For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    गोद लेने की पूरी कोशिश में है मैडोना

    By Staff
    |

    मलावी के एक न्यायधीश ने रेज़िडेंसी क़ानून के तहत मैडोना की गोद लेने की अर्ज़ी ठुकरा दी थी. मलावी के क़ानून के तहत कोई विदेशी मलावी के बच्चों को गोद नहीं ले सकता.

    लेकिन मैडोना के वकील ने इस सिलसिले में फिर से अर्ज़ी दाख़िल की है.

    मश्हूर पॉप स्टार ने रविवार को नेशन समाचार पत्र को बताया कि वो चिफ़ुंडू जेम्स को घर, शिक्षा और स्वास्थ की सुविधा देने का एक मौक़ा चाहती हैं.

    चिफ़ुंडू के नाम का अर्थ मर्सी यानी दया होता है. उस बच्ची को अब मर्सी जेम्स नाम दे दिया गया है.

    समाचार पत्र का कहना है कि मैडोना ने उनके प्रश्नों का उत्तर ई-मेल के ज़रिए दिया है.

    बच्चों के लिए काम करने वाली एक संस्था 'सेव द चिल्ड्रन' का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद लेने की वजह से एक ऐसी व्यवस्था बनती जा रही है जिसमें या तो बच्चों का उनके घरों से अपहरण हो रहा है या फिर माँ-बाप बच्चों को छोड़ रहे हैं.

    बच्चों के लिए काम करने वाली एक संस्था 'सेव द चिल्ड्रन' का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद लेने की वजह से एक ऐसी व्यवस्था बनती जा रही है जिसमें या तो बच्चों का उनके घरों से अपहरण हो रहा है या फिर माँ-बाप बच्चों को छोड़ रहे हैं.

    चिफ़ुंडू अब भी उसी अनाथालय में रह रही है जिसमें डेविड बांडा रहता था. डेविड बांडा वही लड़का है जिसे मैडोना ने सबसे पहले गोद लिया था.

    अगर 50 वर्षीय गायिका के आवेदन पत्र पर बच्ची उन्हें मिल जाती है तो डेविड और मैडोना के अपने बच्चों लॉर्डेस और रौको को चिफ़ुंडू के रूप में एक बहन मिल जाएगी.

    समाचार पत्र के मुताबिक़ मैडोना ने कहा, "मैं मर्सी को घर देना चाहती हूँ, एक प्यार करने वाला पारिवारिक माहौल, बेहतरीन शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना चाहती हूँ."

    उन्होंने कहा, "मेरा विश्वास है कि डेविड की तरह एक दिन ये बच्ची भी मलावी लौट कर आएगी और अपने लोगों और अपने देश की सहायता करेगी."

    मैडोना का आवेदन पत्र इसलिए ख़ारिज कर दिया गया था कि उस दक्षिण अफ़्रीकी देश के क़ानून के अनुसार गोद लेने वाले माँ-बाप को कम से कम 18 से 24 महीनों तक उस देश का निवासी होना चाहिए.

    अभी तक न्यायधीश के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ दी गई अर्ज़ी पर सुनवाई की तारीख़ तय नहीं हुई है.

    मैडोना के अपने दो बच्चे हैं, उन्होंने दक्षिण अफ़्रीकी देश से एक बच्चे को गोद लिया था.

    मैडोना ने कहा, "हालांकि मुझे सलाह दी गई है कि मैं सुनवाई से पहले मर्सी को गोद लेने की अपनी इच्छा के बारे में लोगों से बात नहीं करूं लेकिन मैं मलावी के लोगों और दुनिया भर में फैले अपने दोस्तों से मिलने वाले सहयोग की सराहना करना चाहती हूँ."

    विवाद

    मैडोना ने तीन साल पहले मलावी के एक बच्चे को गोद लिया था और इसके बाद विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि मलावी के क़ानूनों के अनुसार कोई विदेशी वहाँ के बच्चों को गोद नहीं ले सकता.

    बच्चों के लिए काम करने वाली एक संस्था 'सेव द चिल्ड्रन' का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद तभी लेना चाहिए जब कोई और विकल्प न हो और ऐसा तभी करना चाहिए जब यह पूरी तरह से साबित हो जाए कि बच्चा अनाथ ही है.

    संस्था ने मैडोना से अनुरोध किया है कि वे अपने इस निर्णय पर फिर विचार करें.

    उसका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चे को गोद लेने की वजह से एक ऐसी व्यवस्था बनती जा रही है जिसमें या तो बच्चों का उनके घरों से अपहरण हो रहा है या फिर माँ-बाप बच्चों को छोड़ रहे हैं.

    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X