुए, अब कोई फर्क नहीं पड़ता। एक फिल्म खत्म होती है, दूसरी पर काम शुरु हो जाता है।

    26 सालों का सफर कैसा रहा?

    26 सालों का सफर कैसा रहा?

    मुझे लगता है कि मैं बहुत लकी रहा हूं। मेरे साथ कभी ऐसा मौका नहीं आया कि बहुत संघर्ष करना पड़े। काम करते हुए 26 कब निकल गए, पता ही नहीं चला।

    गोलमाल रिटर्न्स और सीक्रेट सुपरस्टार के क्लैश पर क्या कहेंगे?

    गोलमाल रिटर्न्स और सीक्रेट सुपरस्टार के क्लैश पर क्या कहेंगे?

    दिवाली पर यूं भी दो फिल्मों के लिए जगह होती। वहीं, ये दोनों तो बिल्कुल ही दो अलग तरह की फिल्में हैं। अगर आप गोलमाल देखना चाहेंगे तो आप सीक्रेट सुपरस्टार भी देखना चाहेंगे.. और अगर आप सीक्रेट सुपरस्टार देखना चाहेंगे तो आप गोलमाल भी जरूर देखना चाहेंगे। मुझे इस क्लैश में कोई परेशानी नजर नहीं आती।

    इंदु सरकार भी इमेंरसी की कहानी पर आधारित थी.. जो कि काफी विवादित रही..

    इंदु सरकार भी इमेंरसी की कहानी पर आधारित थी.. जो कि काफी विवादित रही..

    नहीं, इंदु सरकार और बादशाहो दोनों बिल्कुल अलग फिल्में हैं। इंदु सरकार की कहानी पूरे तौर पर इतिहास की कहानी पर थी। सही या गलत, मुझे नहीं पता.. लेकिन उनकी फिल्म पॉलिटिकल थी। जबकि बादशाहो में इमेंरजेंसी सिर्फ एक बैकड्रॉप है। बाकी हमने फिल्म में उससे संबंधित कुछ भी दिखाया ही नहीं है।

    इतिहास से जुड़ी फिल्में करना कितना चैलेंजिंग रहता है?

    इतिहास से जुड़ी फिल्में करना कितना चैलेंजिंग रहता है?

    बहुत ज्यादा। सबसे ज्यादा चैलेंजिंग होता है जब आप फिल्में करते हैं भगत सिंह जैसी। फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके भाई हमारे सेट पर आते थे और भगत सिंह के किस्से सुनाते थे। उसे सुनकर ऐसा लगता था कि ऐसा कोई इंसान कैसे हो सकता है। सिर्फ भगवान ही ऐसे हो सकते हैं। इसीलिए जब आप ऐसे किरदारों को निभाते हैं तो आप पर बोझ रहता है कि कहीं कुछ छोटी सी भी चूक ना हो जाए। रियल लाइफ हीरो को आप किसी भी तरह से गलत नहीं दिखा सकते हैं। हमें बतौर कलाकार भी काफी कुछ सीखने को मिलता है।

    बादशाहो मल्टी स्टारर फिल्म है.. कैसा रहा सबके साथ काम करना?

    बादशाहो मल्टी स्टारर फिल्म है.. कैसा रहा सबके साथ काम करना?

    सबसे शानदार थे। सबसे बेहतरीन काम किया है। सेट पर हम मस्ती मजाक भी करते रहते हैं। मुझे लगता है कि उससे सेट पर माहौल अच्छा बना रहता है। सारी यूनिट इससे काफी कंफर्टेबल हो जाती है। इससे काम भी अच्छा होता है।

    कई बड़ी फिल्में फ्लॉप रही हैं.. क्या इंडस्ट्री के लिए डरने वाली बात है?

    कई बड़ी फिल्में फ्लॉप रही हैं.. क्या इंडस्ट्री के लिए डरने वाली बात है?

    नहीं, बिल्कुल नहीं। देखिए हमेशा से ऐसा ही होता है कि अच्छी फिल्में चलती हैं। जो लोगों को अच्छी नहीं लगती, वह नहीं चलती है। इस साल भी वही हो रहा है। डरने वाली बात तो नहीं है.. बल्कि अच्छी बात यह है कि लोग अब ज्यादा ध्यान देने लगे हैं कि अच्छी कहानी ही परोसें। चाहे पर किसी भी जोनर की हों।

    अब स्टारडम काम करता नहीं दिख रहा.. क्या कहना चाहेंगे?

    अब स्टारडम काम करता नहीं दिख रहा.. क्या कहना चाहेंगे?

