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    एक ब्लॉकबस्टर के बाद.. बैक 2 बैक.. दो फ्लॉप 'खान' फिल्में.. OUCH

    By Neeti
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    बात कर रहे हैं निर्देशक कबीर खान की। साल 2015 में ब्लॉकबस्टर बजरंगी भाईजान के बाद निर्देशक से दर्शकों की उम्मीद काफी ज्यादा बढ़ गई थी। आखिर हो भी क्यों ना.. कबीर खान ने बॉलीवुड को न्यूयॉर्क जैसी फिल्में भी दी हैं। 

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    लेकिन अफसोस बजरंगी भाईजान के बाद कबीर खान की फिल्मों में कमर्शियल एंगल ज्यादा देखा जाने लगा। और इसका असर सीधा दर्शकों पर दिखा। शायद कबीर समझ नहीं पाए कि दर्शकों को उनकी फिल्म इसीलिए पसंद आती थी.. क्योंकि वह कमर्शियल होते हुए भी वास्तविकता से करीब लगती थी। 

    tubelight

    2015 में ही रिलीज हुई फैंटम.. और 2017 में रिलीज हुई ट्यूबलाइट से कबीर खान ने दर्शकों को लुभाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। यहां जानें ट्यूबलाइट क्यों रही फेल- 

    फिल्म की कहानी

    फिल्म की कहानी

    फिल्म की कहानी 1962 के भारत- चीन युद्ध के इर्द- गिर्द घूमती है.. साथ ही गांधीजी के आदर्शों की बात करती है.. साथ ही दोस्ती, भाईचारे की बात करती है..

    कुल मिलाकर एक ही कहानी में कबीर खान ने दर्शकों को इतना उलझा दिया कि कुछ भी समझ ना आया पाया।

    बजरंगी भाईजान इफैक्ट

    बजरंगी भाईजान इफैक्ट

    फिर से सीधा सादा सलमान खान.. फिर से बच्चे के साथ सलमान की दोस्ती.. फिर से दो देशों के बीच की कहानी..

    तो दर्शक दोबारा बजरंगी भाईजान ही क्यों ना देख लें.. जो ट्यूबलाइट में पैसे खर्च करें।

    बेदम स्क्रीनप्ले

    बेदम स्क्रीनप्ले

    फिल्म की स्क्रीनप्ले काफी कमजोर दिखी है.. शायद इसीलिए क्योंकि निर्देशक खुद कंफ्यूज थे कि उन्हें दिखाना क्या है।

    सलमान को लिया For Granted

    सलमान को लिया For Granted

    इसे लोग सच मानें या झूठ.. लेकिन कबीर खान ने सलमान खान के स्टारडम की बदौलत ही ट्यूबलाइट को गढ़ डाली। लेकिन दर्शकों ने जता दिया कि उन्हें स्टार नहीं.. कंटेंट चाहिए। कबीर खान ने खुद कहा था कि सलमान की सलाह पर उन्होंने फिल्म को ज्यादा कमर्शियल बनाने की कोशिश की है।

    लीक से हटकर

    लीक से हटकर

    लीक से हटकर किसी निर्देशक को तभी फिल्म बनाना चाहिए..जब आपके पास एक तगड़ी कहानी हो। यहां तो ना फैंस की पसंद वाले सलमान था.. ना ही कहानी।

    बिना हीरोइन, बिना गानों वाले.. सिर्फ रोते सलमान को दर्शकों ने बिल्कुल पसंद नहीं किया।

    गलत रीमेक

    गलत रीमेक

    कबीर खान के पास सलमान थे.. दमदार कास्ट था.. प्रोड्यूसर, बजट सारी सुविधा थी.. बावजूद इसे कबीर फेल रहे। क्योंकि उन्होंने कहानी ही बेदम रखी। हॉलीवुड रीमेक का भारतीयकरण करने के चक्कर में पूरी फिल्म बिखर कर रह गई।

    English summary
    Tubelight will be an eye opener for Kabir Khan that good content always wins over stardom.

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