पब्लिसिटी खत्म कर देगी रॉकेट की मिस्ट्री
रॉकेट सिंह की कमजोर मार्केटिंग के बाबत जब निर्देशक शमित अमीन से पूछा गया कि यशराज बैनर की फिल्म होने के बाद भी इस मूवी की मार्केंटिंग कमजोर क्यों है? तो शमित ने जवाब दिया कि हालाँकि फिल्म का सब्जेक्ट ही मार्केटिंग है लेकिन हम कई बार फिल्म की सफलता के लिए पब्लिसिटी करने के चक्कर में फिल्म को पहले ही बेच देते हैं। मतलब फिल्म की मार्केटिंग से कहानी सब के सामने पहले ही आ जाती है और फिल्म के रिलीज होने के बाद लोगों के पास ऐसी कोई जिज्ञासा नहहीं बचती जिस की वजह से लोग फिल्म देखने आएं।
शमित का कहना है कि फिल्म की लो प्रोफाइल मार्केंटिंग असल में मार्केटिंग स्ट्रैटजी का ही हिस्सा है। ये स्ट्रैटजी दूसरों से जरा हट कर है। हमे लगता है कि फिल्म की स्टोरी और कास्ट को लेकर रहस्य जितना बरकरार रहेगा लोग उतना अधिक हॉल की ओर रुख करेंगे। क्योंकि लोगों में फिल्म की मिस्ट्री को जानने के लिए उत्सुकता रहेगी।
पर शमित तीर जब निशाने पर लग जाए तीरंदाज तभी बनना चाहिए, एक्सपेरिमेंट हमेशा सक्सेज नहीं होते।


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