    देखिए यदि फिल्म अच्छी है तो स्टारडम की वजह से उसकी कमाई दस गुणा बढ़ सकती है। यदि फिल्म बिना स्टार की हो, लेकिन अच्छी हो तो उसकी कमाई दुगुनी बढ़ती है। मुझे लगता है अब स्टारडम यही है। स्टार सिस्टम कभी खत्म नहीं होने वाला। स्टार की अपनी एक फॉलोइंग होती है। आज जो फिल्में नहीं भी चली हैं, उनकी ओपनिंग तो बढ़िया रही है ना।

    आपकी लाइफ के बादशाहो कौन हैं?

    आपकी लाइफ के बादशाहो कौन हैं?

    फिलहाल तो मेरे बच्चे ही हैं। मेरा बेटा मेरी सभी फिल्में देखता है.. गोलमाल भी देखता है, सिंघम भी देखता है।

    26 सालों में बॉक्स ऑफिस.. और कंपिटिशन अब आपके लिए क्या मायने रखते हैं?

    26 सालों में बॉक्स ऑफिस.. और कंपिटिशन अब आपके लिए क्या मायने रखते हैं?

    कंपिटिशन कभी था ही नहीं.. कभी भी नहीं। हम सब सालों से साथ काम करते आ रहे हैं.. हम सब दोस्त हैं। कई बार तो ऐसा हुआ है कि आप कोई फिल्म नहीं कर रहे हैं.. ऐसे में सामने से फोन आता है कि तू ये फिल्म नहीं कर रहा, मैं कर लूं क्या? तो हम लोग ऐसे बात करते हैं। कंपिटिशन की बात नहीं है।

    जहां तक बॉक्स ऑफिस की बात है कि हां यह जरूरी है। लेकिन काम से संतुष्टि भी जरूरी होती है। वर्ना 26 के बाद ऐसा लगता है कि आपने सिर्फ बॉक्स ऑफिस और पैसों के लिए काम किया है।

    बैटल ऑफ सारागढ़ी को क्या चल रहा है.. क्या सलमान भी उसी पर फिल्म बना रहे हैं?

    बैटल ऑफ सारागढ़ी को क्या चल रहा है.. क्या सलमान भी उसी पर फिल्म बना रहे हैं?

    नहीं, सलमान ऐसी कोई फिल्म नहीं बना रहे हैं। फिलहाल हम फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। यह काफी बड़े तौर पर बनेगी, लिहाजा, इसे आने में फिलहाल डेढ़- दो साल है।

    मल्टी स्टारर फिल्में करने में कई एक्टर्स हिचकिचाते हैं.. आपका क्या कहना है?

    मल्टी स्टारर फिल्में करने में कई एक्टर्स हिचकिचाते हैं.. आपका क्या कहना है?

    मुझे लगता है हमारी जेनेरेशन से कोई नहीं हिचकिचाता है। यदि फिल्म में आपका किरदार अच्छा है तो कोई परेशानी नहीं है। मैं अपनी बात करूं तो मैंने जितनी मल्टी स्टारर फिल्में की हैं, पहली बात तो कि फिल्में अच्छी थीं.. दूसरी बात की फिल्म में मेरे काम की बहुत तारीफ की गई। इस मामले में मैं बहुत लकी हूं। यदि आपके सामने कोई अच्छा एक्टर है जो आप और भी ज्यादा मेहनत से काम करते हैं।

    तानाजी को लेकर क्या तैयारी चल रही है?

    तानाजी को लेकर क्या तैयारी चल रही है?

    फिलहाल फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है। यह काफी बड़े स्केल पर शूट होने वाली है। मार्च तक फिल्म फ्लोर पर आ जाएगी। लेकिन प्री- प्रोडक्शन काफी काम करना है।

    किसी रोल से निकलने के लिए क्या करते हैं?

    किसी रोल से निकलने के लिए क्या करते हैं?

    मैं रोल में ज्यादा घुसता ही नहीं हूं.. कि निकलना पड़े (हंसते हुए)। कैमरा ऑन होता है.. मैं एक्टिंग करता हूं, कैमरा ऑफ होता है, मैं नॉर्मल हो जाता हूं। मैं घंटों तक रिहर्सल नहीं करता।

    हाल ही में काजोल ने कहा था, आपसे उन्हें काफी डांट पड़ती है क्योंकि वह बिना सोचे कुछ भी बोल देती हैं?

    हाल ही में काजोल ने कहा था, आपसे उन्हें काफी डांट पड़ती है क्योंकि वह बिना सोचे कुछ भी बोल देती हैं?

    नहीं, डांटता नहीं हूं, लेकिन कई बार वो कुछ ऐसा बोल देती है कि खुद नहीं समझ पाती। हालांकि सभी उसे जानते हैं तो किसी को कुछ जस्टिफाई करने की जरूरत नहीं पड़ती।

    English summary
    In an exclusive interview Ajay Devgn shares views on his upcoming film Baadshaho. He also shared his views on his 26 years of bollywood journey.
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