पीके के बाद आया पीकू, जानिए फिल्मी किरदारों के अजीबोगरीब नाम
मुंबई।फिल्मों में अजीबोगरीब नाम रखने का ट्रेंड नया नहीं है। लेकिन आजकल अजीब नामों की आंधी सी आ गई है। पीके ने ऐसे ही इंडस्ट्री में तहलका मचाया था कि अब अमिताभ बच्चन पीकू लेकर आ रहे हैं। अब ये पीकू कौन है इसके बारे में तो हम भी ज़्यादा नहीं जानते पर आपको याद कराते हैं फिल्मों के कुछ ऐसे ही अजीबोगरीब बेतुके से नाम जिनका किरदारों से कोई मेल नहीं था-

पीके, आमिर खान
आमिर ने वैसे ही फिल्म के बारे में इतना सस्पेंस बना दिया है वहीं ट्रेलर में भी उनका नाम लेते हुए अनुष्का कहती हैं कि एक बूंद भी न पी थी उसने, पर नाम था उसका पीके।
चार्ली, शाहरूख खान
अब चोर का नाम चार्ली थोड़ा अजीब नहीं है? शाहरूख खान का नाम यूं तो था चंद्रमोहन। एक नाम 40 के दशक का तो दूसरा अगले दशक का, ये तो बिल्कुल ही कुछ भी था।
रांचड़दोस चांचड़/ रैंचो
थ्री इडियट्स का यह नाम लोगों में वाइरस की तरह फैल गया था। रांचड़दास चांचड़ नाम भी ऐसा ही अजीब था कि आदमी हैरत में पड़ जाए।
फुनसुख वांगड़ू
अगर थ्री इडियट्स करीना कपूर अपना सरनेम चेंज नहीं करना चाहती तो कोई अचंभा नहीं है। वैसे भी इतनी खूबसूरत करीना और नाम पिया वांगड़ू...not done!
कैलेंडर, सतीश कौशिक
मिस्टर इंडिया में जब सतीश कौशिक गुनगुनाते हुए आते हैं मेरा नाम है कैलेंडर तो दर्शक हंस देते हैं। किसके मां बाप अपने बच्चों का नाम कैलेंडर रखते हैं भला?
सर्किट, अरशद वारसी
मुन्ना भाई का सर्किट वाकई इफेक्टिव था। अरशद वारसी ने अपने नाम के साथ पूरा न्याय किया था। इसके बाद फिल्मों में ऐसे नामों की बाढ़ आ गई थी। वसूली, सुनामी, कांटा भाई...जैसे नाम ऐसे कैरेक्टर की पहचान बन गए।
नत्था, पीपली लाइव
पीपली लाइव के नत्था को कोई भूल नहीं सकता। भोला भाला, सीधा सादा। घर के नाम पर सबकुछ न्योछावर करने वाला नत्था। इस फिल्म ने और नत्था ने खूब पहचान कमाई।
क्राइम मास्टर गोगो
क्राइम मास्टर गोगो को कोई नहीं भूल सकता। जितना मज़ाकिया ये नाम था उतना ही ज़बर्दस्त किरदार। अंदाज़ अपना अपना अगर आज भी लोग याद रखते हैं तो उसमें शक्ति कपूर का भी हाथ है।
चुलबुल पांडे, सलमान खान
सलमान खान का यह नाम इतना अजीब नहीं भी लगे तो उन्होंने अपनी चुलबुली एक्टिंग और अजीबोगरीब हरकतों से इस किरदार को यादगार बना दिया।
लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, मैं हूं ना
न न...नाम में कुछ अजीब नहीं है पर नाम अगर कूल, डैशिंग, हैपेनिंग कॉलेज डूड का हो तो अजीब है न । अब बेचारे ज़ाएद अपना नाम बदल कर लकी नहीं रखते तो उनकी इमेज का तो हो जाता बंटाधार।
मोगैंंबो, अमरीश पुरी
मोगैंबो खुश हुआ तो वो कह देता था पर ऐसे नाम पर खुश कैसे होता था यह कोई नहीं समझ पाया। मोगैंबो ने जब भी यह डायलॉग बोला होगा उसे अपना नाम रखने वाले पर गुस्सा तो ज़रूर आया होगा।


Click it and Unblock the Notifications