शकीरा की सफलता का राज 'गरीबी'

कुछ ऐसा ही दावा पॉप गायिका शकीरा ने किया। उनका कहना है कि उनका बचपन जितनी गरीबी में बिता उस डर ने उन्हें सफलता का स्वाद चखने उतनी अधिक प्रेरणा दी। वह कहती हैं, "जब मैं आठ साल की थी तब मेरे पिता दिवालिया हो गए थे। मुझे वह दिन अच्छी तरह से याद है जब मुझे एहसास हुआ कि हमारी जिंदगी की सभी सुख-सुविधाएं समाप्त हो रही हैं। हमारी जिंदगी बहुत अच्छी थी, हमारे पास दो कारें थीं और मेरे पिता का एक सफल व्यापार था और फिर अचानक एक दिन हमने सब कुछ गंवा दिया।"
वह कहती हैं कि उनके पिता उन्हें यह दिखाने के लिए एक पार्क में ले गए कि उनसे भी ज्यादा गरीब कोई है। शकीरा ने वहां नंगे पैर अनाथ बच्चों को देखा। वह कहती हैं कि बच्चों की वह तस्वीर उनके दिमाग पर छप गई और उन्होंने खुद से वादा किया कि वह एक दिन सफलता हासिल करेंगी।
वह कहती हैं कि वह आज जो कुछ भी है इसमें उन अनाथ बच्चों का योगदान है। अठारह वर्ष की उम्र में सफलता हासिल करने के बाद शकीरा ने बच्चों की मदद के लिए कोलंबिया में अपना पहला संस्थान शुरू किया। तब से वह लगातार बच्चों की शिक्षा में योगदान दे रही हैं।


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