जब विनोद खन्ना ने जाहिर की थी यौन संबंध बनाने की इच्छा, बोले- मैं कोई संत नहीं, मुझे भी ज़रूरत है...

विनोद खन्ना को बॉलीवुड का दिक्कत अभिनेता कहा जाता है और आपको बता दें कि उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है. लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी फिल्मों की वजह से हर किसी के दिलों पर अपनी छाप छोड़ दी है. बता दें कि विनोद खन्ना अपनी रियल लाइफ में काफी बोल्ड और बिंदास है नजर आते थे. इतना ही नहीं एक्टर के कई किस्से ऐसे हैं कि फिल्मों में उन्हें रोमांटिक और इंटिमेट सीन देते हुए बेकाबू होते हुए देखा गया है. जैसे की फिल्म दयावान में माधुरी दीक्षित के साथ में रोमांटिक सीन करते वक्त वह बेकाबू हो गए थे.
विनोद खन्ना की ज़िन्दगी में इंटिमेट रिलेशनशिप था बेहद ज़रूरी
लेकिन आपको बता दें कि एक बार विनोद खन्ना ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी इच्छाओं को जाहिर किया था. उन्होंने बिना किसी झिझक के इस बात को कुबूल लिया था कि उनकी जिंदगी में इंटिमेट रिलेशनशिप यानी कि यौन रिश्ते काफी ज्यादा अहम है. एक्टर ने तो इंटरव्यू के दौरान यह तक कह दिया था कि वह कोई संत नहीं है जो किसी भी महिला से प्यार नहीं करेंगे या फिर उनके साथ में यौन संबंध नहीं बनाएंगे.
विनोद खन्ना ने जताई थी यौन संबंध बनाने की इच्छा
विनोद खन्ना ने अपनी जरूरतों का जिक्र करते हुए इंटरव्यू के आगे यह भी कहा कि "मैं एक बैचलर था और अगर महिलाओं की बात की जाए तो मैं कोई संत नहीं हूं. मुझे भी यौन संबंध बनाने की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी हर किसी को होती है. महिलाओं के बदौलत ही आज हम यहां हैं. अगर यौन संबंध नहीं होते तो हम यहां पर नहीं होते. इसीलिए किसी को मेरे महिलाओं के साथ होने पर आपत्ति क्यों होती है?"
गीतांजलि से 1971 में रचाई थी शादी
लेकिन अगर हम विनोद खन्ना की लव लाइफ की बात करें तो आपको बता दें कि उनकी कॉलेज के दिनों में गीतांजलि नाम की एक लड़की से मुलाकात हुई और एक्टर को उनसे प्यार हो गया. जिसके बाद में दोनों ने शादी रचा ली. 1971 में गीतांजलि से एक्टर को दो बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना हुए. लेकिन इसके बाद में विनोद खन्ना की जिंदगी में अमृता सिंह आईं और 1989 फिल्म बटवारा के दौरान विनोद खन्ना और अमृता सिंह ने साथ में काम किया. दोनों एक दूसरे पर अपना दिल हार बैठे.
विनोद खन्ना ने ले लिया था सन्यास
लेकिन आपको बता दें कि जब इस फिल्म की शूटिंग खत्म हुई तो दोनों का रिश्ता भी खत्म हो गया. जिसके बाद में कुछ सालों के बाद विनोद खन्ना ने अपना घर बार और फिल्में छोड़कर सन्यास ले लिया. वह ओशो के एक आश्रम में रहने चले गए और गीतांजलि ने विनोद खन्ना को भी तलाक देने का फैसला ले लिया.
आश्रम से लौटने के बाद कविता से रचाई थी शादी
लेकिन आपको बता दें कि जब विनोद खन्ना कुछ सालों के बाद में ओशो के आश्रम से वापस आए तो उनकी मुलाकात कविता नाम की एक महिला से हुई और दोनों को प्यार हो गया. इस तरह से विनोद खन्ना और कविता की लव स्टोरी शुरू हुई और 1990 में दोनों ने शादी की. कविता की शादी के बाद में विनोद खन्ना साक्षी और श्रद्धा के पिता बन गए.


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